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डायमंड शोरूम में लूट: कोर्ट में विनोद बोला, थर्ड डिग्री देती है पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 May 2016 04:31 PM IST
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डायमंड शोरूम में लूट, मालिक गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
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सेक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड शोरूम में 14 करोड़ के हीरों की लूट का ड्रामा करने के आरोपी मालिक विनोद की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट में कहा कि विनोद पुलिस को जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। इसके बावजूद उसे थर्ड डिग्री दी जा रही है। उन्होंने पुलिस पर उसे इलेक्ट्रिक शॉक देने का आरोप भी लगाया।
इस आधार पर बचाव पक्ष ने विनोद का रोजाना मेडिकल करवाने के लिए पुलिस को आदेश देने की बात कही। इस पर अदालत ने इसके लिए अलग से याचिका दायर करने को कहा। साथ ही पुलिस को विनोद का मेडिकल करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा उसे नासिक ले जाने पर उसका वहां भी मेडिकल करवाने को कहा।
नाबालिग बेटे को थप्पड़ मारने का आरोप
बचाव पक्ष ने पुलिस पर आरोप लगाए कि उन्होंने विनोद के 16 वर्षीय बेटे और उनकी पत्नी के भाई को पूछताछ के नाम पर कस्टडी में रखा था। इस दौरान उनके नाबालिग बेटे को पुलिस ने थप्पड़ मारे और उसे धमकाया भी। वहीं पत्नी के भाई को भी गलत तरीके से परेशान किया।
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विनोद ने कहा, जो हुआ, गलत हुआ, मगर पुलिस गलत
सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से विनोद को अपनी बात कहने का मौका देने की अपील की। इस पर कोर्ट ने सहमति दी तो विनोद ने कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है। विनोद ने अदालत के समक्ष कहा कि जो कुछ हुआ, गलत हुआ। लेकिन, पुलिस अब उसे ही अपराधी बनाने में जुटी हुई है। शहर में पहले ही उसकी बहुत बेइज्जती हो चुकी है। वह पुलिस को पूरा सहयोग करने को तैयार है, लेकिन उसे थर्ड डिग्री दी जा रही है। इससे वह मानसिक तौर पर बहुत परेशान और बीमार है।
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इस आधार पर बचाव पक्ष ने विनोद का रोजाना मेडिकल करवाने के लिए पुलिस को आदेश देने की बात कही। इस पर अदालत ने इसके लिए अलग से याचिका दायर करने को कहा। साथ ही पुलिस को विनोद का मेडिकल करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा उसे नासिक ले जाने पर उसका वहां भी मेडिकल करवाने को कहा।
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नाबालिग बेटे को थप्पड़ मारने का आरोप
बचाव पक्ष ने पुलिस पर आरोप लगाए कि उन्होंने विनोद के 16 वर्षीय बेटे और उनकी पत्नी के भाई को पूछताछ के नाम पर कस्टडी में रखा था। इस दौरान उनके नाबालिग बेटे को पुलिस ने थप्पड़ मारे और उसे धमकाया भी। वहीं पत्नी के भाई को भी गलत तरीके से परेशान किया।
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विनोद ने कहा, जो हुआ, गलत हुआ, मगर पुलिस गलत
सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से विनोद को अपनी बात कहने का मौका देने की अपील की। इस पर कोर्ट ने सहमति दी तो विनोद ने कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है। विनोद ने अदालत के समक्ष कहा कि जो कुछ हुआ, गलत हुआ। लेकिन, पुलिस अब उसे ही अपराधी बनाने में जुटी हुई है। शहर में पहले ही उसकी बहुत बेइज्जती हो चुकी है। वह पुलिस को पूरा सहयोग करने को तैयार है, लेकिन उसे थर्ड डिग्री दी जा रही है। इससे वह मानसिक तौर पर बहुत परेशान और बीमार है।