9 माह की गर्भवती ठंडे फर्श पर 5 घंटे तड़पी
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सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में नौ माह की गर्भवती दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसे बेड तक नहीं मिला। वीरवार दोपहर बाद करीब चार बजे बरवाला के स्वास्थ्य केंद्र से नौ माह की गर्भवती शहनाज को जनरल अस्पताल रेफर किया गया था।
यहां इंजेक्शन देने के बाद अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे बाहर सर्द फर्श पर लेटने को कहा। वह पहले तो गायनी ओपीडी के बाहर लेटी रही, लेकिन जब ठंड बर्दाश्त नहीं हुई तो मदद की गुहार लगाने लगी।
‘अमर उजाला’ की टीम रात नौ बजे जब मौके पर पहुंची तो महिला का फोटो खींचे जाने के पांच मिनट के बाद ही महिला को अंदर बुला लिया गया, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को छुपाया जा सके। महिला को करीब पांच घंटे तक इस हाल में छोड़ने के बारे में किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पहले भी हुई थी लापरवाही
गायनी ओपीडी में चेकअप कराने पहुंची एक गर्भवती महिला ने कुछ माह पहले स्ट्रेचर पर ही अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर बच्चे को जन्म दे दिया था। जब महिला चेकअप कराने पहुंची तो उसके साथ महिला अटेंडेंट भी थी।
दर्द से तड़पती महिला को अल्ट्रासाउंड कराकर लाने को कहा गया था, लेकिन कोई स्वास्थ्यकर्मी उसके साथ नहीं गया। अकेली महिला अटेंडेंट स्ट्रेचर पर उसे अल्ट्रासाउंड कक्ष तक ले गई और रास्ते में ही पेशेंट की डिलीवरी हो गई।
बच्चा स्ट्रेचर से नीचे भी गिर गया था। मामले को लेकर अस्पताल की पीएमओ डॉ. उषा गुप्ता का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मरीजों के लिए बेड के इंतजाम हैं। जो मरीज वार्ड के अंदर लेटना नहीं चाहते हैं, वही बाहर लेटते हैं।