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Ghaziabad News: डीएमई पर कैंटर से कार की भिड़ंत, दो भाइयों की मौत, दोस्त घायल
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) पर बुधवार रात करीब दो बजे महरौली के सामने दिल्ली की ओर जा रही कार आगे चल रहे कैंटर में घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार अनुज (32) निवासी ग्राम भरना सिंभावली हापुड़ व उनके बुआ के बेटे व होटल कारोबारी निवासी सचिन कुमार (इंजीनियर 34) निवासी सिकंदरपुर ककोड़ी बाबूगढ़ हापुड़ की मौत हो गई। उनके दोस्त योगेंद्र (30) निवासी गुलिस्तानपुर सूरजपुर गौतमबुद्धनगर घायल है और उपचार चल रहा है।
एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि सचिन और याेगेंद्र बुधवार को दोस्त योगेंद्र के साथ नोएडा से काकोड़ी के लिए निकले और वहां से सिंभावली के भरना गए। नोएडा लौटते हुए उनको देर हाे गई। रात करीब दो बजे जब वह डीएमई पर महरौली गांव के सामने पहुंचे तो डिवाइडर के बगल से गुजर रही कैंटर में उनकी कार पीछे से घुस गई। घटना होने के बाद कैंटर चालक मौके से भाग निकला। राहगीर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उनको संयुक्त जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां अनुज और सचिन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। याेगेंद्र का उपचार चल रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कार सचिन चला रहे थे और उसके बराबर की सीट पर अनुज बैठे थे।
-ढाई साल का है छोटा बेटा :
सचिन के पिता धर्मवीर आर्मी से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके दो बेटे बेटियों में सचिन तीसरे नंबर के थे। सचिन का बड़ा बेटा हीरव ढाई साल और छोटा बेटा लडडू अभी महज दो माह का है। वह डिप्लोमा इंजीनियर थे, लेकिन नौकरी छोड़कर उन्होंने नोएडा के गौड़ सिटी में होटल शुरू किया था। अपनी पत्नी चंचल और बच्चों के साथ वह गौड़ सिटी में ही रहते थे। दोनों बेटे अभी अबोध हैं। पत्नी को भी चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी थी। जब परिवार को इस घटना का पता चला तो गांव में मातम छा गया और पत्नी बेहोश हो गई। हर कोई उनके व्यवहार की चर्चा करता नजर आया। शाम को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अनुज अभी अविवाहित थे। वह गांव में परिवार के साथ खेती किसानी का काम दिखवा रहे थे। दोनों में काफी लगाव था। परिजन उनके शव लेकर अपने गांव चले गए। पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों के परिजनों के आंसू नहीं थमे।
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-खंगाले गए सीसीटीवी, गति मिली तेज :
पुलिस ने डीएमई पर लगे सीसीटीवी खंगाले हैं। इसमें कार की गति 100 से अधिक होने की बात सामने आई है। पुलिस कार का तकनीकी मुआयना करा रही है। इसमें कैंटर चालक की भूमिका की भी जांच चल रही है। एसीपी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा।
एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि सचिन और याेगेंद्र बुधवार को दोस्त योगेंद्र के साथ नोएडा से काकोड़ी के लिए निकले और वहां से सिंभावली के भरना गए। नोएडा लौटते हुए उनको देर हाे गई। रात करीब दो बजे जब वह डीएमई पर महरौली गांव के सामने पहुंचे तो डिवाइडर के बगल से गुजर रही कैंटर में उनकी कार पीछे से घुस गई। घटना होने के बाद कैंटर चालक मौके से भाग निकला। राहगीर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उनको संयुक्त जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां अनुज और सचिन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। याेगेंद्र का उपचार चल रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कार सचिन चला रहे थे और उसके बराबर की सीट पर अनुज बैठे थे।
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-ढाई साल का है छोटा बेटा :
सचिन के पिता धर्मवीर आर्मी से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके दो बेटे बेटियों में सचिन तीसरे नंबर के थे। सचिन का बड़ा बेटा हीरव ढाई साल और छोटा बेटा लडडू अभी महज दो माह का है। वह डिप्लोमा इंजीनियर थे, लेकिन नौकरी छोड़कर उन्होंने नोएडा के गौड़ सिटी में होटल शुरू किया था। अपनी पत्नी चंचल और बच्चों के साथ वह गौड़ सिटी में ही रहते थे। दोनों बेटे अभी अबोध हैं। पत्नी को भी चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी थी। जब परिवार को इस घटना का पता चला तो गांव में मातम छा गया और पत्नी बेहोश हो गई। हर कोई उनके व्यवहार की चर्चा करता नजर आया। शाम को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अनुज अभी अविवाहित थे। वह गांव में परिवार के साथ खेती किसानी का काम दिखवा रहे थे। दोनों में काफी लगाव था। परिजन उनके शव लेकर अपने गांव चले गए। पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों के परिजनों के आंसू नहीं थमे।
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-खंगाले गए सीसीटीवी, गति मिली तेज :
पुलिस ने डीएमई पर लगे सीसीटीवी खंगाले हैं। इसमें कार की गति 100 से अधिक होने की बात सामने आई है। पुलिस कार का तकनीकी मुआयना करा रही है। इसमें कैंटर चालक की भूमिका की भी जांच चल रही है। एसीपी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा।