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चंडीगढ़ निगम और क्रेस्ट घोटाले में खुलासा: तत्कालीन चीफ इंजीनियर और पूर्व IAS के कहने पर ट्रांसफर की गई रकम

Sat, 04 Apr 2026 02:06 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 04 Apr 2026 02:06 PM IST
सार

रिमांड के दौरान हुए इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब मामले की गहराई तक पहुंचने में जुट गई हैं। पुलिस आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है जबकि विशेष जांच दल (एसआईटी) जल्द ही पूर्व आईएएस अधिकारी को भी तलब कर सकता है।

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Chandigarh Corporation and CREST Scam Funds Transferred at Behest of Then Chief Engineer and Former IAS
चंडीगढ़ नगर निगम - फोटो : फाइल

विस्तार

चंडीगढ़ नगर निगम के 116 करोड़ रुपये और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी (क्रेस्ट) में 83 करोड़ के घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। आईडीएफसी के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है कि तत्कालीन चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा और एक पूर्व आईएएस अधिकारी के निर्देश पर पटियाला की एक फाउंडेशन को मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी।
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सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान हुए इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब मामले की गहराई तक पहुंचने में जुट गई हैं। पुलिस आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है जबकि विशेष जांच दल (एसआईटी) जल्द ही पूर्व आईएएस अधिकारी को भी तलब कर सकता है। इस बीच, पुलिस ने वीरवार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) नलिनी मलिक को मोहाली से गिरफ्तार किया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि नलिनी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही और उसने कई अहम डिजिटल सबूत भी नष्ट कर दिए हैं। पुलिस अब उसके खिलाफ सबूत मिटाने की धाराएं जोड़ने की तैयारी में है। 
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जांच में यह भी सामने आया है कि नलिनी मलिक ने फर्जीवाड़े के जरिये हरियाणा, ट्राइसिटी और दिल्ली एनसीआर में करोड़ों रुपये की संपत्तियां बनाई हैं। उसके पति के अकाउंट ऑफिसर होने के कारण दोनों ने अपने पद का फायदा उठाकर इस घोटाले को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। 
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इससे पहले पुलिस 31 मार्च को क्रेस्ट के अकाउंटेंट साहिल को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अबरोल भी पहले ही पकड़ा जा चुका है। गौरतलब है कि पुलिस रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को प्रोडक्शन वारंट पर हरियाणा से लाकर पूछताछ कर चुकी है जिनके खुलासों के आधार पर अब बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आ रही है।
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