Chandigarh: पहले एग्रीमेंट किया, करार टूटा तो चेक भेजे लेकिन रकम रोक ली, 25 लाख की ठगी में अब दो आरोपी काबू
साइबर सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मलकीत सिंह भुल्लर ने अरुणाचल प्रदेश के नीमा सेंज, सोमोंज चक्रवर्ती, पेमा नेसूर व अन्य के खिलाफ एसएसपी को शिकायत दी थी। ये सभी आईटी डेवलपमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, ईंटानगर, अरुणाचल प्रदेश के निदेशक हैं।
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चंडीगढ़ सेक्टर-34 स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी के निदेशक के साथ 25 लाख की ठगी के मामले में सेक्टर 34 थाना पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नीमा सेंज और सोमोंज चक्रवर्ती निवासी अरुणाचल प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने अदालत में पेश कर दोनों का तीन दिन का रिमांड लिया है। बता दें कि बीते 24 अप्रैल को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था।
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साइबर सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मलकीत सिंह भुल्लर ने अरुणाचल प्रदेश के नीमा सेंज, सोमोंज चक्रवर्ती, पेमा नेसूर व अन्य के खिलाफ एसएसपी को शिकायत दी थी। ये सभी आईटी डेवलपमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, ईंटानगर, अरुणाचल प्रदेश के निदेशक हैं।
शिकायतकर्ता का इनके साथ 24 जून 2014 को टीम बना काम करने का समझौता हुआ था। इसके अंतर्गत शिकायतकर्ता ने जून-जुलाई, 2014 में आरोपियों को 25 लाख रुपये दिए थे। आरोपी लेटर ऑफ इंटेंट नहीं दे सके। इस वजह से सरकार से ठेका भी हासिल न कर पाए। ऐसे में समझौते की शर्तों में नाकाम रहे।
आरोपियों से अक्तूबर, 2014 में 25 लाख रुपये वापस करने के लिए चेक भेजा। हालांकि, बैंक में लगाने पर यह रद्द हो गए। आरोपियों ने कुछ समय बाद फिर से चेक लगाने को कही मगर जनवरी, 2015 में फिर चेक रद्द हो गए। इसके पीछे कारण बताया गया कि रकम जारी करने वालों ने इसे रोक दिया है।