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पूर्व कर्नल के साथ साइबर ठगी: अलग-अलग शहरों में चेक से निकाले गए पैसे, पुलिस ने फ्रीज करवाए छह लाख रुपये
Fri, 04 Apr 2025 12:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Apr 2025 12:33 PM IST
सार
चंडीगढ़ के सेक्टर 2ए में रहने वाले पूर्व कर्नल और उनकी पत्नी को आरोपियों ने 12 दिन तक घर के एक कमरे में हाउस अरेस्ट करके रखा। परिवार की हत्या की धमकी देकर आरोपियों ने दंपती से 3.40 करोड़ रुपये ठगे।
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पुलिस को भेजी गई ऑनलाइन शिकायत दिखाते पीड़ित बुजुर्ग दंपति
- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-2ए निवासी रिटायर्ड कर्नल दिलीप सिंह बाजवा व उनकी पत्नी को डिजिटल हाउस अरेस्ट के जरिए की गई 3.41 करोड़ की ठगी के मामले में यूटी पुलिस की साइबर टीमों ने जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। ठगों ने कर्नल से ट्रांसफर करवाए गए पैसे किसी एक शहर या एक बैंक खाते में नहीं बल्कि देश के कई राज्यों के अलग-अलग शहरों के कई बैंक खातों में करवाए।
ठगों ने यह पेमेंट भी एटीएम से नहीं बल्कि चेक के जरिए निकलवा ली है। हालांकि साइबर थाना पुलिस ने 6 लाख रुपये एक खातें में फ्रीज करवाए दिए है और करीब एक करोड़ रुपये फ्रीज करवाने की कार्रवाई अभी जारी है। करीब 2.35 करोड़ रुपये ठगों ने विद-ड्रा करवा लिए हैं। मामले में जांच के लिए चार टीमें गठित कर दी गई है।
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प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। ठगों ने कर्नल से ट्रांसफर करवाए गए पैसे किसी एक शहर या एक बैंक खाते में नहीं बल्कि देश के कई राज्यों के अलग-अलग शहरों के कई बैंक खातों में करवाए।
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ठगों ने यह पेमेंट भी एटीएम से नहीं बल्कि चेक के जरिए निकलवा ली है। हालांकि साइबर थाना पुलिस ने 6 लाख रुपये एक खातें में फ्रीज करवाए दिए है और करीब एक करोड़ रुपये फ्रीज करवाने की कार्रवाई अभी जारी है। करीब 2.35 करोड़ रुपये ठगों ने विद-ड्रा करवा लिए हैं। मामले में जांच के लिए चार टीमें गठित कर दी गई है।
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12 मार्च को आई थी काॅल
कर्नल दिलीप सिंह को बीती 12 मार्च को अज्ञात नंबर से आई कॉल के जरिए ठगों ने उनकी पत्नी सहित डिजिटल हाउस अरेस्ट कर दिया था। ठगों ने उनका आधार कार्ड व बैंक खाता 5038 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जुड़ा दिखाया गया था जिसमें उन्हें भी 20 प्रतिशत से हिसाब से कमीशन दी गई थी। ठगों ने बुजुर्ग कर्नल व उनकी बुजुर्ग पत्नी से अलग-अलग खातों में करीब 3.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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प्रारंभिक जांच में 6 लाख हुए फ्रीज, एक करोड़ की चल रही कार्रवाई
जैसे ही यह मामला यूटी पुलिस के पास पहुंचा तो इसे तुरंत साइबर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। साइबर थाना पुलिस ने बुजुर्ग कर्नल से वह खाता नंबर लिए जिनमें यह पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे। पुलिस ने तुरंत सबसे पहले बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 6 लाख रुपये एक बैंक खाते में फ्रीज करवा दिए है। इसके अलावा करीब एक करोड़ रुपये की राशि अलग-अलग बैंक खातों में जमा है और इस रकम को भी फ्रीज करवाने की कार्रवाई जारी है। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार कर्नल से ट्रांसफर करवाए गए करीब 2.35 करोड़ रुपये निकाल लिए गए है। इनमें से कुछ राशि राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कलकत्ता सहित दक्षिण के भी दो राज्यों के तीन शहरों में चेक के जरिए विद-ड्रा की जा चुकी है।यह भी पढ़ें: पीजीआई में ऑपरेशन का समय बदला: कोरोना से पहले की तर्ज पर आठ बजे तक होंगे, मरीजों को इंतजार से राहत
कमीशन पर लिए गए खातों में ट्रांसफर हुए पैसे
पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक जांच में सामने आया है कि ठगी की पूरी पेमेंट किसी एक में नहीं बल्कि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई है। बल्कि पुलिस ने उन बैंकों से सभी संपर्क किया है जिनमें यह पैसे ट्रांसफर हुए है। बैंक अधिकारियों की मदद से उन खातों की डिटेल भी निकाली जा रही है जिनमें से चेक के जरिए पेमेंट विद-ड्रा की गई है। सूत्रों के अनुसार ठगों ने यह पेमेंट अपने खातों में ट्रांसफर नहीं करवाई है। बल्कि यह सभी कमीशन पर लिए गए खाते है जिनमें खाताधारक को बतौर कमीशन देकर उसके खाते में यह पेमेंट ट्रांसफर करवाई गई है।तीन महीने में हाउस अरेस्ट के सात मामले आ चुके सामने
चंडीगढ़ में सबसे अधिक डिजिटल हाउस अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं। जनवरी से अभी तक करीब सात मामले हाउस अरेस्ट के सामने आए है जिनमें अधिकतर बुजुर्ग लोगों को घर के अंदर ही डिजिटल अरेस्ट करके उनसे लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए गए है। हालांकि साइबर थाना पुलिस अभी तक इन मामलों में केवल एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और बाकि सभी मामले अभी अनसुलझे है। हाउस अरेस्ट के जरिए की गई धोखाधड़ी के सभी मामले साइबर थाना में दर्ज किए गए हैं।इस मामले में देश के अलग-अलग कई शहरों में पैसे ट्रांसफर हुए है। प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए गए है और करीब एक करोड़ रुपये फ्रीज करवाने की कार्रवाई अभी जारी है। बकाया पैसे ठगों द्वारा निकाल गए है। जो पेमेंट ठगों द्वारा निकाली गई है, वह सारी चेक के जरिए विद-ड्रा की गई है। इस मामले में जांच के लिए कई टीमें गठित कर दी गई है और जल्द ही दबिश दी जाएगी। - गीताजंलि खंडेलवाल, एसपी साइबर क्राइम।