Ludhiana News: गिरफ्त में गैंगस्टर पुनीत बैंस के चार गुर्गे, लुधियाना पुलिस का दावा- वारदात से पहले पकड़ा
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुभम अरोड़ा और गैंगस्टर पुनीत बैंस में पुरानी रंजिश है। दोनों के पास काफी संख्या में युवा जुड़े हैं। दोनों गुट अपना वर्चस्व कायम रखने की खातिर गैंगवार को अंजाम देते हैं। इससे पहले सेक्टर- 32 और कुछ दिन पहले नीला झंडा गुरुद्वारा साहिब रोड पर भी दोनों गुटों में मारपीट हो चुकी है।
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पंजाब के लुधियाना में हथियार के बल पर लूट की योजना बना रहे गैंगस्टर पुनीत बैंस उर्फ मनी बैंस गुट के चार गुर्गों को थाना डिविजन तीन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों को इलाके में ही गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दो देसी कट्टे 315 बोर और तेजधार हथियार बरामद किए हैं।
इनकी पहचान कोहाड़ा के पास जीके काउंटी में किराए के मकान में रहने वाले दीपू कुमार उर्फ दीप, इस्लामगंज निवासी जतिन बैंस, खुड्ड मोहल्ला निवासी नवीन मसीह और खुड्ड मोहल्ला निवासी जतिन मोंगा उर्फ ट्रेंडी के रूप में हुई है, जबकि पुनीत बैंस गुट का मुख्य आरोपी विशाल जैकब उर्फ विशाल गिल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि पुलिस पार्टी ने इलाके में नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुनीत बैंस गुट के साथ संबंध रखते हैं और इन पर पहले भी हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज हैं। ये सभी इलाके में बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सूचना के आधार पर सभी को काबू कर लिया।
तलाशी के दौरान इनके कब्जे से पिस्तौल और अन्य हथियार मिले। पुलिस के मुताबिक आरोपी किराए के मकान में कुछ समय पहले ही रहने आए थे। आरोपियों ने फ्लैट मालिक को कुछ पैसे भी एडवांस भी दे दिए थे और कुछ पैसे आने वाले समय में देने थे। उसी बकाया पैसे के लिए उन्होंने लूट की योजना बना डाली। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कुछ समय पहले सेक्टर-32 में गोली चलाई गई थी, इस मामले में ये शामिल थे।
दो गुटों में होती थी वर्चस्व की जंग
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुभम अरोड़ा और गैंगस्टर पुनीत बैंस में पुरानी रंजिश है। दोनों के पास काफी संख्या में युवा जुड़े हैं। दोनों गुट अपना वर्चस्व कायम रखने की खातिर गैंगवार को अंजाम देते हैं। इससे पहले सेक्टर- 32 और कुछ दिन पहले नीला झंडा गुरुद्वारा साहिब रोड पर भी दोनों गुटों में मारपीट हो चुकी है।
आरोपी वृंदावन इलाके में घूमने गए थे तो वहां से सस्ते भाव में पिस्तौल खरीदकर लाए थे। सीपी ने कहा कि इन पर पहले भी हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। सभी जमानत पर जेल से बाहर हैं। जेल से आने के बाद फिर से वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि विशाल गिल को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि इलाके में वारदातों पर भी अंकुश लगाया जा सके।