गैंगरेप मामले में अब तक भी कोई रिकवरी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल
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कॉल सेंटर में पार्ट टाइम काम करने वाली युवती से गैंगरेप के मामले में आरोपी वसीम मलिक को चार दिन तक रिमांड में रखने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। न तो पुलिस सहआरोपी को गिरफ्तार कर सकी है और न ही कोई रिकवरी (ऑटो और चाकू) दिखा सकी है।
शनिवार को पुलिस ने आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। अदालत ने इसे मंजूर करते हुए वसीम को 6 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया है।
वारदात के बाद से अब तक फरार चल रहे सहआरोपी को पकड़ने में भी पुलिस नाकाम रही है। पुलिस ने सहआरोपी की गिरफ्तारी, ऑटो की रिकवरी और चाकू को बरामद करने के नाम पर ही आरोपी का दो बार दो-दो दिन का रिमांड लिया था।
लेकिन, पुलिस उससे कुछ भी बरामद नहीं करवा सकी और न ही सहआरोपी के बारे में कोई खास जानकारी। बता दें कि 12 दिसंबर 2016 को शाम करीब 7:30 बजे सेक्टर-34 से पीड़ित युवती ने हल्लोमाजरा के लिए ऑटो लिया था।
डीएनए रिपोर्ट होगी अहम
ऑटो में चालक के अलावा पहले से एक लड़का था। आरोप के अनुसार जब इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक के पास पहुंचे तो दोनों युवती को चाकू दिखाकर जंगलों में ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ रेप किया।
इसके बाद ऑटो वाला तो चला गया, लेकिन दूसरा आरोपी उसके साथ पैदल कुछ दूर तक आया और धमकाया कि पुलिस को शिकायत दी तो जान से मार देंगे। इसके बाद लड़की ने उस रात पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी।
अगले दिन युवती ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक थाने में दोनों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने युवती के 164 के तहत बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए हैं।
डीएनए रिपोर्ट होगी अहम
पुलिस ने वसीम का डीएनए सैंपल टेस्ट के लिए दिल्ली भेजा है। परिजनों के मुताबिक उनके बेटे को पुलिस ने झूठा फंसाया है। उनके अनुसार वारदात के वक्त वसीम घर पर ही था। ऐसे में डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही काफी हद तक साबित हो सकेगा कि पुलिस ने सही आरोपी को गिरफ्तार किया है या परिजनों के आरोप सही हैं।