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चंडीगढ़ में साइबर ठगी: थाने से 50 मीटर दूर चार साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, तीन युवती गिरफ्तार

Tue, 13 Jan 2026 03:52 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 13 Jan 2026 03:52 PM IST
सार

दिल्ली के अशोक नगर और उत्तम नगर इलाके से संचालित इस नेटवर्क की तीनों आरोपी अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर खुद को बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनी की प्रतिनिधि बताती थीं।

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Cyber fraud in Chandigarh fake call center operating just 50 meters from police station
साइबर क्राइम - फोटो : AI

विस्तार

चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने चार साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। तीन युवतियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ग्राहकों को झांसा देकर ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन, गोल्ड कॉइन और अन्य कीमती सामान मंगवाती थीं।

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चौंकाने वाली बात यह है कि कॉल सेंटर उस जगह से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित था, जहां थाना मौजूद था। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य संचालक की तलाश में जुटी है।

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नाम बदलकर करते थे कॉल

पुलिस के अनुसार, दिल्ली के अशोक नगर और उत्तम नगर इलाके से संचालित इस नेटवर्क की तीनों आरोपी अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर खुद को बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनी की प्रतिनिधि बताती थीं। मीठे वादों और आकर्षक ऑफर्स के जरिए पीड़ितों को भरोसा दिलाकर ठगी का जाल बिछाया जाता था।

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ठगी पूरी होने के बाद रजिस्टर में पीड़ित के नाम और नंबर के आगे क्लोज्ड लिखा जाता था। जो व्यक्ति झांसे में नहीं आता था, उसके नंबर पर काटा लगाया जाता था। पुलिस को मौके से ठगी से जुड़ा रजिस्टर बरामद हुआ है।

मोबाइल हैक कर खाते से निकाली रकम

आरोपी खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग की कर्मचारी बताकर एसबीआई कार्ड की लिमिट बढ़ाने या कार्ड बदलने का लालच देती थीं। इसके बाद गूगल फॉर्म के नाम से संदिग्ध लिंक भेजा जाता था। लिंक क्लिक होते ही मोबाइल हैक हो जाता और आरोपियों के पास पूरी जानकारी चली जाती। इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ठगी की रकम से फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी वेबसाइट से महंगे फोन मंगवाए, गोल्ड कॉइन और अन्य कीमती सामान भी खरीदे।

बॉस की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली सेक्टर-18 की प्रतिमा शर्मा (41), सेक्टर-59 की रोशनी (30) और सेक्टर-27 की जूही सेठी (28) शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालक की तलाश में है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

28 फोन, 82 सिम कार्ड हुए थे बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 28 मोबाइल फोन, 82 सिम कार्ड, 55 एटीएम कार्ड, 27 लैंडलाइन फोन, 8 डोंगल, वायरलेस ट्रांसमीटर, पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। चार साल तक यह फर्जी कॉल सेंटर थाने की नजरों के सामने बेखौफ चलता रहा।

साइबर क्राइम से बचने के 5 जरूरी टिप्स

अजनबी कॉल से सतर्क रहें : किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और जानकारी साझा न करें।
क्रेडिट कार्ड या बैंक ऑफर पर ध्यान दें: किसी भी कॉल में क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने या कार्ड बदलने की बात पर जल्दी में निर्णय न लें।
सच्चाई की जांच करें : कॉल करने वाले खुद को बैंक या एजेंसी का कर्मचारी बता रहे हों, फिर भी पहले आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर पुष्टि करें।
वीडियो कॉल में जानकारी न दें : बैंक या कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए व्यक्तिगत या बैंक से जुड़ी जानकारी नहीं मांगती।
ऑनलाइन निवेश और सोशल मीडिया ऑफर्स से सावधान रहें : सोशल मीडिया और ऑनलाइन निवेश के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी होती है। ऐसे आकर्षक ऑफर्स से दूर रहें।
(जैसा कि साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ईरम रिजवी ने बताया)

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