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Chandigarh: पंजाब की अदालतों को मिले 143 नए जज, एक साल का प्रशिक्षण हुआ पूरा, जल्द संभालेंगे पद
Fri, 12 Apr 2024 08:42 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Apr 2024 08:42 AM IST
सार
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल ने चंडीगढ़ के नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका में स्वतंत्रता और निष्पक्षता के महत्व और कानून व नवीनतम तकनीकों से अच्छी तरह वाकिफ होने की आवश्यकता पर बल दिया।
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पंजाब को मिले 143 नए जज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब की अदालतों को यह 143 जज मिल गए हैं जो पोस्टिंग मिलते ही अपना पद संभाल लेंगे। न्यायिक अकादमी में 2023-24 बैच के पंजाब के 143 प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों के साल भर के गहन प्रशिक्षण के बाद समापन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस राजेश बिंदल ने की। कार्यक्रम में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व एकेडमी के मुख्य संरक्षक जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया, एकेडमी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन व हाईकोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा तथा अकादमी के निदेशक अजय कुमार शारदा मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन व हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सभी गण्यमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
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उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान और कानून के शासन की संरक्षक है और न्यायिक अधिकारियों के लिए निर्णय लेने में निष्पक्ष और स्वतंत्र होना आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी के साथ उचित व्यवहार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कानून लगातार परिवर्तित होता रहता है और न्यायिक अधिकारियों के लिए नवीनतम परिवर्तनों के साथ बने रहना महत्वपूर्ण है। नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों से अपने काम में ईमानदारी और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का उन्होंने आग्रह किया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के मुख्य संरक्षक जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने नए न्यायिक अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें उनके आगे के कठिन जीवन के बारे में जागरूक किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने नवनियुक्त जजों से अच्छे निर्णय लेने, अच्छा व्यवहार करना, अच्छा सोचने, रहने और बात करने का आह्वान किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें आगाह किया कि वे अपने अधिकार का अति प्रयोग न करें और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के ज्ञान, अनुभव और क्षमता से लगातार सीखते रहें। समारोह में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों ने भी भाग लिया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस राजेश बिंदल ने की। कार्यक्रम में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व एकेडमी के मुख्य संरक्षक जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया, एकेडमी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन व हाईकोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा तथा अकादमी के निदेशक अजय कुमार शारदा मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन व हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सभी गण्यमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
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उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान और कानून के शासन की संरक्षक है और न्यायिक अधिकारियों के लिए निर्णय लेने में निष्पक्ष और स्वतंत्र होना आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी के साथ उचित व्यवहार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कानून लगातार परिवर्तित होता रहता है और न्यायिक अधिकारियों के लिए नवीनतम परिवर्तनों के साथ बने रहना महत्वपूर्ण है। नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों से अपने काम में ईमानदारी और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का उन्होंने आग्रह किया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के मुख्य संरक्षक जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने नए न्यायिक अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें उनके आगे के कठिन जीवन के बारे में जागरूक किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने नवनियुक्त जजों से अच्छे निर्णय लेने, अच्छा व्यवहार करना, अच्छा सोचने, रहने और बात करने का आह्वान किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें आगाह किया कि वे अपने अधिकार का अति प्रयोग न करें और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के ज्ञान, अनुभव और क्षमता से लगातार सीखते रहें। समारोह में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों ने भी भाग लिया।