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कोरोना: अपराधी ‘होम क्वारंटीन’...65 फीसदी कम हुई घटनाएं और अपराध, आंकड़ों पर एक नजर
Mon, 27 Apr 2020 11:44 AM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 27 Apr 2020 11:44 AM IST
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स्नैचिंग
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस के खौफ और कर्फ्यू के कारण चंडीगढ़ में क्राइम का ग्राफ करीब 65 फीसदी गिर गया है। इसे पुलिस की मुस्तैदी कहें या अपराधियों में संक्रमण का खौफ। कारण जो भी हो, मगर अपराध कम होने से कोरोना की जंग में जुटी पुलिस को काफी मदद मिल रही है। फिलहाल शहर में औसतन हर महीने करीब 126 मामले दर्ज किए जाते रहे थे जो कर्फ्यू के दौरान घटकर 44 के आंकड़े पर पहुंच गए हैं।
जनवरी महीने में शहर के अलग-अलग थानों में घरों व दुकानों में चोरी के अलावा स्नैचिंग, लूटपाट, दंगा, धोखाधड़ी, छेड़छाड़, दुष्कर्म, हत्या और वाहन चोरी जैसे वारदातों में पुलिस ने 135 मामले दर्ज किए थे। वहीं, फरवरी महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 139 हो गया जबकि मार्च में कुल 103 मामलों में केस दर्ज किए गए लेकिन अब कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने सिर्फ 44 मामलों में केस रजिस्टर्ड किया है जो अब तक किसी भी महीने में सबसे कम केस दर्ज हुए हैं।
आला अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ग्राफ घटने की एक वजह यह भी है कि लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद है। कर्फ्यू में किसी भी वाहनों को चेक किए बगैर जाने नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते इन क्राइम आंकड़ों में पुलिस ने अंकुश लगा लिया गया है।
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छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले नियंत्रण में
कर्फ्यू के दौरान चोरी, स्नैचिंग, लूटपाट, दंगा, धोखाधड़ी, सड़क हादसों में कमी के साथ साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म कि वारदातें भी थम गई हैं। पिछले तीन महीनों में छेड़छाड़ के 12 केस दर्ज हुए हैं जबकि कर्फ्यू में छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं, तीन महीनों में दुष्कर्म के 14 जबकि कर्फ्यू में सिर्फ एक मामला रजिस्टर्ड किया गया है।
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जनवरी महीने में शहर के अलग-अलग थानों में घरों व दुकानों में चोरी के अलावा स्नैचिंग, लूटपाट, दंगा, धोखाधड़ी, छेड़छाड़, दुष्कर्म, हत्या और वाहन चोरी जैसे वारदातों में पुलिस ने 135 मामले दर्ज किए थे। वहीं, फरवरी महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 139 हो गया जबकि मार्च में कुल 103 मामलों में केस दर्ज किए गए लेकिन अब कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने सिर्फ 44 मामलों में केस रजिस्टर्ड किया है जो अब तक किसी भी महीने में सबसे कम केस दर्ज हुए हैं।
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आला अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ग्राफ घटने की एक वजह यह भी है कि लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद है। कर्फ्यू में किसी भी वाहनों को चेक किए बगैर जाने नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते इन क्राइम आंकड़ों में पुलिस ने अंकुश लगा लिया गया है।
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छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले नियंत्रण में
कर्फ्यू के दौरान चोरी, स्नैचिंग, लूटपाट, दंगा, धोखाधड़ी, सड़क हादसों में कमी के साथ साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म कि वारदातें भी थम गई हैं। पिछले तीन महीनों में छेड़छाड़ के 12 केस दर्ज हुए हैं जबकि कर्फ्यू में छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं, तीन महीनों में दुष्कर्म के 14 जबकि कर्फ्यू में सिर्फ एक मामला रजिस्टर्ड किया गया है।
वाहन चोरी पर भी लगाम
पिछले तीन महीने में वाहन चोरी के मामले महीने दर महीने बढ़ते रहे हैं। जनवरी, फरवरी और मार्च में शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 137 दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया था लेकिन कर्फ्यू के दौरान वाहन चोरी के सिर्फ आठ मामले सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बॉर्डर सील होने के चलते वाहन चोरी पर काफी हद तक लगाम लगाया गया है।
सड़क हादसे भी 80 प्रतिशत घटे
बता दें कि कर्फ्यू के दौरान शहर की सड़कें सूनी पड़ी हुई हैं। इस कारण सड़क हादसों करीब 80 प्रतिशत तक कमी आई है। जनवरी महीने में 18, फरवरी में 17, मार्च में 12 जबकि कर्फ्यू के दौरान तीन सड़क हादसे सामने आए हैं। इनमें 1 लोगों की मौत हुई है।
बेवजह घूमने पर 423 एफआईआर, 661 गिरफ्तार
बता दें कि कर्फ्यू के दौरान डीसी नियमों की अवहेलना करने पर शहर के अलग-अलग थानों में पुलिस ने 423 एफआईआर दर्ज कर 661 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे ज्यादा ईस्ट डिवीजन के अंतर्गत लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं हैं। हालांकि इन सभी लोगों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
सड़क हादसे भी 80 प्रतिशत घटे
बता दें कि कर्फ्यू के दौरान शहर की सड़कें सूनी पड़ी हुई हैं। इस कारण सड़क हादसों करीब 80 प्रतिशत तक कमी आई है। जनवरी महीने में 18, फरवरी में 17, मार्च में 12 जबकि कर्फ्यू के दौरान तीन सड़क हादसे सामने आए हैं। इनमें 1 लोगों की मौत हुई है।
बेवजह घूमने पर 423 एफआईआर, 661 गिरफ्तार
बता दें कि कर्फ्यू के दौरान डीसी नियमों की अवहेलना करने पर शहर के अलग-अलग थानों में पुलिस ने 423 एफआईआर दर्ज कर 661 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे ज्यादा ईस्ट डिवीजन के अंतर्गत लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं हैं। हालांकि इन सभी लोगों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
अपराधियों के पास मौका नहीं, कोरोना का खौफ भी है
रिटायर्ड डीएसपी जगबीर सिंह का कहना है कि कर्फ्यू में कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकलना चाहता। ऐसे में अपराधियों के पास क्राइम करने का कोई मौका ही नहीं बचा है जबकि कई अपराधियों में इस बात का डर भी है कि चोरी, स्नैचिंग समेत अन्य वारदात को अंजाम देने से कोरोना संक्रमण उन तक न पहुंच जाए। यही कारण है कि क्राइम का ग्राफ पूरी तरह थम गया है। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस को भी सैल्यूट करता हूं कि वह दिन रात ड्यूटी पर तैनात होकर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं।
शहर में होने वाले क्राइम पर काफी हद तक रोक लग गई है। थाना पुलिस समेत सभी जवान जगह-जगह मुस्तैदी से डटे हुए हैं। हमारी कोशिश है कि आने वाले समय में क्राइम को इसी तरह कंट्रोल किया जा सके।
- नीलंबरी विजय जगदले, एसएसपी चंडीगढ़
शहर में होने वाले क्राइम पर काफी हद तक रोक लग गई है। थाना पुलिस समेत सभी जवान जगह-जगह मुस्तैदी से डटे हुए हैं। हमारी कोशिश है कि आने वाले समय में क्राइम को इसी तरह कंट्रोल किया जा सके।
- नीलंबरी विजय जगदले, एसएसपी चंडीगढ़