फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   .......और बढ़ सकती हैं गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें

.......और बढ़ सकती हैं गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें

Thu, 31 Aug 2017 01:52 AM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
.......और बढ़ सकती हैं गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें
सभी केंद्रों के लिए
विज्ञापन


अभी और बढे़ंगी राम रहीम की मुश्किलें
हत्या के दो मामलों की 16 सितंबर से शुरू होगी अंतिम दौर की बहस
15 साल पहले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा सदस्य रंजीत सिंह की हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
गुमनाम चिट्ठी से यौन शोषण और हत्याओं के मामले में बदनाम डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें अभी और बढ़ेंगी। साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद अब पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा सदस्य रंजीत सिंह की हत्या के मामले में 16 सितंबर से अंतिम दौर की बहस शुरू होगी। हत्या के दोनों मामलों में गवाही का सिलसिला खत्म हो चुका है। दोनों हत्याएं डेरा में चल रही गैर कानूनी गतिविधियों के खुलासे की वजह से हुई थी। जिन पर जल्द फैसला आने की उम्मीद है। इन मामलों की सुनवाई पहले साध्वी यौन शोषण मामले के साथ-साथ चल रही थी, लेकिन बाद में हत्या के मामलों की अलग से सुनवाई होने लगी।
साध्वी यौन शोषण मामले में सुनवाई भी पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही थी। इन मामलों में अब तक 50 से अधिक गवाहियां और 200 से अधिक पेशियां हो चुकी हैं। सुनवाई के दौरान करीब 50 फीसदी तारीखों पर डेरा प्रमुख अदालत में पेश नहीं हुए, जिनमें 80 फीसदी से अधिक बार मेडिकल ग्राउंड्स पर पेश नहीं हुए।
विज्ञापन


फैसले की उम्मीद में पीड़ित
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने सिरसा के डेरे में साध्वियों के यौन शोषण मामले को लेकर एक गुमनाम चिट्ठी को प्रकाशित किया था। इसके बाद अक्तूबर, 2002 में रामचंद्र छत्रपति की हत्या कर दी गई। जनवरी 2003 में मामले को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। 28 अगस्त को यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा के बाद हत्याओं के मामलों में दोनों परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


खत को बाहर सर्कुलेट करने के शक पर की हत्या
साध्वी यौन शोषण मामले की एक पीड़िता के गुमनाम खत को बाहर सर्कुलेट करने के शक पर डेरा के पूर्व सदस्य रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को कुरुक्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। इसमें डेरा प्रमुख सहित पांच अन्य आरोपी हैं। साध्वियों के साथ डेरे में यौन शोषण मामले में गुमनाम खत बांटने के शक में रंजीत सिंह की हत्या की गई। दोनों मामलों की सुनवाई पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है।


जानिए क्या कहते हैं दोनों पक्षों के वकील
बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने बताया कि 16 सितंबर को हत्या के दोनों मामलों में अंतिम बहस शुरू होगी। जबकि सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि अब तक हत्या के मामलों में 200 से अधिक सुनवाई हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed