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Bhadohi News: सामूहिक दुष्कर्म मामले में झूठी गवाही देने के आरोप में 31 लोगों पर प्राथमिकी

Fri, 11 Sep 2026 01:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:56 AM IST
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FIR registered against 31 people for giving false testimony in a gang-rape case
ज्ञानपुर। ऊंज पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में झूठी गवाही देने और जांच प्रभावित करने के आरोप में 31 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच प्रभावित करने के लिए 31 फर्जी शपथ पत्र दाखिल किए गए थे। थाने में न्याय न मिलने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद ऊंज पुलिस ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि तहरीर में बताया कि वह अनुसूचित जाति की है और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करती है। आरोप है कि फूलचंद और मनोज कुमार से उसकी पुरानी रंजिश चली आ रही है। करीब छह साल पहले 2020 में मनोज कुमार व अरविंद और उसके एक सहयोगी ने घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। घटना के बाद 2020 में ऊंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि विवेचना अधिकारी ने आरोपियों के प्रभाव में आकर मनगढ़ंत कहानी बनाई। झूठे तथ्यों के आधार पर फर्जी शपथ पत्र तैयार किए गए और आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। पीड़िता का आरोप है कि उसका बयान लिए बिना और शपथ पत्रों के साक्ष्य की जांच किए बिना ही मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।
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न्यायालय का हस्तक्षेप और दोबारा जांच
पीड़िता ने मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद पीड़िता का बयान दंड दर्ज किया गया। न्यायालय के आदेश पर मामले की दोबारा विवेचना शुरू हुई। जिसमें पीड़िता का आरोप है कि अभियुक्तों ने दोबारा तत्कालीन अधिकारियों से राय मशविरा कर बिना हस्ताक्षर और अधिवक्ता की पहचान के फर्जी शपथ पत्र बनवाए। 30 अक्तूबर 2021 को ये फर्जी शपथ पत्र पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर को प्रस्तुत किए गए। आरोप है कि बिना जांच-पड़ताल किए अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने वाली रिपोर्ट तैयार की गई। विवेचना अधिकारी ने फर्जी शपथ पत्रों का अवलोकन किए बिना ही आरोप पत्र में अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
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इन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी
कोर्ट के आदेश के बाद मामले में उसके गांव के ही राजपति बिंद, रामकिशुन बिंद, मुनायक सरोज, संतोष कुमार, शिवनायक सरोज, नीरज, सूरज, दीपक, नंदलाल, प्रमोद सरोज, प्रदीप, अर्जुन, संत लाल, अमरनाथ, फूलचंद और मनोज कुमार के साथ नेंबू लाल, जब्बार, असगर अली निवासी पूरेविश्वनाथ, ऊंज, पवन कुमार निवासी गोपालापुर, कालकानगर, कोईरौना, ओमप्रकाश सिंह, बबलू यादव, राजेश कुमार विश्वकर्मा, राममोहन यादव निवासी शिवाजीनगर, प्रयागराज, राजू पटेल निवासी बाबा बाग, अल्लापुर, प्रयागराज, छोटू व कमलेश कुमार ठाकुर निवासी बागंबरी गद्दी अल्लापुर, प्रयागराज, गौरव सिंह निवासी चरैया प्रतापगढ़, बलराम निवासी बक्शी खुर्द, दारानगर, प्रयागराज, अजय कुमार निवासी अल्लापुर, रिंकू कन्नौजिया निवासी कच्ची सड़क, दारागंजनगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान क्या चीजें निकलकर आ रही है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अगर कहीं विवेचना अधिकारी की संलिप्तता भी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक।
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