चंडीगढ़ : बिगड़ रहे हालात, श्मशानघाट में दो से 10 पहुंची आने वाले शवों की संख्या, प्रशासन की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि अब नहीं संभले तो हालात और भयावह हो सकते हैं। नगर निगम के अनुसार इनमें चंडीगढ़ के दो से तीन, जबकि शेष दूसरे राज्यों के मरीजों के शव शामिल हैं।
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चंडीगढ़ में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के दो श्मशानघाट पर आने वाले शवों की संख्या 2 से 10 तक पहुंच गई है। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ राहत व बचाव कार्य में लगे विभागों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब नहीं संभले तो हालात और भयावह हो सकते हैं। नगर निगम के अनुसार इनमें चंडीगढ़ के दो से तीन, जबकि शेष दूसरे राज्यों के मरीजों के शव शामिल हैं।
एमओएच डॉ. अमृत पाल वडिंग ने बताया कि नगर निगम सेक्टर-25 और इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्मशानघाट में कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार करवा रहा है। सेक्टर-25 में 3 प्लेटफार्म पर शवदाह होते हैं। यहां एक प्लेटफार्म पर 2 शवों का एक साथ दाह संस्कार हो सकता है। यहां पर एक इलेक्ट्रिक प्लेटफार्म भी है। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया में 8 प्लेटफार्म हैं, जहां 16 शवों का एक साथ दाह संस्कार किया जा सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक शव दाह की व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है। नवंबर के बाद से 2 से 3 शव ही प्रतिदिन श्मशानघाट में आ रहे थे, जबकि पिछले 15 दिनों में अचानक संख्या बढ़ गई है। एमओएच ने कहा कि अब भी खुद का बचाव नहीं किया तो परिणाम गंभीर होंगे।
कुछ अन्य समुदाय के लोगों ने डीसी व एमओएच से मांग उठाई है कि उनके संबंधियों का भी दाह संस्कार दोनों श्मशानघाट में किया जाए, क्योंकि महामारी से बचाव के लिए उनके पास न बेहतर विकल्प हैं और न दक्ष कर्मचारी। यूटी प्रशासन इस परिस्थिति में उनकी मदद करे।
हम अपनी तरफ से पूरी एहतियात बरत रहे हैं। अन्य शहरों में हो रही समस्याओं को ध्यान में रखकर हमने कर्मचारियों को अलर्ट रखा है। हालांकि, लोगों से अपील कर रहे हैं कि अपना बचाव करें। -डॉ. अमृतपाल वडिंग, एमओएच