{"_id":"591219784f1c1bb737851fb4","slug":"arrested-from-telangana-for-leaking-question-papers-of-government-jobs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरियों के प्रश्न पत्र लीक करने का आरोपी तेलंगाना से गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी नौकरियों के प्रश्न पत्र लीक करने का आरोपी तेलंगाना से गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 10 May 2017 09:14 AM IST
विज्ञापन
गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानीय निकाय विभाग की इंस्पेक्टर, जेई और एसडीई की परीक्षा में पेपर लीक कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के एक अन्य आरोपी को विजिलेंस ने तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शिव बहादुर निवासी वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई । यह पेपर सप्लाई करने का काम करता था। विजिलेंस ने उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय विभाग ने नवंबर 2015 में 682 विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान जेई, असिस्टेंट इंजीनियर, सब-डिवीजन इंजीनियर व अन्य कई पदों के लिए परीक्षा ली जानी थी। जिसके लिए 67 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। एसडीओ की परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र पहले ही लीक हो गया था। जबकि जेई के पेपर लीक होने का खुलासा बाद में हुआ था। इस बात का खुलासा परीक्षार्थियों की उत्तर पत्रिकाओं से हुआ था। जिनमें सभी प्रश्नों के जवाब एक जैसे थे व गल्तियां भी एक जैसी थीं। उन्होंने अंक भी बहुत ज्यादा हासिल किए थे।
यह मामला फरवरी 2016 में उस समय सामने आया था जब गांव कोलियांवाली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य मंत्री को शिकायत दी थी कि वह भी परीक्षा के लिए अपीयर हुआ था। लेकिन परीक्षा से पहले किसी व्यक्ति ने उसे 30 लाख रुपये में पेपर देने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि जो पेपर वह व्यक्ति देगा वही पेपर आएगा। इस के बाद यह भी पता चला था कि कुछ लोगों ने इस परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लखनऊ से खरीदा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय विभाग ने नवंबर 2015 में 682 विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान जेई, असिस्टेंट इंजीनियर, सब-डिवीजन इंजीनियर व अन्य कई पदों के लिए परीक्षा ली जानी थी। जिसके लिए 67 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। एसडीओ की परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र पहले ही लीक हो गया था। जबकि जेई के पेपर लीक होने का खुलासा बाद में हुआ था। इस बात का खुलासा परीक्षार्थियों की उत्तर पत्रिकाओं से हुआ था। जिनमें सभी प्रश्नों के जवाब एक जैसे थे व गल्तियां भी एक जैसी थीं। उन्होंने अंक भी बहुत ज्यादा हासिल किए थे।
विज्ञापन
यह मामला फरवरी 2016 में उस समय सामने आया था जब गांव कोलियांवाली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य मंत्री को शिकायत दी थी कि वह भी परीक्षा के लिए अपीयर हुआ था। लेकिन परीक्षा से पहले किसी व्यक्ति ने उसे 30 लाख रुपये में पेपर देने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि जो पेपर वह व्यक्ति देगा वही पेपर आएगा। इस के बाद यह भी पता चला था कि कुछ लोगों ने इस परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लखनऊ से खरीदा था।
विज्ञापन
ऐसे पहुंची आरोपी तक विजिलेंस
दो मंजिला बिल्डिंग से कूदा गया था, टांगे टूटी
जानकारी के मुताबिक आरोपी शिव बहादुर को तेलंगाना पुलिस ने भी वर्ष 2016 में वहां पर एमबीबीएस की हुई परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। वहां की पुलिस जब शिव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए गई तो वह एक बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से कूद गया। जिस कारण उसकी दोनों टांगें टूट गई ंथीं। आरोपी अब व्हीलचेयर के सहारे ही चलता था। विजिलेंस ने जब उसे अदालत में पेश किया तब भी वह व्हीलचेयर पर ही था।
ऐसे पहुंची आरोपी तक विजिलेंस
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक इस केस में राम किशोर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में कमलेश और शिव बहादुर का नाम लिया था। जिनमें से कमलेश की मौत हो चुकी है। लेकिन शिव बहादुर फरार चल रहा था। यह भी पता चला है कि शिव बहादुर किसी अन्य व्यक्ति से पेपर की सप्लाई लेकर आता था। इसके बाद वह दलालों एवं परीक्षार्थियों को सप्लाई करता था। वह दूसरा व्यक्ति अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इस मामले में विनोद कुमार नेहरा दलाल को पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले का मुख्य आरोपी गुरूजी उर्फ मास्टर जी अभी भी फरार चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी शिव बहादुर को तेलंगाना पुलिस ने भी वर्ष 2016 में वहां पर एमबीबीएस की हुई परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। वहां की पुलिस जब शिव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए गई तो वह एक बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से कूद गया। जिस कारण उसकी दोनों टांगें टूट गई ंथीं। आरोपी अब व्हीलचेयर के सहारे ही चलता था। विजिलेंस ने जब उसे अदालत में पेश किया तब भी वह व्हीलचेयर पर ही था।
ऐसे पहुंची आरोपी तक विजिलेंस
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक इस केस में राम किशोर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में कमलेश और शिव बहादुर का नाम लिया था। जिनमें से कमलेश की मौत हो चुकी है। लेकिन शिव बहादुर फरार चल रहा था। यह भी पता चला है कि शिव बहादुर किसी अन्य व्यक्ति से पेपर की सप्लाई लेकर आता था। इसके बाद वह दलालों एवं परीक्षार्थियों को सप्लाई करता था। वह दूसरा व्यक्ति अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इस मामले में विनोद कुमार नेहरा दलाल को पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले का मुख्य आरोपी गुरूजी उर्फ मास्टर जी अभी भी फरार चल रहा है।