{"_id":"5783becc4f1c1b0f7913d56a","slug":"fraud-lady-arrested-drug-smuggler-lady-arrested-chandigarh-police-crime-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफीम व नकली करेंसी का पैकेट देने वाली महिला गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अफीम व नकली करेंसी का पैकेट देने वाली महिला गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Jul 2016 09:14 PM IST
विज्ञापन
नशा
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फाइलों के बीच करीब 2.600 किलो अफीम व 15 लाख रुपये की जाली करेंसी का पैकेट देने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम को पुलिस ने महिला के साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को महिला को जिला अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। पुलिस अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी नवदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बठिंडा निवासी आरोपी महिला लवप्रीत कौर को बीकानेर के गांव चरनावाला से पकड़ा गया है। बाद में उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ राज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। महिला फाइलों के बीच 2.600 किलो अफीम व 15 लाख रुपये के नकली नोट छिपाकर बिजनेसमैन सुखबीर सिंह शेरगिल के अकाउंटेंट को देकर उसको फंसाया था।
पुलिस ने बताया कि महिला ने पूछताछ केदौरान बताया कि जो अफीम उसने अकाउटैंट की कार में रखी थी वो उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ राज सिंह ने ही अपने एक साथी से अरेंज करवा कर दी थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि जब शेरगिल के अकाउंटेंट को अफीम दी गई, तो उसमें शेरगिल के पार्टनर जटाना की जो फोटो निकली थी वो उन्होंने इंटरनेट से निकाली थी।
विज्ञापन
एसपी बराड़ के मुताबिक पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब इंफोटैक की सूचना भी इंटरनैट से निकाली थी, बाकी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि इस बात में कितना सच है। उनका कहना है कि अगर इस मामले में किसी और के बारे में सुराग लगता है, तो पुलिस जांच के बाद और गिरफ्तारी कर सकती है।
महिला के साथी कुलदीप सिंह को पुलिस मंगलवार को जिला अदालत में पेश करेगी। पुलिस अब तक इस मामले में यूटी पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर तरसेम सिंह राणा, वकील जतिन सलवान, नरिंदर सिंह और नवजोत सिंह धालीवाल को गिरफ्तार किया था। चारो आरोपी इस समय बुडैल जेल में बंद है।
यह था मामला
16 जून 2016 को सुखबीर सिंह शेरगिल को एक नंबर से व्हाट्स ऐप पर मैसेज आया कि पंजाब इंफोटेक कंपनी में कर्नल दुआ के जाली हस्ताक्षर कर वहां पर करोड़ों की हेरफेर की गई थी और कहा गया कि वह उन्हें अहम फाइलों सौंपना चाहता है ताकि उन्हें उनके अपने केस में मदद मिलेगी। शेरगिल वहां खुद नहीं गए और उन्होंने अपना अकाउंटेंट भगवान सिंह को भेज दिया था। उधर से उस नंबर से कॉल करने वाले ने पुलिस को सूचना दे दी कि एक व्यक्ति सैक्टर-38 वेस्ट में टैक्सी स्टैंड के पास भारी मात्रा में अफीम की तस्करी करने जा रहा है।
भगवान सिंह को उक्त स्टैंड पर महिला पंजाब सरकार का टैग लगी फाइलें पकड़ा कर चली गई, लेकिन पुलिस ने ट्रैप लगाया हुआ था, तो भगवान सिंह उसमें फंस गया। पुलिस ने जब फाइलें चैक की तो उसमें से 2.600 किलो अफीम व 15 लाख की फेक करंसी बरामद हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी नवदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बठिंडा निवासी आरोपी महिला लवप्रीत कौर को बीकानेर के गांव चरनावाला से पकड़ा गया है। बाद में उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ राज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। महिला फाइलों के बीच 2.600 किलो अफीम व 15 लाख रुपये के नकली नोट छिपाकर बिजनेसमैन सुखबीर सिंह शेरगिल के अकाउंटेंट को देकर उसको फंसाया था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि महिला ने पूछताछ केदौरान बताया कि जो अफीम उसने अकाउटैंट की कार में रखी थी वो उसके साथी कुलदीप सिंह उर्फ राज सिंह ने ही अपने एक साथी से अरेंज करवा कर दी थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि जब शेरगिल के अकाउंटेंट को अफीम दी गई, तो उसमें शेरगिल के पार्टनर जटाना की जो फोटो निकली थी वो उन्होंने इंटरनेट से निकाली थी।
विज्ञापन
एसपी बराड़ के मुताबिक पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब इंफोटैक की सूचना भी इंटरनैट से निकाली थी, बाकी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि इस बात में कितना सच है। उनका कहना है कि अगर इस मामले में किसी और के बारे में सुराग लगता है, तो पुलिस जांच के बाद और गिरफ्तारी कर सकती है।
महिला के साथी कुलदीप सिंह को पुलिस मंगलवार को जिला अदालत में पेश करेगी। पुलिस अब तक इस मामले में यूटी पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर तरसेम सिंह राणा, वकील जतिन सलवान, नरिंदर सिंह और नवजोत सिंह धालीवाल को गिरफ्तार किया था। चारो आरोपी इस समय बुडैल जेल में बंद है।
यह था मामला
16 जून 2016 को सुखबीर सिंह शेरगिल को एक नंबर से व्हाट्स ऐप पर मैसेज आया कि पंजाब इंफोटेक कंपनी में कर्नल दुआ के जाली हस्ताक्षर कर वहां पर करोड़ों की हेरफेर की गई थी और कहा गया कि वह उन्हें अहम फाइलों सौंपना चाहता है ताकि उन्हें उनके अपने केस में मदद मिलेगी। शेरगिल वहां खुद नहीं गए और उन्होंने अपना अकाउंटेंट भगवान सिंह को भेज दिया था। उधर से उस नंबर से कॉल करने वाले ने पुलिस को सूचना दे दी कि एक व्यक्ति सैक्टर-38 वेस्ट में टैक्सी स्टैंड के पास भारी मात्रा में अफीम की तस्करी करने जा रहा है।
भगवान सिंह को उक्त स्टैंड पर महिला पंजाब सरकार का टैग लगी फाइलें पकड़ा कर चली गई, लेकिन पुलिस ने ट्रैप लगाया हुआ था, तो भगवान सिंह उसमें फंस गया। पुलिस ने जब फाइलें चैक की तो उसमें से 2.600 किलो अफीम व 15 लाख की फेक करंसी बरामद हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।