बटाला: अगवा तीन दिन का बच्चा बरामद, बेचने की थी योजना, पुलिस ने तीन महिलाओं को पकड़ा
बटाला के निजी अस्पताल से बच्चे को उठाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बच्चे को 24 घंटे में बरामद कर लिया और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। रंजिश में सगी मौसी ने वारदात की साजिश रची थी।
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बटाला के एक निजी अस्पताल से सोमवार को अगवा नवजात शिशु को पुलिस ने 24 घंटे में बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया है। मंगलवार को पुलिस ने शिशु को अस्पताल से अगवा करने वाली तीन महिलाओं रजिंदर कौर, रूपिंदर कौर और परमजीत कौर को भी काबू किया। रूपिंदर कौर आशा कार्यकर्ता है।
पुलिस जांच सामने आया है कि रंजिश की वजह से शिशु को अगवा करने की साजिश बच्चे की मौसी ने रची थी। मौसी शिशु को आगे किसी को बेचने वाली थी। फिलहाल तीन महिलाओं पर मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि मामले में अभी कुछ अन्य लोगों को भी नामजद किया जाएगा।
मंगलवार को एसएसपी बटाला मुखविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि सोमवार पुलिस को प्रगट सिंह निवासी गांव चीमा खुडी ने शिकायत दी थी कि एक निजी अस्पताल में उसके तीन दिन के बेटे को दो महिलाएं टीका लगाने के बहाने उठाकर वहां से रफूचक्कर हो गई हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने बच्चे की तलाश में एक मुहिम चलाई।
उन्होंने सोमवार रात को करीब नौ बजे गांव खैयाला से एक महिला से अगवा किया तीन दिन का नवजात को बरामद किया और उसके वारिसों के हवाले कर दिया। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि प्रगट सिंह की पहली पत्नी ने यह सारा ताना-बाना बुना था क्योंकि प्रगट सिंह अपनी पत्नी की छोटी बहन गोगी के साथ लिविंग रिलेशनशिप में रह रहा था और चार दिन पहले ही गोगी ने बटाला के अस्पताल में प्रगट सिंह के बच्चे को जन्म दिया था। गोगी की बहन नहीं चाहती थी कि यह बच्चा प्रगट और गोगी के पास रहे और उनका वंश आगे बढ़े।
वह उस बच्चे को अगवा करवाकर आगे किसी महिला को बेचना चाहती थी। अपनी योजना को सफल करने के लिए प्रगट की पहली पत्नी ने बच्चे को अगवा करने के लिए रजिंदर कौर, रूपिंदर कौर निवासी चीमा खुडी से संपर्क किया और पैसों का लालच देकर उनको यह काम करने के लिए कहा। रूपिंदर कौर गांव चीमा खुडी में आशा कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही है।
दोनों ने आगे परमजीत कौर निवासी अमृतसर और रोजी नामक दो महिलाओं को बच्चे को अगवा करने का काम सौंपा। सोमवार को रोजी और परमजीत कौर ने ही अस्पताल से तीन दिनों के शिशु को उठाया था। सोमवार को शिशु को उठाने के बाद बच्चे को रूपिंदर कौर और रजिंदर कौर के हवाले कर दिया। एसएसपी ने आगे बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि नवजात शिशु को आगे किसी व्यक्ति को जालंधर की एक महिला को बेचना था।