फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Corporation placed coconut ones, site not known

निगम ने नारियल वाले बैठा दिए, साइट का पता नहीं

Fri, 23 Oct 2020 02:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2020 02:21 AM IST
विज्ञापन
Corporation placed coconut ones, site not known
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

चंडीगढ़। नगर निगम ने नारियल वालों को साइट तो आवंटित कर दी लेकिन उनकी सही जगह कौन-सी है, यह जानकारी किसी को नहीं है। ऐसे में नारियल वाले मनमानी जगह पर बैठ गए। संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा के निर्देश पर जांच की गई तो पता चला कि नारियल वाले अनुबंध के अनुसार सड़क से 25 फुट अंदर जाने को तैयार ही नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार साइटों पर बोर्ड या कोई मार्किंग करनी होगी ताकि नारियल वालों की सही जगह का पता चल सके।
नगर निगम शहर में 26 जगहों पर तरबूज व नारियल के लिए साइट बनाई थी। अनुबंध के अनुसार वी-4 व वी-5 सड़क से 25 फुट अंदर नारियल वालों को बैठना था, लेकिन नारियल वाले मनमानी करते हुए सड़क किनारे ही बैठ गए। इस पूरे मामले को अमर उजाला ने 19 अक्तूबर के अंक में ‘यहां नियम नहीं मर्जी चलती है... सड़क किनारे लग रहीं नारियल की फड़ियां, देखने वाला कोई नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद संयुक्त आयुक्त ने तत्काल एक उप निरीक्षक की तैनाती कर सभी नारियल वालों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। सर्वे में पता चला कि असल साइट कौन-सी है, यह पता लगाना ही मुश्किल है। बस सेक्टर व रोड का नाम लिख दिया गया है। ऐसे में कौन-सा नारियल वाला सही बैठा है, कौन-सा गलत, यह तय कर पाना मुश्किल है। वहीं जो नारियल वाले सड़क किनारे बैठे हैं, वह 25 फुट अंदर जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि कोरोना के कारण पहले ही बहुत नुकसान हुआ है। अंदर जाने पर कोई माल नहीं खरीदेगा। इसलिए सबसे पहले साइटों पर बोर्ड या मार्किंग करना जरूरी है। इसके लिए संबंधित जेई या एसडीओ को साथ लेकर जगह सुनिश्चित करानी होगी। उसके बाद ही नारियल वालों से कुछ कहा जा सकता है।
विज्ञापन

कहीं दीवार तो कहीं रेलिंग, कैसे जाएं पीछे
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ साइटों के पीछे या तो दीवार है या रेलिंग। ऐसे में फड़ी वालों की भी मजबूरी है कि वे सड़क से 25 फुट पीछे कैसे जाएं। वहीं कई साइटों पर तो ग्राहकों के खड़े होने तक की जगह नहीं है। स्पष्ट है कि निगम ने साइट आवंटित करते समय भविष्य की समस्याओं को देखा ही नहीं। उस दौरान अधिकारियों का ध्यान केवल राजस्व पर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed