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Chandigarh News: फर्जी टेक सपोर्ट का जाल, विदेशियों से ठगी पर ईडी का शिकंजा

Tue, 25 Aug 2026 02:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 02:38 AM IST
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Fake tech support scam: ED cracks down on fraud targeting foreigners
चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने फर्जी टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर के जरिये अमेरिका और कनाडा के लोगों से ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत चंडीगढ़-मोहाली, पंजाब और मध्य प्रदेश में आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ये ठिकाने विजय राज कपूरिया, वरिंदर राज, मैसर्स इन्फिनम एंटरप्राइजेज एलएलपी और उनसे जुड़े अन्य लोगों व संस्थाओं से संबंधित बताए गए हैं। तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने करीब 20 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद कर जब्त की। इसके अलावा मामले से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं। जांच एजेंसी ने लगभग 50 लाख रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज भी किया है।
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ईडी ने यह जांच पंजाब के एसएएस नगर के सोहाना थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला मोहाली के सेक्टर-108 के एमार के प्लॉट नंबर-29 से संचालित फर्जी कॉल सेंटर से जुड़ा है। पंजाब पुलिस इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
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प्रिंटर, आईपैड और एप्पल-माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट के नाम पर ठगी
ईडी की जांच के अनुसार आरोपियों ने विदेश में मौजूद सहयोगियों के साथ मिलकर अमेरिका और कनाडा के ग्राहकों को निशाना बनाया। आरोप है कि ग्राहकों के कंप्यूटर और अन्य डिवाइस में तकनीकी खराबी दिखाने वाले फर्जी पॉप-अप और लिंक भेजे जाते थे। इन पॉप-अप में टोल-फ्री नंबर दिखाकर लोगों को कथित कॉल सेंटर से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाता था। कॉल सेंटर के ऑपरेटर पहले से तैयार स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते थे। इसके जरिये ग्राहकों को उनके सिस्टम का रिमोट एक्सेस देने और अनावश्यक अथवा काल्पनिक तकनीकी सेवाओं के लिए भुगतान करने के लिए राजी किया जाता था। आरोप है कि इस तरह पीड़ितों से रकम हासिल की गई।
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पेपाल, स्ट्राइप, बैंकिंग चैनल और क्रिप्टो के जरिये रकम का लेनदेन
जांच में सामने आया कि कथित ठगी से हासिल रकम को पे पल, स्ट्रिप, बैंकिंग चैनलों, बिटकॉइन/क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के माध्यम से प्राप्त और ट्रांसफर किया गया। इसके बाद रकम को अमेरिका समेत विभिन्न देशों में स्थित विदेशी संस्थाओं के खातों में भेजा गया। पीएमएलए के तहत आगे की जांच में मैसर्स इन्फिनम एंटरप्राइजेज एलएलपी के बैंक खाते में कई विदेशी संस्थाओं से रकम आने की जानकारी सामने आई। ईडी के मुताबिक इन विदेशी संस्थाओं को संदिग्ध डमी या शेल इकाइयों के तौर पर चिन्हित किया गया है।
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