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वर्दी के गुरूर और शराब के नशे ने सिपाही को पहुंचाया जेल

Fri, 01 Nov 2013 09:42 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़।
अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Fri, 01 Nov 2013 09:42 AM IST
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cop sent jail for three months
एसएसपी की कोठी के बाहर नशे में धुत होकर गोली चलाने के मामले में दो कांस्टेबलों पर चंडीगढ़ पुलिस हत्या के प्रयास की धारा साबित नहीं कर सकी।
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इस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएस साहनी की अदालत ने वीरवार को बर्खास्त कांस्टेबल जगबीर सिंह और बलबीर सिंह पर लगाई हत्या के प्रयास की धारा को हटा दिया।

कोर्ट ने सबूतों के अभाव के कारण कांस्टेबल बलीर को बरी कर दिया जबकि धारा 336 के तहत जगबीर को तीन महीने की सजा सुनाई।

धारा 336 के तहत अधिकतम तीन महीने की सजा का प्रावधान है। जब कोई ऐसा काम करता है जिससे किसी की जान और सुरक्षा को खतरा होता है, तब यह धारा लगाई जाती है।
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अफसरों से मिलने की कर रहे थे जिद
आरोप है कि पीसीआर में तैनात कांस्टेबल जगबीर सिंह और बलीर सिंह की डयूटी 13 मार्च 2012 की रात को सेक्टर 17 बस स्टैंड चौक पर थी।

नशे में धुत होकर दोनों पुलिस हेडक्वार्टर गए और अफसरों से मिलने की जिद करने लगे। जमकर हंगामा करने के बाद दोनों बस स्टैैंड पर आए और बाद में सेक्टर 16 स्थित एसएसपी की कोठी पर पहुंच गए।
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वहां पर दोनो जवान अफसरों को गाली देने लगे। इतने में पीसीआर इंस्पेक्टर सतपाल सिंह मौके पर पहुंचा। आरोप है कि इंस्पेक्टर नशे में धुत कांस्टेबल को समझाने लगा तो उस पर जगबीर ने दो फायर कर दिए। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से कांस्टेबल को काबू किया।


वहीं बलीर को पहले ही काबू कर लिया था। इंस्पेक्टर सतपाल की शिकायत पर सेक्टर 17 थाना पुलिस ने पीसीआर कांस्टेबल जगबीर ओर बलीर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें बर्खास्त कर दिया था।
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