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अकांक्ष हत्याकांड: सिर पर निशान, कुचलने से पहले पीटे जाने की आशंका

Sun, 12 Feb 2017 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 12 Feb 2017 01:15 AM IST
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Akanksh murder case, marks on the head, before the crush expected to be beaten
अकांक्ष के हत्यारोपियों का लुकआउट नोटिस - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या के आरोपियों के विदेश भागने के डर से पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। देश के सभी एयरपोर्ट को आरोपियों के बारे में जानकारी दे दी गई है और उनको बाहर भागने के बारे में अलर्ट कर दिया गया है। 
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 शनिवार को अकांक्ष सेन के  शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में सीएम वीरभद्र के भतीजे की मौत का कारण सिर और छाती पर गंभीर चोट लगना बताया गया है। पुलिस ने विसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। 
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हाई प्रोफाइल मामला होने के नाते यूटी पुलिस ने शनिवार को चार डाक्टरों का पैनल बना कर शव का पोस्टमोर्टम  पीजीआई में करवाया। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी चंडीगढ़ पहुंच गए थे। वह रात भर हिमाचल भवन में रुके और शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होने केबाद रिश्तेदारों के साथ सोलन केलिए रवाना हो गए।
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विक्रमादित्य ने अकांक्ष के सिर पर चोट की बात कही

Akanksh murder case, marks on the head, before the crush expected to be beaten
अकांक्ष के हत्यारोपियों का लुकआउट नोटिस - फोटो : अमर उजाला
विक्रमादित्य ने अकांक्ष के सिर पर चोट की बात कही
पीजीआई में मीडिया से बात करते हुए अकांक्ष के फुफेरे भाई और वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने कहा कि ऐसा लगता है कि अकांक्ष पर गाड़ी चढ़ाने से पहले उसके साथ मारपीट हुई थी। विक्रमादित्य ने बताया कि उनकी पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से बात हुई थी। उन्होंने बताया मृतक के सिर पर भी चोट के निशान मिले हैं। 

आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी बनाई 
वहीं पुलिस हादसे के तीन दिन बाद भी दोनों आरोपियों हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और बलराज सिंह रंधावा का सुराग नहीं लगा पाई है। शनिवार को डीआईजी आलोक कुमार और एसएसपी ईश सिंगल ने घटना स्थल का मुआयना  किया।

दौरा करने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल की अगुवाई में एसआईटी बना दी है। पुलिस विभाग ने करीब पांच पुलिस की टीमें बना कर पंजाब, हरियाणा व अन्य जगहों पर छापेमारी करने के लिए भेज रखी है। लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चला है।
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