{"_id":"5856b6d64f1c1baa60c05f64","slug":"faridkot-suicide-families-suicide-now-sit-probe-punjab-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ परिवार के 4 लोगों ने की थी खुदकुशी, अब SIT करेगी जांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक साथ परिवार के 4 लोगों ने की थी खुदकुशी, अब SIT करेगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sun, 18 Dec 2016 09:48 PM IST
विज्ञापन
S.i.t (special Investigation Team)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीजीपी ने करीब तीन माह पहले शहर में एक ही परिवार के चार सदस्यों के खुदकुशी करने के मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए डीआईजी बठिंडा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में डीआईजी के अलावा फिरोजपुर व मोगा के एसपी को भी शामिल किया गया है। यह जानकारी डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को पीड़ित परिवार की तरफ से दायर याचिका पर शुरू हुई सुनवाई के दौरान पुलिस का पक्ष रखते हुए दी।
हाईकोर्ट में पीड़ित परिवार ने याचिका दायर करके जिला पुलिस पर खुदकुशी मामले में सुसाइड नोट के आधार पर केस न दर्ज करने और आरोपियों को बचाने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डीजीपी को पूरे मामले की बारीकी से जांच करने और उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। दो दिन पहले हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान डीजीपी ने हाईकोर्ट को अवगत करवाया था कि पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है। इस याचिका पर अब 23 जनवरी को सुनवाई होगी।
मालूम हो कि सोसाइटी नगर में अपने पड़ोसी परिवार के साथ हुए झगड़े में पुलिस के कार्रवाई न करने और शिअद नेताओं के आरोपियों को शह देने से परेशान होकर जगतार सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व दो बेटियों को साथ लेकर राजस्थान नहर में कूदकर जान दे दी थी। मरने वाले उक्त परिवार ने जिला योजना कमेटी के चेयरमैन हरजीत सिंह भोलूवाला समेत तीन अकाली नेताओं व दो कर्मचारी संगठनों के नेताओं के अलावा पड़ोसी परिवार से संबंधित छह लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में महज पड़ोसी परिवार को ही नामजद करके गिरफ्तार किया। वहीं शिअद नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के इस रवैए को लेकर ही जगतार सिंह के बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट में पीड़ित परिवार ने याचिका दायर करके जिला पुलिस पर खुदकुशी मामले में सुसाइड नोट के आधार पर केस न दर्ज करने और आरोपियों को बचाने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डीजीपी को पूरे मामले की बारीकी से जांच करने और उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। दो दिन पहले हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान डीजीपी ने हाईकोर्ट को अवगत करवाया था कि पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है। इस याचिका पर अब 23 जनवरी को सुनवाई होगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि सोसाइटी नगर में अपने पड़ोसी परिवार के साथ हुए झगड़े में पुलिस के कार्रवाई न करने और शिअद नेताओं के आरोपियों को शह देने से परेशान होकर जगतार सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व दो बेटियों को साथ लेकर राजस्थान नहर में कूदकर जान दे दी थी। मरने वाले उक्त परिवार ने जिला योजना कमेटी के चेयरमैन हरजीत सिंह भोलूवाला समेत तीन अकाली नेताओं व दो कर्मचारी संगठनों के नेताओं के अलावा पड़ोसी परिवार से संबंधित छह लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में महज पड़ोसी परिवार को ही नामजद करके गिरफ्तार किया। वहीं शिअद नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के इस रवैए को लेकर ही जगतार सिंह के बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
विज्ञापन