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जेल में बंद नशेड़ियों में 7 एचआईवी पॉजिटिव
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 20 Jul 2014 09:21 PM IST
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पंजाब की जेलों में विभिन्न आपराधिक मामलों में कई नशेड़ी अंदर बंद हैं। पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत कुछ दिन पहले जेल प्रशासन ने लुधियाना जेल में विभिन्न आपराधिक मामलों में बंद 350 नशेड़ी कैदियों और विचाराधीन कैदियों का एचआईवी टेस्ट करवाया।
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इनमें से 7 लोग एचआईवी पॉजिटिव के मरीज निकले। इससे जेल प्रशासन समेत जिले के प्रशासन में हड़कंप मचा है। जानकारी के अनुसार ये एचआईवी पॉजिटिव कैदी भी आम बंदियों के बीच ही रह रहे हैं। इसके साथ ही जेल में इन मरीजों के इलाज के लिए जेल प्रशासन के पास कोई खास इंतजाम नहीं है।
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इस वजह से जेल में बंद अन्य कैदी और विचाराधीन कैदियों में भी इस बात पर खौफ में है। खास बात यह है कि इन एचआईवी मरीजों में 4 कैदी ऐसे हैं जो नशे के टीके लगाने के आदी थे। उन्हें यह इंफेक्शन काफी ज्यादा है। वहीं जेल प्रशासन का दावा है कि एचआईवी मरीजों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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इसके साथ ही यह भी ख्याल रखा जा रहा है कि एचआईवी पॉजिटिव जितने मरीज हैं वे इस बीमारी संबंधी सारी सावधानियां बरतें।
लोकसभा चुनाव में नशे के मुद्दे पर सरकार को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। इसके बाद हर जिले में पुलिस ने नशे की सप्लाई करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाई। इस दौरान कई लोगों को जेल भी भेजा गया। इसमें से कुछ लोग तो ऐसे थे जो नशा करने के आदी थे।
पुलिस की इन गिरफ्तारियों के बाद सेंट्रल जेल लुधियाना में लगभग 350 आरोपी थे। इनका जेल प्रशासन ने 350 आरोपियों का ही एचआईवी टेस्ट करवाया। इनकी कुछ दिन पहले रिपोर्ट आई थी। उसमें से 7 बंदियों को एचआईवी पाजिटिव थे।
उनके इलाज के लिए जेल प्रशासन ने इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बंदियों को जेल के अस्पताल में ही सिविल अस्पताल से डॉक्टर इलाज के लिए दवाईयां जा रही हैं। सात एचआईवी मरीजों में चार ऐसे मरीज हैं जो खुद को नशे का टीका लगाते थे। उन्हें एक टीके की सुई एक से ज्यादा बार इस्तेमाल करने के कारण यह बीमारी हुई है।
इसके बाद यह बात भी सामने आई है कि पुलिस ने नशा तस्करों के अलावा नशा करने वालों को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल सुपरिंटेंडेंट सुरिंदर पाल खन्ना का कहना है कि जेल में 7 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें रखा तो आम कैदियों के साथ ही है, लेकिन उन सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल में भी उनके इलाज की रजिस्ट्रेशन करवा दी गई है।