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चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई लगवाने के नाम पर ठगे 42 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:58 AM IST
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चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : file photo
12वीं पास युवक को चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई लगवाने के नाम पर एक गिरोह ने 42 लाख की ठगी को अंजाम दिया। वर्ष 2014 से 2016 तक गिरोह सर्टिफिकेट, फिजिकल, लिखित परीक्षा, ट्रेनिंग, इंक्वायरी, मेडिकल, ज्वाइनिंग के नाम पर पीड़ित परिवार से रुपये वसूलता रहा। गिरोह की असलियत सामने आने पर पीड़ित परिवार ने रुपये वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी मिली। आखिरकार परिवार के मुखिया गुरमीत सिंह की तरफ से पुलिस थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने एक महिला समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश, जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है।
गांव अमृतसर कलां निवासी गुरमीत सिंह खेतीबाड़ी करता है। उसका बेटा अमृतपाल ने 12वीं तक पढ़ाई की हुई है। वर्ष 2014 में मोहाली के सेक्टर 70 का निवासी नवराज सिंह गुरमीत के घर आया। नवराज सिंह पहले सिरसा के गांव हिम्मतपुरा थेहड़ में रहता था। उसने गुरमीत से कहा कि अमृतपाल को पुलिस में भर्ती करवा दो, उसे चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई लगवा दूंगा। गुरमीत ने उससे कहा वो तो 12वीं पास है।
नवराज ने कहा मैं भी तो चंडीगढ़ पुलिस में हवलदार लगा हुआ हूं, घर बैठे सैलरी लेता हूं, मेरे मामा गुरभेज सिंह की पहुंच चंडीगढ़ पुलिस में ऊपर तक है, डीआईजी रैंक से डीजी तक बैठना-उठना है। अमृतपाल को चंडीगढ़ से ही बीए का सर्टिफिकेट दिलवा देंगे। किसान गुरमीत सिंह बेटे के चक्कर में नवराज सिंह की बातों में आ गया। बेटे के एएसआई लगाने की एवज में रुपये देने को तैयार हो गया।
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गांव अमृतसर कलां निवासी गुरमीत सिंह खेतीबाड़ी करता है। उसका बेटा अमृतपाल ने 12वीं तक पढ़ाई की हुई है। वर्ष 2014 में मोहाली के सेक्टर 70 का निवासी नवराज सिंह गुरमीत के घर आया। नवराज सिंह पहले सिरसा के गांव हिम्मतपुरा थेहड़ में रहता था। उसने गुरमीत से कहा कि अमृतपाल को पुलिस में भर्ती करवा दो, उसे चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई लगवा दूंगा। गुरमीत ने उससे कहा वो तो 12वीं पास है।
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नवराज ने कहा मैं भी तो चंडीगढ़ पुलिस में हवलदार लगा हुआ हूं, घर बैठे सैलरी लेता हूं, मेरे मामा गुरभेज सिंह की पहुंच चंडीगढ़ पुलिस में ऊपर तक है, डीआईजी रैंक से डीजी तक बैठना-उठना है। अमृतपाल को चंडीगढ़ से ही बीए का सर्टिफिकेट दिलवा देंगे। किसान गुरमीत सिंह बेटे के चक्कर में नवराज सिंह की बातों में आ गया। बेटे के एएसआई लगाने की एवज में रुपये देने को तैयार हो गया।
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तीन आरोपी रहते हैं मोहाली में
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
- फोटो : File Photo
सर्टिफिकेट से लेकर ज्वाइनिंग के नाम पर मांगते रहे रुपया
नवराज सिंह ने अमृतपाल का बीए का सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर शुरू में छह लाख लिए। फिर एएसआई का फॉर्म भरने के लिए दो लाख, लिखित परीक्षा के नाम पर पांच लाख। इसी बीच नवराज सिंह का मामा गुरभेज सिंह एक व्यक्ति को उनके घर लाया। उसने उसका परिचय इन्क्वायरी ऑफिसर के रूप में कराया। ऑफिसर को पांच लाख रुपये दिए। फिर ट्रेनिंग के नाम पर तीन लाख रुपये मांगे। इसके बाद नौकरी की ज्वाइनिंग नाम पर आखिर में 21 लाख रुपये गुरमीत सिंह से लिए।
ज्वाइनिंग लेटर मांगने पर भंडाफोड़
दो सालों तक किसान गुरमीत सिंह मुंह मांगे रुपये देता गया, लेकिन काफी दिन बाद जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो उसने नवराज से बात की। शुरू में नवराज सिंह टालमटोल करने लगा, लेकिन कुछ दिन बाद उसने गुरमीत से साफ कहा कि हमने तुम्हारे साथ धोखा किया है। गुरमीत ने रुपये वापस मांगे तो बदले में जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गुरमीत ने नवराज के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि नवराज सिंह लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने का गिरोह चलाता है। आरोप है कि गिरोह में उसका भाई, मां, जीजा, मामा गुरभेज सिंह शामिल हैं। गिरोह अभी तक काफी लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
तीन आरोपी रहते हैं मोहाली में
गुरमीत सिंह की शिकायत पर आरोपी नवराज सिंह, आजाद सिंह, कश्मीर कौर, नछत्र सिंह, गुरभेज सिंह, बलबीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन लोगों ने नौकरी लगवाने की एवज में 42 लाख की ठगी की। नछत्र सिंह गांव करीवाला का वासी है, जबकि नवराज सिंह, आजाद सिंह, कश्मीर कौर मोहाली के सेक्टर 70 में रहते हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्त में लिया जाएगा।
राजकुमार, जांच अधिकारी।
नवराज सिंह ने अमृतपाल का बीए का सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर शुरू में छह लाख लिए। फिर एएसआई का फॉर्म भरने के लिए दो लाख, लिखित परीक्षा के नाम पर पांच लाख। इसी बीच नवराज सिंह का मामा गुरभेज सिंह एक व्यक्ति को उनके घर लाया। उसने उसका परिचय इन्क्वायरी ऑफिसर के रूप में कराया। ऑफिसर को पांच लाख रुपये दिए। फिर ट्रेनिंग के नाम पर तीन लाख रुपये मांगे। इसके बाद नौकरी की ज्वाइनिंग नाम पर आखिर में 21 लाख रुपये गुरमीत सिंह से लिए।
ज्वाइनिंग लेटर मांगने पर भंडाफोड़
दो सालों तक किसान गुरमीत सिंह मुंह मांगे रुपये देता गया, लेकिन काफी दिन बाद जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो उसने नवराज से बात की। शुरू में नवराज सिंह टालमटोल करने लगा, लेकिन कुछ दिन बाद उसने गुरमीत से साफ कहा कि हमने तुम्हारे साथ धोखा किया है। गुरमीत ने रुपये वापस मांगे तो बदले में जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद गुरमीत ने नवराज के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि नवराज सिंह लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने का गिरोह चलाता है। आरोप है कि गिरोह में उसका भाई, मां, जीजा, मामा गुरभेज सिंह शामिल हैं। गिरोह अभी तक काफी लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
तीन आरोपी रहते हैं मोहाली में
गुरमीत सिंह की शिकायत पर आरोपी नवराज सिंह, आजाद सिंह, कश्मीर कौर, नछत्र सिंह, गुरभेज सिंह, बलबीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन लोगों ने नौकरी लगवाने की एवज में 42 लाख की ठगी की। नछत्र सिंह गांव करीवाला का वासी है, जबकि नवराज सिंह, आजाद सिंह, कश्मीर कौर मोहाली के सेक्टर 70 में रहते हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्त में लिया जाएगा।
राजकुमार, जांच अधिकारी।