चंडीगढ़ रेप: लेडी कांस्टेबल ने पीड़िता पर डाला था दबाव
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दुराचारी कांस्टेबल गैंग मामले में पीड़िता ने दबाव में बयान बदले थे। इस सबके पीछे एक आरोपी कांस्टेबल की पत्नी की भूमिका सामने आ रही है। पत्नी भी चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल है। यह खुलासा खुद पीड़िता ने किया है। बुधवार को उसने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत में फिर से अपने बयान दर्ज कराने की अर्जी दी है। पीड़िता ने कहा है कि उसकी ओर से मजिस्ट्रेट के सामने दिए 164 के बयान ही सही माने जाएं। अदालत ने मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष को अपना जवाब रखने के लिए कहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को तय की है।
दबाव बनाने वालों की रिकार्डिंग भी
पीड़िता ने अदालत को बताया कि गत 21 मार्च को उस पर दबाव बना कर पिछले बयान से पलटने को मजबूर किया गया। बयान से पलटने के लिए एक आरोपी कांस्टेबल की पत्नी ने उस पर दबाव बनाया था। मेरे पास दबाव बनाने वालों की वीडियो और ऑडियो रिकार्डिंग भी मौजूद है। इसलिए अब फिर से बयान दर्ज कराए जाएं और 164 के बयान को ही सही माना जाए।
आरोपी कांस्टेबल से शादी और पैसे की सौदेबाजी
पीड़िता के वकील ने बताया कि अदालत पेश की गई आडियो और वीडियो रिकार्डिंग 35 मिनट की है। मामले में आरोपी कांस्टेबल अनिल की पत्नी (कांस्टेबल कविता) ने पीड़िता से संपर्क किया। पीड़िता की आरोपी कांस्टेबल अक्षय से शादी करवाने और उसका अकाउंट खोल कर उसमें पैसे जमा कराने की सौदेबाजी की गई। कांस्टेबल की पत्नी ने मामले में समझौता करवाने के लिए पीड़िता को सेक्टर 19 में बुलाया था।
पीड़िता के भाई की ओर से सुरक्षा के
लिए अदालत में अर्जी दायर की गई है। अर्जी में तर्क दिया गया है कि आरोपी
पक्ष लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहा है। आरोपियों के दोस्त खुड्डा
लाहौरा में रहते हैं और हम पर कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है।
आरोपी का मकान मालिक भी पलटा
इस मामले में आरोपी कांस्टेबल सुनील का मकान मालिक भी अपने पहले के बयान से बुधवार को पलट गया। खुड्डा लाहौरा निवासी मकान मालिक कमल सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसके सामने कमरे से कोई सुबूत जब्त नहीं किए थे। उसके अलावा अन्य गवाहों में सेक्टर 15 के दुकानदार अक्षय ने कहा कि पीड़िता ने दीवाली के पास तीन दिन उसकी दुकान पर काम किया था। सेक्टर 11 थाने के मालखाना मुंशी रामनिवास ने कहा कि मामले से जुड़े सबूत उसने मालखने में जमा किए थे। हेड कांस्टेबल रघुवीर सिंह ने कहा कि वह मामले से जुडे़ सबूतों को सीएफएसएल में जमा करवा कर आए।
पांच कांस्टेबलों के खिलाफ दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत
खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं क्लास की नाबालिग छात्रा ने पिछले साल 19 दिसंबर को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों के खिलाफ दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस विभाग ने पांचों कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त किया था। इस मामले में जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों पर शुरू से ही पीड़िता पर दबाव बनाने के आरोप लगे। इस वजह से पूरी एसआईटी गठित होने के कुछ दिन बाद ही बदलनी पड़ी। दूसरी एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। उसके बाद अदालत ने पांच कांस्टेबलों पर आरोप तय किए थे। 21 मार्च को पीड़िता दबाव में अपने बयानों से पलट गई थी।