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लुधियाना: शिअद छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले गुरदीप गोशा को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी

बीते दिनों शिरोमणि अकाली दल को छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले गुरदीप गोशा को अब यूरोप से जान से मारने की धमकी मिलनी शुरू हो चुकी है। उन्हें भाजपा के पक्ष में प्रचार करने से मना किया जा रहा है, ऐसा नहीं करने की सूरत में जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यहां तक धमकी देने वाले ने फोन को पुलिस कमिश्नर के पास ले जाकर उन्हें रिकॉर्डिंग सुनाने तक की बात कही है। इस मामले को लेकर गोशा ने पुलिस कमिश्नर के पास लिखित शिकायत देकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। 

पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में गोशा ने बताया कि वह बीते कई वर्षों से शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख पदों पर रह चुके हैं। 11 जनवरी को वह शिअद के सभी पदों से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 13 फरवरी को दोपहर उनके फोन पर पहले एक कॉल आई लेकिन वह किसी कारण उसे उठा नहीं सके थे। 

4:10 बजे दोबारा उन्हें उसी नंबर से कॉल आई। जैसे ही उन्होंने फोन उठाया तो कॉल करने वाले ने अपना नाम मनदीप सिंह बताया और कहा कि वह यूरोप से बोल रहा है। उसने साफ कहा कि अगर भाजपा के पक्ष में प्रचार किया तो उसे और समर्थकों को मार दिया जाएगा। उसे व्हाट्सएप से और प्राइवेट नंबर से कॉल आ रही है। उन्होंने इस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
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पठानकोट: पुरानी रंजिश में दो गुट भिड़े, एएसआई के बेटे की मौत, दो युवक घायल

पठानकोट के लमीनी में दो गुटों के झगड़े में एक युवक की मौत हो गई। मृतक के पिता बलविंदर जीआरपी में एएसआई हैं। मृतक की पहचान मनवाल निवासी 23 वर्षीय अनूप सिंह के तौर पर हुई है। जबकि, स्थानीय निवासी अजय और नीरज घायल हैं। हालांकि, कत्ल के आरोपियों की पहचान के लिए थाना 1 की पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

डीएसपी सिटी रजिंदर मन्हास ने भी मौके पर पहुंच साक्ष्य जुटाए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। वारदात गुरुवार देर शाम हुई। स्थानीय निवासियों के मुताबिक गुरुवार देर शाम सात बजे के करीब प्राइमरी स्कूल लमीनी के पास दो गुटों में लड़ाई हुई, जिसमें जमकर पत्थरबाजी, ईंट और तेजधार हथियार चले। इसमें बुरी तरह घायल अनूप को अमनदीप अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 

झगड़े में अजय और नीरज भी घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मृतक अनूप पहले लमीनी एरिया में ही रहता था। गुरुवार को वह लोहड़ी पर्व के चलते दोस्तों से मिलने लमीनी आया था। उक्त दोनों गुटों में पुरानी रंजिश थी। दो वर्ष पहले उक्त दोनों गुटों में झगड़ा हुआ था।

उसके बाद गुरुवार दोपहर को ईंट भट्ठे के पास दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसी दौरान किसी ने अनूप की पीठ में दातर मारा और हमलावर फरार हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष देर शाम फिर आमने-सामने हुए और तेजधार हथियारों से एक दूसरे पर हमला किया, जिसमें अनूप की मौत हुई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस घायलों के बयान नहीं ले पाई थी।
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पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: 2.5 किलो आरडीएक्स, एके-47 राइफल व डेटोनेटर बरामद, पाकिस्तान से भेजी गई थी खेप

पंजाब में चुनाव से ठीक पहले आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। आईएसवाईएफ के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने के बाद पंजाब पुलिस ने राज्य के कई स्थानों से तीन दिन में 2.5 किलो आरडीएक्स बरामद किया है। साथ ही एक डेटोनेटर, कोडेक्स तार, 5 फ्यूज, एके-47 राइफल और 12 कारतूस भी बरामद हुई हैं।

पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीके भावरा ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बरामदगी गुरदासपुर के गांव लखनपाल के रहने वाले अमनदीप कुमार उर्फ मंत्री के इकबालिया बयान पर की है। वह पठानकोट में हाल ही में घटे ग्रेनेड हमलों की दो घटनाओं का मुख्य आरोपी है। एसएसपी एसबीएस नगर कंवरदीप कौर ने बताया कि अमनदीप के खुलासे के बाद गुरदासपुर जिले में टीमें भेजीं गईं और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। 

अमनदीप के अनुसार इस सामग्री का उपयोग आईईडी बनाने के लिए किया जाना था। यह खेप आईएसवाईएफ (रोडे) के स्व-घोषित चीफ लखबीर सिंह रोडे जो मौजूदा समय में पाकिस्तान में रह रहा है, ने अमनदीप को अपने साथी और इस आतंकवादी गुट के संचालक सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख निवासी दीनानगर की मदद से मुहैया करवाई थी।

गिरफ्तार छह गुर्गों में एक है अमनदीप
अमनदीप उर्फ मंत्री गत सोमवार को एसबीएस नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आईएसवाईएफ के छह गुर्गों में से एक है। इन आरोपियों ने पठानकोट आर्मी कैंप समेत पठानकोट में दो ग्रेनेड हमले करने की बात कबूली की है। पुलिस ने इनके कब्जे से छह हैंड ग्रेनेड (86 पी), एक पिस्तौल (9 एमएम), एक राइफल (.30 बोर) के साथ कारतूस और मैगजीन भी बरामद की थी।

ड्रोन से भेजा हथियार और नशा
जून-जुलाई 2021 के बाद लखबीर रोडे ने पंजाब और अन्य देशों में अपने नेटवर्क द्वारा आतंकवादी मॉड्यूलों की एक श्रंखला को चलाने में प्रमुखता के साथ काम किया है। बड़ी संख्या में आतंकवादी हार्डवेयर जिसमें आरडीएक्स, टिफिन आईईडी, आईईडी बनाने के लिए विस्फोटक सामग्री, हैंड ग्रेनेड, फायर आर्म्स और नशीले पदार्थ शामिल हैं। मुख्य तौर पर ड्रोन और सरहद पार तस्करों के अपने नेटवर्क की सहायता से अंतरराष्ट्रीय सरहद के पार भेजे गए हैं।
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पंजाब: बठिंडा में इलेक्ट्रीशियन की हत्या से सनसनी, घरवालों को दुकान के पास ही मिली खून से लथपथ लाश

गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर में भारी पुलिस सुरक्षा होने के बावजूद मंगलवार रात को अज्ञात लोगों ने जिला परिषद के पास इलेक्ट्रीशियन जगजीत सिंह की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बुधवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। 

जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय जगजीत सिंह जिला परिषद के पास गाड़ियों के इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। जब मंगलवार रात को वो घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजनों ने तलाश शुरू की। परिजन जब दुकान के पास पहुंचे तो खून से लथपथ जगजीत का शव मिला। 

घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया और घटना की जांच शुरू कर दी। सीआईए स्टाफ वन के इंस्पेक्टर तरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों का पता लगाने में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा: छह दिन में 22 गिरफ्तार, 111 की अभी तलाश, 40 लड़कियों ने भी दूसरों से दिलाई परीक्षा

पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े के 133 संदिग्धों में से छह दिन में 22 पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। बाकी 111 की तलाश में दबिश दी जा रही है। भर्ती में गड़बड़ी करने वालों में 40 लड़कियां भी शामिल हैं। इन लड़कियों ने महिला कमांडो और दुर्गा शक्ति की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा दूसरों से दिलाई। 

पास होने पर फिजिकल टेस्ट देने नहीं पहुंची। इनमें ज्यादातर लड़कियां हिसार, रोहतक और जींद की रहने वाली हैं। एसआईटी इंचार्ज पंचकूला के एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वालों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन की ओर से शिकायत मिलने के बाद समन भेजे गए हैं। समन के बावजूद जो हाजिर नहीं हो रहे, उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कई अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के समय बायोमीट्रिक का मिलान न होने के कारण भी पकड़े जा चुके हैं। 

अभ्यर्थी और उसकी जगह दौड़ लगाने वाले को भेजा न्यायिक हिरासत
पुरुष सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले सोमवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान पानीपत के गांव चुलकाना निवासी संदीप कुमार, गांव जोरासी निवासी शमशेर और नरवाना के गांव जाजनवाला निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

पुलिस ने बताया कि संदीप की जगह शमशेर ने फिजिकल टेस्ट दिया था। शमशेर ने ही पवन की जगह अपने साथी से दौड़ लगवाई थी। शमशेर ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेनी थी और अपने दोस्त को पांच लाख रुपये का लालच दिया था। पुलिस को अब शमशेर के साथी की तलाश है। 

एक बड़ा नेटवर्क
पुलिस भर्ती में हो रहे खुलासा के आधार पर हरियाणा में एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा जा सकता है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में से कई ऐसे हैं जिन्होंने मोटी रकम वसूल कर कई अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा पास करवाई या फिर फिजिकल टेस्ट में दूसरों की जगह दौड़ खुद दौड़ लगाई। इन आरोपियों ने अपने साथियों को भी पैसों का लालच देकर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठाया। 
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बड़ा खुलासा: मानिक सिंह बोला- दूसरे की जगह नौ प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठा, नौ से 18 लाख रुपये वसूले

पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा में गिरफ्तार मानिक सिंह ने पुलिस पूछताछ में माना कि उसने दूसरे की जगह नौ प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। उसने दूसरे की जगह तीन बार पुलिस भर्ती की ही परीक्षा दी। इसके अलावा पटवारी, लैब टेक्नीशियन, कमांडो, एएलएम आदि पदों के लिए भी उसने दूसरे की जगह परीक्षा दी। उसने परीक्षा देने के लिए उम्मीदवारों से  9 से 18 लाख रुपये वसूले। 

पंचकूला के एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच जारी है। अब तक हुई पूछताछ में आरोपी मानिक सिंह ने माना है कि उसने पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा देने के एवज में अंकित, अमित और संदीप लाठर से नौ-नौ लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा उसने पटवारी, लैब टेक्नीशियन, कमांडो, एएलएम आदि पदों का पेपर देने के बदले उम्मीदवारों से 18 लाख रुपये तक लिए थे।

सरगना अशोक ने भी कुछ प्रतियोगियों के बदले दी परीक्षा
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में सरगना अशोक निवासी हिसार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापे मार रही है। पूछताछ में सामने आया है कि अशोक उम्मीदवारों की सेटिंग कर मानिक सिंह से परीक्षा दिलवाता था। मानिक ने बताया कि अशोक ने कुछ प्रतियोगियों की जगह खुद भी पेपर दिए थे।  

एसीपी ने बताया कि फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाकर आरोपी मानिक सिंह परीक्षा देता था। उन्होंने बताया कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बायोमीट्रिक जांच नहीं हुई, इसलिए ये आरोपी बचने में सफल हो गए। दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अभी तक एसआईटी ने 19 लोगों को  गिरफ्तार किया है। जल्द ही इस अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

40 महिला उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी  
विजय नेहरा ने बताया कि 40 महिला उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसे लेकर महिला उम्मीदवारों को समन भेजा गया है। इसके बाद भी अभी तक एक भी महिला उम्मीदवार पेश नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये लोग पेश नहीं होंगी तो उनको गिरफ्तार  किया जाएगा। 
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फर्जी पदोन्नति सूची का मामला: पंजाब डीजीपी का पीए गिरफ्तार, सतवंत के घर पहुंची एसआईटी, लैपटॉप बरामद

पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की फर्जी पदोन्नति सूची जारी करने के मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को डीजीपी पंजाब के पीए कुलविंदर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है। एसआईटी के मुताबिक, कुलविंदर को इस पूरे मामले की जानकारी थी और उसी ने मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह की पदोन्नति का भी फर्जी आदेश जारी करवाने में उसकी मदद की थी। वह फरार चल रहे हरविंदर सिंह की मदद भी कर रहा था।

बता दें कि कुलविंदर सिंह पंजाब के डीजीपी रहे इकबाल प्रीत सहोता के समय में उनका पीए लगा था। उसके बाद से वह डीजीपी पंजाब का पीए था। एसआईटी कुलविंदर को शनिवार को अदालत में पेश करेगी। पुलिस उससे यह पूछताछ कर रही है कि आखिर यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा है और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी भी संदेह के घेरे में है।

उधर, एसएसपी कुलदीप चहल शुक्रवार को सेक्टर-3 थाना पहुंचे और पांचों आरोपियों से कई घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद एसआईटी आरोपी सतवंत सिंह को सेक्टर-51 स्थित उसके घर लेकर पहुंची और तलाशी ली। यहां से पुलिस को फर्जी दस्तावेज और सतवंत का लैपटॉप बरामद हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कुछ और फर्जी सूचियों के जारी करने का खुलासा आरोपियों ने किया है। 
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जालंधर: शिअद प्रत्याशी वडाला की रैली में भिड़े समर्थक, गोली लगने से एक व्यक्ति घायल, अस्पताल में भर्ती

सांकेतिक तस्वीर
पंजाब के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के गांव चूहड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी गुरप्रताप सिंह वडाला की रैली में समर्थकों के बीच गोली चलने से सनसनी फैल गई। इस घटना में एक समर्थक के मुंह पर गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जालंधर के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया है। घायल की पहचान चूहड़ गांव के ही सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। गोली लगने से सरबजीत की हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सक इलाज में जुटे हैं।

हमलावरों ने सरबजीत के मुंह पर गोली मारी है। उसकी हालत ठीक न होने पर सिविल अस्पताल नकोदर से जालंधर रेफर कर दिया है। सूचना पर डीसपी लखबिंदर सिंह, एसएचओ सिटी कृपाल सिंह और एसएचओ सदर परमिंदर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी हासिल की। 

नकोदर के जिस गांव में गोली चली है, वहां अकाली दल के प्रत्याशी गुरप्रताप सिंह वडाला रैली में लोगों को संबोधित कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कोरोना के इस दौर में भारी भीड़ जुटाकार नियम तोड़े जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक रैली खत्म हो चुकी थी, जिसके बाद वहां समर्थकों में आपसी रंजिश में मारपीट हो गयी और एक पक्ष के बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी, जिसमें से एक गोली सरबजीत के मुंह पर लगी। 

नौ विधानसभा हलकों में 81 उड़नदस्ते कर रहे 24 घंटे निगरानी
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से नौ विधानसभा हलकों में 81 उड़नदस्ते 27 जीपीएस युक्त वाहन व 360 डिग्री कैमरों से लैस फ्लाइंग स्क्वाड की टीमें निगरानी कर रही हैं। इन सभी की डीसी कम जिला चुनाव अधिकारी घनश्याम थोरी ने समीक्षा की।

स्थानीय जिला प्रशासकीय परिसर में इन वाहनों की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान डीसी ने कहा कि पैन टिल्ट जूम कैमरों के साथ लैस ये वाहन 24 घंटे अपने-अपने हलकों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। यदि कोई राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय चुनाव आयोग के आदेश अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जालंधर जिले के नौ विधानसभा हलकों में 9-9 उड़ने दस्ते तैनात है, जिनमें 3-3 टीमें ऐसे वाहनों वाली हैं, जिन पर जीपीएस व कैमरे लगे हैं। 
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पंजाब: फतेहगढ़ साहिब में एक करोड़ 12 लाख रुपये बरामद, बठिंडा में 24 लाख रुपये की नकदी पकड़ी गई

सरहिंद-पटियाला मुख्य मार्ग पर मुल्लेपुर पुलिस ने नाके पर स्विफ्ट कार सवार दो युवकों से एक करोड़ 12 लाख और पचास हजार रुपये की नकदी बरामद की है। फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला पुलिस ने शराब की तस्करी, नकदी व नशीले पदार्थों के प्रवाह को रोकने के उद्देश्य से एक नाका सीआरपीएफ के साथ मिलकर लगाया है।

पुलिस ने जांच के लिए एक स्विफ्ट कार को रुकने का इशारा किया। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक करोड़ 12 लाख और पचास हजार रुपये की नकदी बरामद की। उन्होंने बताया कि कार सवार दोनों युवकों की पहचान समराला निवासी अभिषेक तिवारी और डेराबस्सी निवासी शालिन्दर गौड़ के तौर पर हुई है। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को नकदी के साथ आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है, ताकि मामले की जांच की जा सके कि इतनी रकम किसकी थी और कहां ले जाकर किसे दी जानी थी।

डूमवाली नाके पर गाड़ी से 24 लाख रुपये बरामद
विधानसभा चुनाव के चलते चुनाव आयोग के आदेश पर पंजाब पुलिस एवं सीआरपीएफ द्वारा राज्य की सीमा पर स्थापित किया गया डूमवाली अंतरराज्यीय नाके पर पुलिस ने सोमवार देर शाम एक ऑल्टो कार सवार चार लोगों से 24 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस ने नकदी जब्त कर एआरओ के जरिए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर चुनाव आयोग को भेज दी है। 

गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में पुलिस टीम साढे़ 35 लाख रुपये के करीब नकदी बरामद की है। थाना संगत के एसएचओ राजिंदर सिंह ने बताया कि बीती 17 जनवरी को देर शाम को पथराला पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई हरबंस सिंह व उनकी टीम ने बीएसएफ के जवानों के साथ डूमवाली बैरियर पर जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक ऑल्टो कार में सवार लीला सिंह, शमिंदर सिंह, धर्मवीर सिंह, सिमरजीत सिंह निवासी गांव भैणी बाघा जिला मानसा को शक के आधार पर रोककर उनके सामान की जांच की तो इन लोगों के पास से 24 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। 
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हरियाणा: अब महिला सिपाही भर्ती में भी फर्जीवाड़ा, 1100  चयनित अभ्यर्थियों में से 72 ने झूठे शपथ पत्र दिए

हरियाणा महिला सिपाही भर्ती में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। 1100 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में से 72 के शपथ पत्र झूठे निकले हैं। जांच में पाया गया है कि झूठे शपथ पत्र देकर इन लड़कियों ने सामाजिक-आर्थिक आधार के अतिरिक्त अंक लिए हैं, जबकि इन सभी के घरों में पहले से कोई सदस्य सरकारी नौकरी पर है।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने बताया 15 दिसंबर को भर्ती का फाइनल परिणाम जारी किया गया था। 1100 में से 1044 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन आर्थिक-सामाजिक आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त अंकों के आधार पर हुआ है।

पुलिस वेरिफिकेशन में 72 लड़कियों के शपथ पत्र झूठे मिलने के बाद आयोग ने अतिरिक्त अंक लेकर नौकरी पाने वाली सभी लड़कियों से 28 जनवरी को तहसीलदार हस्ताक्षरित शपथ पत्र जमा कराने को कहा है। इसके बाद भी किसी का दावा गलत मिलता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

पुरुष सिपाही भर्ती में भी नहीं थम रही गड़बड़ी

5500 पुरुष सिपाही भर्ती में भी गड़बड़ी करने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरों के स्थान पेपर देने और दौड़ लगाने वालों की सूची 102 से बढ़कर 133 पहुंच गई है। पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले सब इंस्पेक्टर की भर्ती में 50 (41 पुरुष और 9 महिला) को झूठे शपथ पत्र होने के चलते भर्ती से बाहर किया था। इसके अलावा 86 श्रेणियों की भर्तियों में 1049 अभ्यर्थी सामाजिक-आर्थिक आधार पर अतिरिक्त अंकों का दावा वापस ले चुके हैं।

अतिरिक्त अंकों से बनती है मैरिट

हरियाणा सरकार ने नियम बना रखा है कि जिनके घर में पहले से सरकारी नौकरी नहीं है, उसको आर्थिक-सामाजिक आधार के 5-5 अंक मिलेंगे। इसके तहत परिवार में पिता या पति की मौत हो चुकी है तो उनको 5 अंक और यदि किसी के परिवार में पहले से कोई सरकारी नौकरी में नहीं है तो उसे भी 5 अंक मिलेंगे। इन्हीं अतिरिक्त अंकों के आधार पर मैरिट ऊंची जाती है और हर भर्ती में अतिरिक्त अंकों वाला का चयन अधिक हो रहा है।
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फर्जी पदोन्नति का मामला: पंजाब डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट और हवलदार गिरफ्तार, कई और पुलिसकर्मियों पर है संदेह

पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की सूची जारी करने के मामले में एसआईटी ने मंगलवार को डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार और हवलदार मनी कटोच को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं दोनों ने आदेश की कॉपी टाइप की थी। फर्जी पदोन्नति सूची में मनी कटोच का भी नाम था।  

पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों का सेक्टर-16 के अस्पताल में मेडिकल करवाया। पुलिस दोनों आरोपियों को बुधवार को जिला अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी। सूत्रों के अनुसार, मामले में कई और पुलिसकर्मियों के भूमिका संदेह के घेरे में है। उनको जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसआईटी ने पदोन्नति सूची में शामिल अन्य सभी पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस सूची के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। 

ये है मामला
आठ जनवरी को पंजाब पुलिस की ओर से 11 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की एक सूची जारी की गई थी। इसमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, वरिष्ठ कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के कर्मचारियों के नाम थे। तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को जैसे ही सूची जारी होने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल उसकी प्रति मंगवाई। 

अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए बताया कि उन्होंने ऐसी किसी भी सूची पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न किसी को पदोन्नत किया है। मामले में पिछले मंगलवार को डीजीपी कार्यालय में तैनात डीएसपी की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।

इन 11 पुलिसकर्मियों का नाम था सूची में  
सूची में लोकल रैंक पर तैनात एसआई नरेंद्र सिंह और हरविंदर सिंह को पक्के तौर पर एसआई, हवलदार मनी कटोच को एएसआई, एएसआई जगनंदन सिंह को एसआई, वरिष्ठ कांस्टेबल बरिंदर सिंह को एएसआई, एएसआई जसविंदर सिंह को एसआई, हवलदार मनदीप सिंह को एएसआई, हवलदार अमृतपाल सिंह को एएसआई, हवलदार राजकुमार को एएसआई, एएसआई कुलदीप सिंह को एसआई और एएसआई बलजिंदर सिंह को एसआई बनाया गया था। 
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हरियाणा: भर्तियों में फर्जीवाड़ा दबाने के लिए एचएसएससी कर्मियों को मिल रहे लाखों के ऑफर, नहीं माने तो धमकी

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों में फर्जीवाड़े पकड़े जाने के बाद नौकरी माफिया के लोग आयोग के कर्मचारियों को मामलों को रफा दफा करने के लिए लाखों रुपये के आफर दे रहे हैं। नहीं मानने पर कर्मचारियों को गोली तक मारने की धमकी भी दी जा रही है।

वहीं, आयोग के चेयरमैन से सेटिंग के लिए भी आयोग में तैनात निजी एजेंसियों से माफिया के लोग संपर्क साध रहे हैं और बड़े आफर दे रहे हैं। मामला पुलिस के आला अधिकारियों के पास पहुंचने के चलते एचएसएससी के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी समेत अन्य कर्मचारियों को घरों और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने खुद यह खुलासा किया है। चेयरमैन ने बताया कि पुुरुष सिपाही भर्ती में किसी दूसरे के स्थान पर पेपर देने के मामले में पकड़े गए युवक को छोड़ने के लिए माफिया के सदस्य ने सीधे आयोग के कर्मचारी को फोन किया और 4 या 5 लाख रुपये में मामला रफा दफा करने की बात कही। कर्मचारी द्वारा मना करने पर उसे गोली मारने की धमकी तक दी गई।

इतना ही नहीं आयोग में तैनात एक निजी एजेंसी के संचालक के पास भी माफिया सदस्यों ने फोन किया और कहा कि चेयरमैन से मीटिंग कराओ। हमने 150 लोगों को पहले ऐसे ही नौकरी लगवा रखी है, ये सभी बच्चे जरूरतमंद हैं। हमने पैसे कमाए हैं तो कुछ चेयरमैन भी कमा लेंगे।

खदरी ने बताया कि इन दोनों मामलों की जानकारी डीजीपी और एडीजीपी सीआईडी को दे दी है। इसके बाद चेयरमैन और कुछ कर्मचारियों के घरों और कार्यालयों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही जहां पर पुलिस भर्ती के पीएमटी चल रहा है, वहां भी सादी वर्दी में पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

दो संदिग्ध गाड़ियां पकड़ीं, पुलिस को सौंपी

आयोग के कार्यालय के सामने खड़ी दो संदिग्ध गाड़ियां पकड़ी गई हैं। आयोग के कर्मचारियों ने इनकी वीडियोग्राफी भी की है। दोनों गाड़ियों को पुलिस के हवाले कर दिया है। बताया जाता है कि एक गाड़ी चार दिन पहले पकड़ी गई थी और दूसरी गाड़ी मंगलवार को पकड़ी गई। इन गाड़ियों में कैश, कैडिंडेट के रोल नंबर, कई नकली स्टांप और लैपटॉप मिले हैं। यह गाड़ी दूसरे का पेपर देने वाले युवक की निशानदेही पर पकड़ी गई है। प्रांरभिक जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने दिल्ली पुलिस भर्ती में भी गड़बड़ी की थी।
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खौफनाक खुलासा: प्रेमिका बोली- पहले मेरे पति की हत्या करो, फिर शादी करूंगी

बहन से मिलकर प्रेमी के हाथों जीजा की हत्या कराने के बाद विवाहिता ने पूरी वारदात की वीडियो बनवाई थी, जिसके बाद उसने प्रेमी को पति की हत्या के लिए भी कहा। साथ ही पति को रास्ते से हटाने के बाद ही शादी की शर्त रखी, जब प्रेमी इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो विवाहिता ने उसे जीजा की हत्या में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भी जब प्रेमी हत्या करने के लिए राजी नहीं हुआ तो बहन के माध्यम से पुलिस को शिकायत दिलाई। पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जब आरोपी प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खौफनाक साजिश और हत्या की परतें खुलती चली गईं। 

मूलरूप से करनाल के दाहा-बछिदा निवासी अशोक (मृतक) भारत नगर में रहता था। तीन भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसका सबसे बड़ा भाई बिजेंद्र और मंझला भाई राजू है। तीनों शादीशुदा हैं। अशोक की पत्नी सोनू और राजू की पत्नी ऊषा दोनों सगी बहनें हैं। पांच साल पहले राजू एक फैक्टरी में काम करता था, उसी फैक्टरी में करसिंधू निवासी दीपक भी मालिक का ड्राइवर था। दोनों की दोस्ती हुई और दीपक सोनू के घर आने-जाने लगा।
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