फिर बढ़ी राधे मां की मुसीबत, विहिप ने की शिकायत
राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर के खिलाफ एसएसपी कपूरथला को शिकायत दी गई है। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला अध्यक्ष सुरिंदर मित्तल ने राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर और उसके परिवार वालों पर कई गंभीर आरोप जड़े हैं।
मित्तल ने राधे मां समेत, उनकी बहन राजिंदर कौर उर्फ रज्जी मासी, सेवादार रितु सरीन उर्फ छोटी मां, राधे मां की बहू मेघा सिंह और उनके एड एजेंट संजीव गुप्ता के खिलाफ आस्था के नाम पर ठगने, अश्लीलता फैलाने, हिंदू धर्म की आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए हैं। एसएसपी राजिंदर सिंह ने मामले की जांच के आदेश एसपी (जांच) से करवाए जाने और बनती कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
मित्तल ने बताया कि 2002 में फगवाड़ा में राधे मां ने एक जागरण के दौरान खुद को मां जगदंबे का अवतार बताकर हिंदू धर्म का अपमान करने का प्रयास किया था। इसका उन्होंने विरोध किया था। दूसरे दिन भारी विरोध और पथराव हुआ।
बाद में एसडीएम अमरजीत पाल के दखल के बाद राधे मां ने कभी फगवाड़ा न आने और खुद में कोई शक्ति न होने की बात कहकर माफी मांगी थी। इसकी रिकार्डिंग उनके पास है। मित्तल ने बताया कि निक्की गुप्ता, जिसने अपने ससुरालवालों समेत राधे मां पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था, उनके संपर्क में आई और उनसे सहायता मांगी।
'राधे मां ने दबाव बनाने और रिश्वत देने की कोशिश की'
मित्तल ने बताया कि इसका पता चलने पर राधे मां ने उन पर दबाव बनाने और रिश्वत देने की कोशिश की। नौ अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल 2015 के अंतराल में राधे मां, उसकी बहन राजिंदर कौर, कथित छोटी मां और मेघा के रात को उनके मोबाइल पर फोन आने शुरू हो गए।
एक दिन उनको 98764-05171 नंबर से फोन आया। फोन करने वाली ने अपना परिचय राधे मां के तौर पर दिया और उन्हें पैसे लेने को कहा। अलग-अलग नंबरों से आए फोन से उसके साथ प्यार की बातें की गई। उनसे कहा गया कि वह उससे प्रेम करती हैं।
उनके न मानने पर राधे मां ने उनको श्राप तक देने की बात कही। इसकी सीडी उन्होंने सबूत के तौर पर शिकायत के साथ लगाई है। इस अलावा उसको वाट्सऐप पर मैसेज भी भेजे गए। मित्तल ने कहा कि जब कोई दांव नहीं चला तो संजीव गुप्ता ने मैसेज भेज कर उनको धमकाने का प्रयास किया।
मित्तल ने मांग की कि राधे मां, रज्जी मौसी, छोटी मां, मेघा सिंह और संजीव गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए और इनकी आवाजों का सैंपल लेकर दी गई सीडी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए। मित्तल ने साफ किया कि अगर उनको कोई नुकसान पहुंचा तो सभी आरोपी इसके जिम्मेदार होंगे।