विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: तरनतारन में दो थानेदारों को गिरफ्तार किया, अमृतसर में रिश्वत लेते एएसआई को दबोचा
अमृतसर में सोमवार को हुए हादसे में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इस समझौते की कॉपी देने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत लेते एएसआई को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
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भ्रष्टाचार रोधी हेल्पलाइन में मिली शिकायत के बाद तरनतारन में विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने तरनतारन के थानेदार गुरदास सिंह और बलविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। तरनतारन की पट्टी तहसील के थाना भिखीविंड के गांव तत्तले के बिक्रमजीत सिंह ने 27 मार्च 2022 को गुरदास सिंह, बलविंदर सिंह, मुख्य सिपाही सुकेश कुमार और पीएचसी रतन लाल थाना झब्बाल के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी एक वीडियो भी व्हाट्सएप किया था। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने चार मुलाजिमों के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों थानेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, अमृतसर में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते एएसआई को भी विजिलेंस ने दबोचा है।
गांव तत्तले के बिक्रमजीत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को बताया कि उनके बड़े भाई कुलविंदर सिंह ने सुरजीत कुमार और उनकी पत्नी रमन कुमारी की ओर से चलाए जा रहे स्कूल से 10वीं कक्षा पास की थी। सुरजीत ने उनके बड़े भाई से कहा कि वह उन्हें सेना में नौकरी लगवा सकता है। उनका एक रिश्तेदार सेना में है लेकिन उन्हें छह लाख रुपये की व्यवस्था करनी होगी।
उन्होंने किसी तरह से रिश्तेदारों से राशि लेकर छह अप्रैल 2010 को सुरजीत को दी लेकिन बाद में सुरजीत गांव छोड़कर चला गया। इस मामले में उन्हें सुरजीत के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर 2020 को आरोपी सुरजीत की बहू ने एनआरआई थाना कपूरथला में एक केस दर्ज करवाया, जिसमें पुलिस ने सुरजीत को गिरफ्तार किया था।
पता चलने पर उन्होंने 17 सितंबर को ही वर्तमान हवलदार गुरदास सिंह को आरोपी सुरजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लाने की बात कही। गुरदास सिंह ने 22 सितंबर 2020 को उनके बड़े भाई को झब्बाल थाने में बुलाकर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आरोपी ने रिश्वत की मांग उनके साथ आए तत्तल गांव के अमरीक सिंह के सामने की।
बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि 23 सितंबर 2020 को उन्होंने तरनतारन कोर्ट कांप्लेक्स में आरोपी सुरजीत को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए गुरदास सिंह को पांच हजार रुपये, उनके साथ पीएचसी रतन लाल को एक हजार रुपये दिया। इसके बाद प्रोडक्शन वारंट पर सुरजीत को झब्बाल थाने लाया गया।
25 सितंबर को थाने में एसएचओ के कमरे में उन्हें बुलाकर आरोपी से पैसे वापस दिलाने के लिए हवलदार बलविंदर सिंह ने 50 हजार और रुपये मांगे। इनकार करने पर उनके साथ गाली गलौज की। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत तत्कालीन एसएसपी और फिरोजपुर रेंज के आईजी को दी। ब्यूरो के एसएसपी परमपाल सिंह से इस संबंध में जब बात की गई तो उन्होंने विभाग द्वारा की गई किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया।
पांच हजार की रिश्वत लेते एएसआई गिरफ्तार
अमृतसर में सोमवार को हुए हादसे में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इस समझौते की कॉपी देने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत लेते एएसआई को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी योगेश्वर सिंह के नेतृत्व में बी डिवीजन के मुलाजिम पर की गई है।
पीड़ित नवदीप सिंह ने विजिलेंस टीम को बताया कि उनके पिता पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। सोमवार को उनके पिता का बैटरी रिक्शा चालक से एक्सीडेंट हो गया था। मामले में मौके पर ही समझौता हो गया और उनके पिता ने नुकसान की भरपाई कर दी। बी डिवीजन थाने में शिकायत थी तो उन्होंने जांच अधिकारी से समझौते की कॉपी देने को कहा। एएसआई कुलदीप सिंह ने पहले कार्रवाई का भय दिखाया और बाद में समझौते की कॉपी देने के बदले पांच हजार रुपये की मांग की।
आरोपी से रिश्वत के रुपये बरामद
अमृतसर के विजिलेंस ब्यूरो थाना में एएसआई के खिलाफ करप्शन एक्ट में केस दर्ज किया गया है। डीएसपी योगेश्वर सिंह ने आरोपी से रिश्वत के रुपये बरामद कर लिए हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बी डिवीजन में तैनात एएसआई कुलदीप सिंह को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इसकी रिपोर्ट मंगवा ली गई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।