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कोरोना संक्रमणः पंजाब सिविल सचिवालय में लोगों की एंट्री पर पाबंदी, डाक भी बाहर रखी जाएगी
Sat, 11 Jul 2020 10:12 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 11 Jul 2020 10:12 AM IST
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पंजाब सचिवालय
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर पंजाब सिविल सचिवालय-1 और 2 में आम लोगों के दाखिल होने पर पाबंदी लगा दी है। इसकी जानकारी आम राज प्रबंधन विभाग ने दी। प्रमुख सचिव आम राज प्रबंधन ने इस संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। इस संबंध में किसी भी तरह की मुश्किल की स्थिति में अतिरिक्त सचिव प्रशासन के साथ संपर्क किया जा सकता है। कोई भी जरूरी डाक आदि स्वागती काउंटर पर तैनात कर्मचारियों के हवाले करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
फ्रंटलाइन योद्धा आने लगे कोरोना की चपेट में
कोविड-19 के खिलाफ व्यापक रणनीति के साथ जंग लड़ रही पंजाब सरकार को बड़ा झटका लगा है। राज्य में एक ओर तो कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं फ्रंटलाइन पर मोर्चा संभाल रहे सरकार के अनेक अधिकारी कोरोना की चपेट में आने के कारण इलाज करा रहे हैं या उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर लिया है।
शुक्रवार को राज्य सरकार को जहां अपने मुख्य सिविल सचिवालय में आम लोगों और पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगानी पड़ी, वहीं कोरोना के संदिग्ध पाए गए अफसरों के साथ बैठक करने के कारण सूबे के पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा को भी अपना टेस्ट कराना पड़ा। पंजाब में अनलॉक 0.2 के दौरान हर रोज औसतन 4 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो रही है।
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वहीं प्रतिदिन पॉजिटिव केसों की संख्या भी औसतन 125 तक पहुंच गई है। हालांकि राज्य सरकार खतरनाक रूप लेते आंकड़ों को इस आधार पर नजरअंदाज कर रही है कि पंजाब में कोरोना की स्थिति देश के अन्य राज्यों से अच्छी है और यहां मरीजों की स्वस्थ होने की दर भी सबसे ज्यादा है। शुक्रवार को राज्य में कोरोना से 4 लोगों की मौत हुई जबकि 217 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
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फ्रंटलाइन योद्धा आने लगे कोरोना की चपेट में
कोविड-19 के खिलाफ व्यापक रणनीति के साथ जंग लड़ रही पंजाब सरकार को बड़ा झटका लगा है। राज्य में एक ओर तो कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं फ्रंटलाइन पर मोर्चा संभाल रहे सरकार के अनेक अधिकारी कोरोना की चपेट में आने के कारण इलाज करा रहे हैं या उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर लिया है।
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शुक्रवार को राज्य सरकार को जहां अपने मुख्य सिविल सचिवालय में आम लोगों और पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगानी पड़ी, वहीं कोरोना के संदिग्ध पाए गए अफसरों के साथ बैठक करने के कारण सूबे के पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा को भी अपना टेस्ट कराना पड़ा। पंजाब में अनलॉक 0.2 के दौरान हर रोज औसतन 4 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो रही है।
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वहीं प्रतिदिन पॉजिटिव केसों की संख्या भी औसतन 125 तक पहुंच गई है। हालांकि राज्य सरकार खतरनाक रूप लेते आंकड़ों को इस आधार पर नजरअंदाज कर रही है कि पंजाब में कोरोना की स्थिति देश के अन्य राज्यों से अच्छी है और यहां मरीजों की स्वस्थ होने की दर भी सबसे ज्यादा है। शुक्रवार को राज्य में कोरोना से 4 लोगों की मौत हुई जबकि 217 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
विभिन्न जिलों में अफसर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं
इससे पहले राज्य में अब तक विभिन्न जिलों में ऐसे अफसर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जिन पर संबंधित जिलों में कोरोना के खिलाफ जंग की अगुवाई का जिम्मा था। इन अधिकारियों में एडीसी लुधियाना, एसडीएम खन्ना, एडीसी जगराओं, सिविल सर्जन संगरूर, कारपोरेशन आयुक्त होशियारपुर, एसडीएम होशियारपुर, एसडीएम मोहाली, एसडीएम फगवाड़ा, बठिंडा के एक जज, एसडीएम रोपड़ शामिल हैं।
इनके अलावा, जालंधर देहात के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी, एसडीएम शाहकोट, एसडीएम पायल के भी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की सूचना है। वहीं शुक्रवार को पंजाब सिविल सचिवालय के दो अधिकारियों की कोरोना के संदिग्ध मरीज के तौर पर टेस्टिंग की गई है। इससे पहले लोकल बाडी विभाग के एक पीसीएस अधिकारी की रिपोर्ट भी पाजिटिव पाई गई है।
सेहत विभाग ने उपरोक्त अधिकारियों के साथ काम कर रहे स्टाफ के सभी मुलाजिमों और अधिकारियों को सेल्फ क्वारंटीन होने की सलाह दी है। यानी आम लोगों के लिए अब राज्य सरकार की फ्रंटलाइन में अफसरों व मुलाजिमों की कमी हो सकती है, जिस पर सेहत विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है।
तृप्त बाजवा ने कराया कोरोना टेस्ट
पंजाब के पंचायत और उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपना कोरोना संबंधी टेस्ट कराया। मेडिकल टीम ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचकर उनके जांच नमूने लिए। बाजवा ने अपना कोरोना टेस्ट इसलिए कराया है क्योंकि वीरवार को उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें शामिल एक सीनियर अधिकारी को पॉजिटिव पाया गया है।
इनके अलावा, जालंधर देहात के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी, एसडीएम शाहकोट, एसडीएम पायल के भी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की सूचना है। वहीं शुक्रवार को पंजाब सिविल सचिवालय के दो अधिकारियों की कोरोना के संदिग्ध मरीज के तौर पर टेस्टिंग की गई है। इससे पहले लोकल बाडी विभाग के एक पीसीएस अधिकारी की रिपोर्ट भी पाजिटिव पाई गई है।
सेहत विभाग ने उपरोक्त अधिकारियों के साथ काम कर रहे स्टाफ के सभी मुलाजिमों और अधिकारियों को सेल्फ क्वारंटीन होने की सलाह दी है। यानी आम लोगों के लिए अब राज्य सरकार की फ्रंटलाइन में अफसरों व मुलाजिमों की कमी हो सकती है, जिस पर सेहत विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है।
तृप्त बाजवा ने कराया कोरोना टेस्ट
पंजाब के पंचायत और उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपना कोरोना संबंधी टेस्ट कराया। मेडिकल टीम ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचकर उनके जांच नमूने लिए। बाजवा ने अपना कोरोना टेस्ट इसलिए कराया है क्योंकि वीरवार को उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें शामिल एक सीनियर अधिकारी को पॉजिटिव पाया गया है।