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ब्लड बैंक कर्मचारी से पहले की बातें, फिर ब्लैकमेल कर मांगे एक लाख, महिला सहित 5 गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
Updated Thu, 02 Aug 2018 09:46 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : demo pic
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शहर पुलिस ने हनीट्रैप में लोगों को फंसाकर व उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने फतेहाबाद में नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में तैनात एक कर्मचारी को हनीट्रैप में फंसाने का प्रयास किया था। हालांकि कर्मचारी द्वारा समय रहते पुलिस को सूचित करने से न केवल वो खुद सुरक्षित रहा बल्कि उसे ब्लैकमेल करने वाला पूरा गिरोह ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला, उसका पति व उसके तीन अन्य साथी हैं। आरोपियों की पहचान शेखुपुर दड़ोली निवासी सुनील, बनवाली निवासी धर्मबीर, उसकी पत्नी स्नेहा, फतेहाबाद के बीघड़ रोड़ निवासी जयसिंह व खैरातीखेड़ा रोड़ निवासी विकास के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर थाने में पत्रकारवार्ता के दौरान थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज ने बताया कि फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के ब्लडबैंक में तैनात तेजा सिंह के पास लगभग तीन माह पहले उसके एक रिश्तेदार के मार्फत बनावाली निवासी धर्मबीर व उसकी पत्नी स्नेहा आए और नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने को कहा। इस पर तेजा सिंह ने उसकी मदद कर दी। तेजा सिंह के मुताबिक इस दौरान स्नेहा ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और बार-बार उसको फोन करती रही।
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गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला, उसका पति व उसके तीन अन्य साथी हैं। आरोपियों की पहचान शेखुपुर दड़ोली निवासी सुनील, बनवाली निवासी धर्मबीर, उसकी पत्नी स्नेहा, फतेहाबाद के बीघड़ रोड़ निवासी जयसिंह व खैरातीखेड़ा रोड़ निवासी विकास के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शहर थाने में पत्रकारवार्ता के दौरान थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज ने बताया कि फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के ब्लडबैंक में तैनात तेजा सिंह के पास लगभग तीन माह पहले उसके एक रिश्तेदार के मार्फत बनावाली निवासी धर्मबीर व उसकी पत्नी स्नेहा आए और नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने को कहा। इस पर तेजा सिंह ने उसकी मदद कर दी। तेजा सिंह के मुताबिक इस दौरान स्नेहा ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और बार-बार उसको फोन करती रही।
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सांकेतिक तस्वीर
तेजा सिंह का कहना है कि बार-बार स्नेहा ही उसे फोन करती थी, उसने आज तक एक बार भी उसको फोन नहीं किया। इस बीच अचानक से स्नेहा का पति कुछ लोगों के साथ उसके पास आया और उसे रेप व अन्य मामलों में फंसाने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की डिमांड रखी। जब उसने गरीबी का हवाला देते हुए इतना पैसा देने में असमर्थता जाहिर की तो आरोपियों ने बाद में पहले उन्होंने सत्तर हजार व फिर पचास हजार मांगे। इसके बाद 20 हजार रुपये में सौदा तय किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता तेजा सिंह ने इसकी जानकारी अपने साथी स्टाफ सदस्यों को दी और सभी ने मिलकर शहर थाने में सारी बात सुनाई।
इस पर पुलिस ने तेजा सिंह के जरिये आरोपियों को पैसे लेने के लिए बस स्टैंड के पास बुलवा लिया। जैसे ही आरोपियों ने तेजा सिंह से 20 हजार रुपये पकड़े, उसी समय पुलिसकर्मियों ने सभी आरोपियों को धर दबोचा।
एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने बताया कि आरोपियों को गुरूवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा और कोर्ट से आरोपियों का एक दिन का रिमांड मांगा जाएगा ताकि पता चल सके कि इससे पहले इन्होंने ऐसे कितने लोगों को ब्लैकमेल कर रखा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों में शामिल विकास नामक युवक ने शिकायतकर्ता को सीआईए का कर्मचारी बनकर फोन करके समझौते के लिए डराया भी था।
इस बीच आरोपियों की कार से पुलिस को 5 लाख 79 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। धर्मबीर का कहना है कि उसके खेत में ट्यूबवेल का काम चल रहा है और इसके लिए सामान लेने के लिए उसने ये पैसे अपने पिता के बैंक खाते से निकलवाए हैं। पुलिस अब इन पैसों को लेकर भी जांच की बात कह रही है।
इस पर पुलिस ने तेजा सिंह के जरिये आरोपियों को पैसे लेने के लिए बस स्टैंड के पास बुलवा लिया। जैसे ही आरोपियों ने तेजा सिंह से 20 हजार रुपये पकड़े, उसी समय पुलिसकर्मियों ने सभी आरोपियों को धर दबोचा।
एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने बताया कि आरोपियों को गुरूवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा और कोर्ट से आरोपियों का एक दिन का रिमांड मांगा जाएगा ताकि पता चल सके कि इससे पहले इन्होंने ऐसे कितने लोगों को ब्लैकमेल कर रखा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों में शामिल विकास नामक युवक ने शिकायतकर्ता को सीआईए का कर्मचारी बनकर फोन करके समझौते के लिए डराया भी था।
इस बीच आरोपियों की कार से पुलिस को 5 लाख 79 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। धर्मबीर का कहना है कि उसके खेत में ट्यूबवेल का काम चल रहा है और इसके लिए सामान लेने के लिए उसने ये पैसे अपने पिता के बैंक खाते से निकलवाए हैं। पुलिस अब इन पैसों को लेकर भी जांच की बात कह रही है।