सावधान रहें, बढ़ रही क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी, हर दिन औसतन दो लोगों से हो रही ठगी
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अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो संभल जाइए, क्योंकि जालसाज अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को लिमिट बढ़ाने व नया कार्ड देने का लालच देकर ठगी कर रहे हैं। चंडीगढ़ साइबर सेल में पिछले एक महीने से क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी के मामलों में खासा इजाफा हुआ है। बीते वर्षों में जहां एक भी शिकायत नहीं मिल रही थी, वहीं अब रोजाना औसतन साइबर सेल को दो शिकायतें मिल रही हैं। लगातार बढ़ती शिकायतें साइबर सेल के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं।
साइबर सेल का मानना है कि आजकल ज्यादा से ज्यादा लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से ऐसे जालसाजों का गिरोह तेजी से सक्रिय हो रहा है। अब तक की जांच में सामने आया कि क्रेडिट कार्ड से जुड़ा कुछ डाटा बैंक से भी चोरी हो रहा है। इससे जालसाजों को क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का मोबाइल नंबर आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
मोबाइल पर फोन कर जालसाज लोगों के क्रेडिट कार्ड से रोजाना हजारों व लाखों की चपत लगा रहे हैं। चंडीगढ़ साइबर सेल के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना अलग-अलग तरह की ठगी की औसतन 30/35 शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन अब पिछले एक महीने में क्रेडिट कार्ड से होने वाली ठगी की शिकायत 25 से ज्यादा पहुंच गई है, लेकिन आप कुछ सावधानियां बरतकर ठगी से बचा जा सकता है।
ऐसे हो रही है क्रेडिट कार्ड से ठगी
शिकायतकर्ता महिला कृष्णा नंद चौबे ने बताया कि वह रायपुरखुर्द में रहती हैं। उनका आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है, लेकिन वह क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करती और इसकी सालाना फीस भी उनके लिए काफी ज्यादा है। इस वजह से इस कार्ड को ब्लॉक करवाने के लिए कस्टमर केयर से बात हुई थी। बीते 15 जनवरी को उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन पर एक युवती ने खुद का नाम निधि वर्मा बताकर कहा कि वह आरबीएल बैंक की तरफ से बोल रही है।
साथ ही उनसे बैंक से जुड़ी सभी जानकारी ले ली, लेकिन जब स्टेटमेंट चेक किया तो उसी दिन आठ हजार की ऑनलाइन खरीदारी हो चुकी थी। बाद में पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जालसाजों को कैसे पता लगा कि उन्हें क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाना है। इससे परेशान होकर उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल में दी।
युवतियों का सहारा ले रहे हैं जालसाज
साइबर सेल में आने वाली शिकायतों के अनुसार, ज्यादातर मामलों में ठगी का ट्रेंड लगभग एक जैसा है। इन शिकायतों में जालसाजों को क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी पहले से पता रहती है। धोखाधड़ी के लिए कॉल करने वालों में ज्यादातर युवतियां शामिल रहती हैं, जिससे ग्राहकों को लगता है कि कॉल उनके बैंक की तरफ से आया है और आसानी से लोगों को वह अपने झांसे ले लेती हैं। साइबर सेल के अनुसार, जालसाज पिछले एक महीने में लाखों रुपये की चपत लगा चुके हैं।
डाटा चोरी होने की आशंका
साइबर सेल में आने वाली शिकायतों में सबसे ज्यादा एक निजी बैंक के क्रेडिट कार्ड से होने वाली ठगी के मामले शामिल हैं। इन मामलों में धोखाधड़ी करने का ट्रेंड एक जैसा ही रहा है। साइबर पुलिस को शक है कि कहीं न कहीं जालसाज डाटा चोरी कर लगातार धोखाधड़ी कर रहे हैं। वहीं, साइबर पुलिस ने भी जालसाजों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बना दी हैं ताकि ऐसी ठगी पर रोक लगाया जा सके।
सावधान रहकर बच सकते हैं ठगी से : विशेषज्ञ
साइबर विशेषज्ञ राजेश राणा ने बताया कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय अगर कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए तो उनसे होने वाली ठगी को रोका जा सकता है।- सभी क्रेडिट और डेबिट कार्ड में लिंक नंबर पर ओटीपी आता है, इसे शेयर करने से बचें।
- अपने क्रेडिट व डेबिट कार्ड की जानकारी किसी को न दें।
- कार्ड में किसी तरीके की दिक्कत या फिर लिमिट बढ़वाने के लिए अपने स्थानीय बैंक से संपर्क करें।
- जालसाज क्रेडिट कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी बना लेते हैं, ऐसे में किसी को भी अपना कार्ड देने से बचें।
- क्रेडिट कार्ड से ठगी होने पर सबसे पहले अपने बैंक और फिर साइबर पुलिस को सूचना दें।
- कोशिश करें कि कम लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर क्रेडिट कार्ड की स्टेटमेंट की डिटेल जांचते रहे, गड़बड़ी लगने पर अपने बैंक से संपर्क करें।
क्रेडिट कार्ड से होने वाली ठगी की शिकायतों पर अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही है। टीम जालसाजों की पहचान करने में जुटी है। -रश्मि यादव, डीएसपी साइबर सेल।