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Lucknow News: मरीन नेवी कॉलेज के प्रधानाचार्य को पांच दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 52 लाख रुपये ठगे
Sun, 23 Aug 2026 02:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 23 Aug 2026 02:43 AM IST
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एआई तस्वीर।
लखनऊ। गोमतीनगर के विश्वासखंड इलाके में रहने वाले मरीन नेवी कॉलेज के प्रधानाचार्य और सेवानिवृत्त कैप्टन मोहन लाल आहूजा को साइबर जालसाजों ने पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और डरा-धमकाकर उनसे 52 लाख रुपये ऐंठ लिए। उन्होंने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
मोहन लाल आहूजा वर्तमान में सिक्किम स्थित मैरीन नेवी कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। उनके अनुसार, 18 अगस्त को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर जितेंद्र त्रिपाठी बताया और दिल्ली स्थित मुख्यालय में तैनात होने की बात कही। उसने मोहन लाल को धमकाते हुए बताया कि उनके आधार कार्ड नंबर से एक सिम और डेबिट कार्ड जारी हुआ है। इनका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात भी कही गई।
पांच दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट
मोहन लाल के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। जालसाजों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर उन्हें धमकाया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोहन लाल को यह भी धमकी दी कि उन्हें और उनके पूरे परिवार को एटीएस साथ ले जाएगी।
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गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के नाम पर ऐंठे रुपये
जालसाजों ने गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के नाम पर मोहन लाल से 52 लाख रुपये की मांग की। साथ ही, इस बारे में किसी को कुछ भी न बताने की धमकी दी। डर-सहमे मोहन लाल 19 अगस्त की रात सिक्किम से लखनऊ पहुंचे। अगले ही दिन वह गोमतीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक गए। वहां जालसाजों के बताए दो अलग-अलग खातों में 52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने एक खाते में 45 लाख और दूसरे खाते में सात लाख रुपये भेजे। मोहन लाल से रुपये ऐंठने के बाद जालसाजों ने फोन बंद कर लिए। 20 अगस्त की रात ही वह शिकायत लेकर गोमतीनगर थाने गए। वहां से उन्हें साइबर क्राइम थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया।
केरल व पंजाब के खातों में ट्रांसफर कराई गई रकम, 20 लाख रुपये फ्रीज
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, मोहन लाल ने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि रकम केरल और पंजाब के खातों में भेजी गई। एक खाता फेडरल बैंक और दूसरा पोस्ट पेमेंट्स बैंक का है। एसीपी साइबर क्राइम शाहिदा परवीन ने बताया कि मोहन लाल के 20 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
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मोहन लाल आहूजा वर्तमान में सिक्किम स्थित मैरीन नेवी कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं। उनके अनुसार, 18 अगस्त को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर जितेंद्र त्रिपाठी बताया और दिल्ली स्थित मुख्यालय में तैनात होने की बात कही। उसने मोहन लाल को धमकाते हुए बताया कि उनके आधार कार्ड नंबर से एक सिम और डेबिट कार्ड जारी हुआ है। इनका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात भी कही गई।
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पांच दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट
मोहन लाल के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। जालसाजों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर उन्हें धमकाया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोहन लाल को यह भी धमकी दी कि उन्हें और उनके पूरे परिवार को एटीएस साथ ले जाएगी।
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गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के नाम पर ऐंठे रुपये
जालसाजों ने गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के नाम पर मोहन लाल से 52 लाख रुपये की मांग की। साथ ही, इस बारे में किसी को कुछ भी न बताने की धमकी दी। डर-सहमे मोहन लाल 19 अगस्त की रात सिक्किम से लखनऊ पहुंचे। अगले ही दिन वह गोमतीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक गए। वहां जालसाजों के बताए दो अलग-अलग खातों में 52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने एक खाते में 45 लाख और दूसरे खाते में सात लाख रुपये भेजे। मोहन लाल से रुपये ऐंठने के बाद जालसाजों ने फोन बंद कर लिए। 20 अगस्त की रात ही वह शिकायत लेकर गोमतीनगर थाने गए। वहां से उन्हें साइबर क्राइम थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया।
केरल व पंजाब के खातों में ट्रांसफर कराई गई रकम, 20 लाख रुपये फ्रीज
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, मोहन लाल ने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि रकम केरल और पंजाब के खातों में भेजी गई। एक खाता फेडरल बैंक और दूसरा पोस्ट पेमेंट्स बैंक का है। एसीपी साइबर क्राइम शाहिदा परवीन ने बताया कि मोहन लाल के 20 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।