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रेवाड़ी गैंगरेपः पुलिस की नाक के नीचे घूमते रहे दोनों आरोपी, बचने के लिए खेत में छुपाया मोबाइल
सतेंद्र यादव, अमर उजाला, नाहड़ /रेवाड़ी (हरियाणा)
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:35 PM IST
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गैंगरेप के दोनों आरोपी
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छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों ने 13 सितंबर को घर से फरार होने के बाद नौ दिनों तक पुलिस को जमकर छकाया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हर वह हथकंडे अपनाए जो एक शातिर बदमाश अपनाते हैं। आरोपियों ने नौ दिनों के दौरान न केवल राजस्थान के सुदूर जिलों में समय बिताया, बल्कि पुलिस कार्रवाई का अंदाजा लेने के लिए महेंद्रगढ़ तक भी आते रहे। वहीं, पुलिस आरोपियों को ढूंढने के लिए कोटा-उदयपुर तक पहुंच गई, जबकि आरोपी हरियाणा-राजस्थान के बार्डर क्षेत्र में ही मौजूद रहे।
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खेत में दबा दिए थे मोबाइल
पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल का सहारा ले सकती है। इस बात को आरोपी अच्छी तरह से जानते थे। यही वजह रही कि उन्होंने अपने मोबाइल बंद करके खेत में दबा दिए थे। इस वजह से पुलिस को उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी।
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महेंद्रगढ़ तक दो बार आए
एसआईटी टीम
आरोपी 13 सितंबर को घर से भागने के बाद महेंद्रगढ़ से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में पहुंचे। इसके बाद वे पहले दिन ट्रेन से बीकानेर तक पहुंच गए। उनको लगा था कि कुछ दिन यहां गुजार देंगे। इसके बाद मामला शांत हो जाएगा तो लौट जाएंगे। इसी दौरान आरोपी ट्रेन से महेंद्रगढ़ तक आए। फिर वापस राजस्थान के हनुमानगढ़ चले गए।
इसके बाद आरोपियों ने हनुमानगढ़ जिले में आयोजित हो रहे गोगामेडी मेले में कई दिन बिताए। इसके बाद इसी जिले की ढाणियों में कई दिनों तक घूमते रहे। दोबारा राजस्थान से सतनाली आए तो दबोच लिए गए। सतनाली में रात बिताने के बाद फिर ठिकाना बदलना था।
दो सौ किमी के दायरे में रहे लेकिन पुलिस को नहीं लगा सुराग
वारदात के बाद आरोपी हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में लगभग 100 से 200 किमी के दायरे में रहे, लेकिन पुलिस को इनका सुराग नहीं लगा। पुलिस इन्हें तलाशने के लिए कोटा और उदयपुर इलाके में पहुंची थी। जबकि आरोपी पुलिस की नाक के नीचे ठिकाना बदलकर रह रहे थे।
इसके बाद आरोपियों ने हनुमानगढ़ जिले में आयोजित हो रहे गोगामेडी मेले में कई दिन बिताए। इसके बाद इसी जिले की ढाणियों में कई दिनों तक घूमते रहे। दोबारा राजस्थान से सतनाली आए तो दबोच लिए गए। सतनाली में रात बिताने के बाद फिर ठिकाना बदलना था।
दो सौ किमी के दायरे में रहे लेकिन पुलिस को नहीं लगा सुराग
वारदात के बाद आरोपी हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में लगभग 100 से 200 किमी के दायरे में रहे, लेकिन पुलिस को इनका सुराग नहीं लगा। पुलिस इन्हें तलाशने के लिए कोटा और उदयपुर इलाके में पहुंची थी। जबकि आरोपी पुलिस की नाक के नीचे ठिकाना बदलकर रह रहे थे।