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शव की बरामदगी न होने से पुलिस की बढ़ी मुश्किलें
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:24 AM IST
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शव की बरामदगी न होने से पुलिस की बढ़ी मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रजनी की हत्या को अंजाम देने से पहले मोनिका और मनमोहन ने ऐसी योजना बनाई, जिसका पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। हत्या आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में साजिश रची ताकि आरोपियों तक पहुंचकर भी पुलिस को सुबूत न मिल सके। आरोपियों ने बार-बार पुलिस को गुमराह किया ताकि शव की जानकारी न मिल सके। इतने दिन बीतने के बाद अब नार्कों टेस्ट की इजाजत मिल भी जाती है तो आरोपियों से पूछताछ के बाद शव का सुराग हासिल करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कानून का जानकार होने के बाद भी वकील ने एक पत्नी होते हुए दूसरी शादी की। जब मोनिका-मनमोहन के रिश्तों को लेकर दोनों को रजनी की तरफ से अड़चनें पैदा होने लगी तो हत्या की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई। सूत्रों की मानें तो घटना से करीब 15 दिन पहले से ही मोनिका-मनमोहन की आपसी बातचीत फोन पर नहीं होती थी। लेकिन रजनी और मोनिका के बीच हुई आखिरी बार बातचीत ने इसका खुलासा कर दिया कि हत्या में कौन शामिल हैं।
मोबाइल रिकवर करने के लिए नाले में की गई खुदाई
पंचकूला पुलिस ने रजनी का मोबाइल हासिल करने के लिए चंडीगढ़ के दड़वा स्थित नाले में भी खुदाई और सफाई की गई, लेकिन बरामद नहीं हो सका। पुलिस को अभी भी शक है कि चंडीगढ़ के जिस नाले से पुलिस को साड़ी, रस्सी बरामद हुए थे, मोबाइल भी वहीं हो सकता है। सेक्टर-19 से जेसीबी मशीन लेकर भी पुलिस ने नाले से मलबा हटाया, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रजनी की हत्या को अंजाम देने से पहले मोनिका और मनमोहन ने ऐसी योजना बनाई, जिसका पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। हत्या आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में साजिश रची ताकि आरोपियों तक पहुंचकर भी पुलिस को सुबूत न मिल सके। आरोपियों ने बार-बार पुलिस को गुमराह किया ताकि शव की जानकारी न मिल सके। इतने दिन बीतने के बाद अब नार्कों टेस्ट की इजाजत मिल भी जाती है तो आरोपियों से पूछताछ के बाद शव का सुराग हासिल करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कानून का जानकार होने के बाद भी वकील ने एक पत्नी होते हुए दूसरी शादी की। जब मोनिका-मनमोहन के रिश्तों को लेकर दोनों को रजनी की तरफ से अड़चनें पैदा होने लगी तो हत्या की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई। सूत्रों की मानें तो घटना से करीब 15 दिन पहले से ही मोनिका-मनमोहन की आपसी बातचीत फोन पर नहीं होती थी। लेकिन रजनी और मोनिका के बीच हुई आखिरी बार बातचीत ने इसका खुलासा कर दिया कि हत्या में कौन शामिल हैं।
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मोबाइल रिकवर करने के लिए नाले में की गई खुदाई
पंचकूला पुलिस ने रजनी का मोबाइल हासिल करने के लिए चंडीगढ़ के दड़वा स्थित नाले में भी खुदाई और सफाई की गई, लेकिन बरामद नहीं हो सका। पुलिस को अभी भी शक है कि चंडीगढ़ के जिस नाले से पुलिस को साड़ी, रस्सी बरामद हुए थे, मोबाइल भी वहीं हो सकता है। सेक्टर-19 से जेसीबी मशीन लेकर भी पुलिस ने नाले से मलबा हटाया, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका।
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