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Karnal News: बस्तली झाल में डूबे पिता-पुत्र का नहीं लगा सुराग
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निसिंग। बस्तली झाल में बुधवार को नहर में डूबे पिता-पुत्र की तलाश वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही लेकिन दोनों का सुराग नहीं लग पाया। वीर बड़ालवा निवासी 45 वर्षीय सतनाम सिंह और उसका 23 वर्षीय बेटा मानुष खेतों में स्प्रे करने आए थे। इसी दौरान स्प्रे की टंकी में पानी भरते समय मानुष का पैर फिसल गया और वह नहर के तेज बहाव में जा गिरा। बेटे को डूबता देख सतनाम सिंह ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह भी बह गए।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पिता-पुत्र की तलाश शुरू की। वीरवार सुबह हाबड़ी हेड के पास नहर में लकड़ी की जाली लगाकर दोनों को खोजने का प्रयास किया गया। नहर में पानी का बहाव अधिक होने के कारण तलाश में दिक्कत आई। इसके बाद गोताखोर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नहर में सर्च अभियान शुरू किया।
गोताखोरों की टीम ने नहर के अलग-अलग हिस्सों में पिता-पुत्र की तलाश की। वहीं ग्रामीणों की ओर से नहर का पानी कम कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि पानी का बहाव कम होने पर तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया जा सके। परिजन और ग्रामीण लगातार नहर के किनारे डटे हुए हैं।
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मानुष की 10 माह पहले ही हुई थी शादी
ग्रामीण विकास, सुनील और रामलाल के अनुसार सतनाम सिंह और उसका बेटा मानुष खेत में स्प्रे करने के लिए गए थे। स्प्रे टंकी में पानी भरने के लिए मानुष नहर के पास गया था। पानी लेते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नहर में जा गिरा। मानुष को डूबता देख पिता सतनाम सिंह ने बिना देर किए बेटे को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। देखते ही देखते तेज बहाव दोनों को अपने साथ बहा ले गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि मानुष की शादी करीब 10 माह पहले ही हुई थी। उसके दो छोटे भाई हैं। परिवार की आजीविका में सतनाम सिंह और मानुष दोनों की अहम भूमिका थी। पिता-पुत्र के एक साथ नहर में डूबने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस की देखरेख में गोताखोर दोनों पिता-पुत्र की तलाश कर रही है।
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हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पिता-पुत्र की तलाश शुरू की। वीरवार सुबह हाबड़ी हेड के पास नहर में लकड़ी की जाली लगाकर दोनों को खोजने का प्रयास किया गया। नहर में पानी का बहाव अधिक होने के कारण तलाश में दिक्कत आई। इसके बाद गोताखोर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नहर में सर्च अभियान शुरू किया।
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गोताखोरों की टीम ने नहर के अलग-अलग हिस्सों में पिता-पुत्र की तलाश की। वहीं ग्रामीणों की ओर से नहर का पानी कम कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि पानी का बहाव कम होने पर तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया जा सके। परिजन और ग्रामीण लगातार नहर के किनारे डटे हुए हैं।
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मानुष की 10 माह पहले ही हुई थी शादी
ग्रामीण विकास, सुनील और रामलाल के अनुसार सतनाम सिंह और उसका बेटा मानुष खेत में स्प्रे करने के लिए गए थे। स्प्रे टंकी में पानी भरने के लिए मानुष नहर के पास गया था। पानी लेते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नहर में जा गिरा। मानुष को डूबता देख पिता सतनाम सिंह ने बिना देर किए बेटे को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। देखते ही देखते तेज बहाव दोनों को अपने साथ बहा ले गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि मानुष की शादी करीब 10 माह पहले ही हुई थी। उसके दो छोटे भाई हैं। परिवार की आजीविका में सतनाम सिंह और मानुष दोनों की अहम भूमिका थी। पिता-पुत्र के एक साथ नहर में डूबने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस की देखरेख में गोताखोर दोनों पिता-पुत्र की तलाश कर रही है।