कुरुक्षेत्र में पटाखा गोदाम में विस्फोट से चार लोग घायल,100 फुट दूर गिरा मलबा, सहम गए लोग
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कुरुक्षेत्र के नरकातारी रोड स्थित रिहायशी क्षेत्र के पटाखा गोदाम में शुक्रवार शाम 5.30 बजे विस्फोट हुआ। जिसमें गोदाम मालिक व पड़ोसी महिला सहित चार लोग जख्मी हो गये। जबकि गोदाम के मलबे में एक-दो लोगों के दबे होने की आशंका है। घटना के करीब तीन घंटे बाद हाइड्रोलिक क्रेनों के आने पर बचाव अभियान शुरू हो सका जो देर रात तक जारी रहा।
रिहायशी इलाके में चल रहे इस पटाखा गोदाम में हुआ विस्फोट इतना भीषण था कि पहली मंजिल का लेंटर ढह गया जबकि शटर एवं लोहे के गेट के परखचे उड़ गये। विस्फोट के बाद गोदाम का मलबा उड़कर 100 फुट दूर जाकर गिरा। गोदाम के पड़ोस में रहने वाले पुरुषोत्तम शर्मा और सविता शर्मा ने बताया कि आसपास के घरों के खिड़कियों में लगे शीशे भी चटक गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कैंटर से पटाखा सामग्री की अनलोडिंग के दौरान ये हादसा हुआ। धमाके के दौरान गोदाम की पहली मंजिल पर गोदाम मालिक, एक महिला के अलावा मजदूर भी काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद कैंटर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
धमाके में गांव बारवा निवासी मामचंद (45) पुत्र रुलदा राम, गोदाम के मालिक राजकुमार पाहवा(45), गांव फतुहपुर निवासी बलकार (46) पुत्र धर्मा को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। इसके अलावा विस्फोट में घायल अंगूरी देवी (65) को लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही सांसद नायब सिंह सैनी, डीसी डॉ.एसएस फुलिया, एसपी आस्था मोदी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इसके अलावा एसडीएम अश्विनी मलिक सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू कराया। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
तीन घंटे बाद पहुंची क्रेनें
घटना शुक्रवार शाम 5: 30 बजे हुई थी। घटना के बाद आशंका जताई जा रही थी कि मलबे के नीचे दो लोग दबे हो सकते हैं,लेकिन घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन करीब तीन घंटे बाद शुरू हुआ। हाइड्रोलिक सहित कुल पांच क्रेनें शाम 8:00 बजे घटनास्थल पर पहुंची।
हादसे पर उठे पांच सवाल
1. नरकातारी रोड स्थित रिहायशी क्षेत्र में पटाखा गोदाम कैसे बनाया गया?
2. रिहायशी एरिया में बनाये गये पटाखा गोदाम पर प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की ?
3. स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी कोई एक्शन क्यों नहीं हुआ ?
4. पटाखों के कारोबार के लिए लाइसेंस था अथवा नहीं ?
5. अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र था अथवा नहीं ?