सीबीआई ने रिश्वत लेते डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर व इंफोर्समेंट लेबर अफसर समेत तीन को किया गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बठिंडा की प्राइवेट फर्म के खामियों की सही रिपोर्ट और एनओसी क्लियर कराने के एवज में 1.3 लाख रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई ने मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लायमेंट कार्यालय के डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर व इंफोर्समेंट लेबर अफसर समेत बिचौलियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेश चंद्र शर्मा, (डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर) विवेक नाइक (इंफोर्समेंट लेबर अफसर), गुरमीत सिद्धू, (बिचौलिया), मुनीष गर्ग, (बिचौलिया) और अखंड राज सिंह (कंपनी कर्मचारी) के रूप में हुई है। सीबीआई ने शुक्रवार को आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में पेश कर पांच पांच दिन का रिमांड हासिल किया है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित केंद्रीय सदन मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लायमेंट कार्यालय के डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर महेश चंद शर्मा और लेबर इंफोर्समेंट अफसर विवेक नाइक कुछ प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर बठिंडा स्थित निजी कंपनियों से लेबर लॉ और ईपीएफ को लेकर उनसे महीने के हिसाब से पैसे लेते हैं।
सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाकर मामले में लेबर अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों को पंचकूला के सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया। बीते 8 मई को विवेक नाइक ने बठिंडा स्थित नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंस्पेक्शन किया था। इस दौरान कंपनी के दस्तावेजों में कुछ खामियां पाई गईं। कंपनी के कर्मचारी अखंड राज ने बिचौलिया गुरमीत को कहा कि वह प्रतिमाह के हिसाब से रुपये देता है तो विवेक उससे क्यों कह रहा है कि उसे अलग से आकर मिले।
इसके बाद गुरमीत ने विवेक से बात करते हुए कहा कि जल्द ही इकट्ठा हुए रुपये के साथ उससे मिलेगा। बीते 30 मई को बिचौलिया गुरमीत, मनीष एक अन्य व्यक्ति के साथ पंचकूला के सेक्टर-10 स्थित एक होटल में विवेक से मिलने पहुंचा। इस दौरान गुरमीत ने जेब से रुपये का पैकेट विवेक को पकड़ा दिया। जैसे ही विवेक ने रुपये अपनी जेब में रखे सीबीआई ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई की पूछताछ में सामने आया कि यह रिश्वत के 1.30 लाख रुपये उसके डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर महेश चंद शर्मा को जाने हैं। सीबीआई के कहने पर महेश को कॉल कि गई तो उन दोनों की बीच रिश्वत की रकम को लेकर हुई बातचीत में महेश की भूमिका सामने आई। इसके बाद सीबीआई ने डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर व इंफोर्समेंट लेबर अफसर महेश चंद्र शर्मा को भी गिरफ्तार किया।