160 किलो सोना पकड़ने के मामले में आया नया मोड़, जानिए
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एयरपोर्ट रोड पर गांव बाकरपुर में पुलिस द्वारा कुछ दिन पहले पकड़े गए 160 किलोग्राम सोने के मामले में नया मोड़ आ गया है। सोमवार को हिमाचल प्रदेश स्थित एजे गोल्ड कंपनी के वकील पुलिस के समक्ष पेश हुए और सोने संबंधी दस्तावेज पेश किए।
वहीं, सोहाना पुलिस ने दावा किया कि सोना एक नंबर का है। वहीं, दूसरी तरफ सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सोहाना थाना के एसएचओ पवन कुमार ने कंपनी के वकीलों के पेश होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सोने संबंधी सभी दस्तावेज पेश किए गए। सोना एक नंबर का है।
जानकारी के मुताबिक, सोहाना पुलिस ने कुछ दिन पहले एयरपोर्ट रोड पर गांव बाकरपुर के पास एक क्रेटा गाड़ी पकड़ी थी। पुलिस ने जब गाड़ी की चेकिंग की तो उसमें से बोरियों और लकड़ी के बॉक्स से सोने की ईंटें बरामद हुई थीं।
इस दौरान जो व्यक्ति सोना लेकर जा रहे थे, उन्होंने बताया था कि सोना हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एजे गोल्ड रिफाइनरी का है। वह इसे दिल्ली से लेकर आए हैं।
कंपनी का मालिक राजनीति में आजमा चुका है किस्मत
जबकि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। वहीं, जब पुलिस ने उनके रिकॉर्ड चेक किए तो पता चला कि उन्होंने पूरे रास्ते में कहीं भी टोल नहीं चुकाया था।
इसके बाद पुलिस ने कार में सवार तीनो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके अलावा तीन अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने साफ किया था कि अगर सोने के मालिक पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
मोहाली से सोना पहुंच गया डेराबस्सी
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले सोहाना थाने की पुलिस बरामद सोने को खजाना आफिस में जमा करवाने गई थी, लेकिन खजाना आफिस के सीनियर अधिकारियों ने बताया था कि उनके पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में सोने को डेराबस्सी में रखने का फैसला लिया था।
गोल्ड कंपनी का मालिक राजनीति में आजमा चुका है किस्मत
पता चला है कि हमीरपुर की जिस कंपनी में सोना जा रहा था। उस कंपनी के मालिक का इलाके में अच्छा रसूख है। वह आजाद उम्मीदवार के रूप में हमीरपुर जिले के एक हलके से चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने नादौन के पास अपनी कंपनी स्थापित की थी।