{"_id":"5724f4ef4f1c1b4721a9169c","slug":"bribe-case-punjab-police-asi-caught-in-bribe-case-punjab-police-cbi-special-court-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत लेते पकड़ा गया था पंजाब पुलिस का ASI, एक साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिश्वत लेते पकड़ा गया था पंजाब पुलिस का ASI, एक साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
रिश्वत लेते पकड़ा गया था पंजाब पुलिस का ASI
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर स्वर्ण सिंह को रिश्वत मामले में एक साल की कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एसआई को 15 जनवरी 2010 को एक हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
एसआई स्वर्ण सिंह की ड्यूटी आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में थी। शिकायतकर्ता मिल्क कालोनी धनास निवासी गुलाम सबरी को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसिज एक्ट के एक मामले में ढाई साल कैद की सजा हुई थी। जिसके बाद उसकी संपत्ति की जांच पंजाब पुलिस द्वारा शुरू की जानी थी।
आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन के एसएचओ सरबजीत सिंह ने उसकी संपत्ति के फ्रीज आर्डर पास किए थे। स्वर्ण सिंह को गुलाम सबरी की गाड़ियों की अटैचमेंट के आर्डर सर्व करने के लिए नियुक्त किया गया था। सबरी की गाड़ियां जब्त न करने के नाम पर स्वर्ण सिंह रिश्वत मांगने लगा। पहले सबरी की संपत्ति की पॉजीटिव रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी। सबरी के इस रकम को देने में असमर्थता दिखाने पर एसआई ने पहली किश्त के रूप में एक हजार रुपये मांगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसआई स्वर्ण सिंह की ड्यूटी आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में थी। शिकायतकर्ता मिल्क कालोनी धनास निवासी गुलाम सबरी को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसिज एक्ट के एक मामले में ढाई साल कैद की सजा हुई थी। जिसके बाद उसकी संपत्ति की जांच पंजाब पुलिस द्वारा शुरू की जानी थी।
विज्ञापन
आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन के एसएचओ सरबजीत सिंह ने उसकी संपत्ति के फ्रीज आर्डर पास किए थे। स्वर्ण सिंह को गुलाम सबरी की गाड़ियों की अटैचमेंट के आर्डर सर्व करने के लिए नियुक्त किया गया था। सबरी की गाड़ियां जब्त न करने के नाम पर स्वर्ण सिंह रिश्वत मांगने लगा। पहले सबरी की संपत्ति की पॉजीटिव रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी। सबरी के इस रकम को देने में असमर्थता दिखाने पर एसआई ने पहली किश्त के रूप में एक हजार रुपये मांगे थे।
विज्ञापन