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Chandigarh News: कंपनियों में शेयरिंग करने के नाम पर दंपती ने ठगे 1.65 करोड़
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चंडीगढ़। मनीमाजरा में दो कंपनियां खाेलकर एक दंपती ने यूएसए से आए परिवार को शेयरिंग के नाम पर ठग लिया। कंपनियों के बजाय अपने निजी खातों में करीब 1.65 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर यह ठगी की गई। इस बारे में पुलिस को शिकायत दी गई। इसके आधार पर लंबी जांच हुई और दोनों पक्षों को बुलाया गया। आरोपी पक्ष नोटिस देने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके चलते अब पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
मामले के संबंध में पुलिस को दी गई शिकायत में पारस आनंत्व पत्नी प्रियंका खुराना निवासी ढकाेली, जीरकपुर ने बताया कि वह वर्ष 2018 में यूएसए से वापस भारत आए थेे। उन्होंने ढकाेली में एक फ्लैट ले लिया था जहां कुछ समय बाद ही उनकी दोस्ती योगेश बट्टा, पत्नी शिवानी व बेटे हर्ष बट्टा के साथ हो गई। दोनों परिवारों के बीच आपस में बिजनेस करने की प्लानिंग हुई। इन्होंने मनीमाजरा में दो अलग-अलग कंपनियां खोली।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी के जितने भी शेयर उनके पास आते थे, वह दोनों कंपनियों के साझे खाते में डालते थे। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि जिन बैंक खातों में उन्होंने पैसे ट्रांसफर किए हुए हैं, वह कंपनी के नहीं बल्कि बट्टा दंपति के सेविंग खाते हैं। इसके बाद उन्होंने खातों में जमा करवाए हुए करीब 1.65 करोड़ रुपये वापस उन्हें देने के लिए तो उन्होंने देने से मना कर दिया। वह पंजाब के विधायक, मंत्री और आईपीएस अफसरों के साथ लिंक बताकर उसे डराता रहा। इस बारे में जब पुलिस को शिकायत दी गई तो आरोपी दंपती जांच में ही शामिल नहीं हुआ। इसके बाद अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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मामले के संबंध में पुलिस को दी गई शिकायत में पारस आनंत्व पत्नी प्रियंका खुराना निवासी ढकाेली, जीरकपुर ने बताया कि वह वर्ष 2018 में यूएसए से वापस भारत आए थेे। उन्होंने ढकाेली में एक फ्लैट ले लिया था जहां कुछ समय बाद ही उनकी दोस्ती योगेश बट्टा, पत्नी शिवानी व बेटे हर्ष बट्टा के साथ हो गई। दोनों परिवारों के बीच आपस में बिजनेस करने की प्लानिंग हुई। इन्होंने मनीमाजरा में दो अलग-अलग कंपनियां खोली।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी के जितने भी शेयर उनके पास आते थे, वह दोनों कंपनियों के साझे खाते में डालते थे। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि जिन बैंक खातों में उन्होंने पैसे ट्रांसफर किए हुए हैं, वह कंपनी के नहीं बल्कि बट्टा दंपति के सेविंग खाते हैं। इसके बाद उन्होंने खातों में जमा करवाए हुए करीब 1.65 करोड़ रुपये वापस उन्हें देने के लिए तो उन्होंने देने से मना कर दिया। वह पंजाब के विधायक, मंत्री और आईपीएस अफसरों के साथ लिंक बताकर उसे डराता रहा। इस बारे में जब पुलिस को शिकायत दी गई तो आरोपी दंपती जांच में ही शामिल नहीं हुआ। इसके बाद अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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