Coronavirus: कोरोना से पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा की मौत, चार घंटे की मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार
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कोरोना महामारी से पंजाब में वीरवार को पांचवी मौत हुई। कोरोना महामारी से पंजाब में वीरवार को पांचवी मौत हुई। श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा नहीं रहे। वहीं एक नया केस होशियारपुर जिले के गढ़शंकर में सामने आ गया। इसके साथ की संक्रमित मरीजों की संख्या 47 हो गई है। इनमें 19 नवांशहर जिले, 10 मोहाली, 7 होशियारपुर, 5 जालंधर, 3 लुधियाना, एक पटियाला और दो व्यक्ति अमृतसर जिले से हैं। एक मरीज ठीक होकर घर जा चुका है और महामारी से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
वीरवार को कोरोन संक्रमण होने से श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा का देहांत हो गया। इनसे पहले नवांशहर जिले के 70 वर्षीय बुजुर्ग पाठी की कोरोना से 18 मार्च को मौत हो गई थी। 29 मार्च की रात को अमृतसर के गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दाखिल होशियारपुर जिले के गांव मोरांवाली के एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया था। 30 मार्च को पटियाला में भर्ती लुधियाना के अमरपुरा की 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। 31 मार्च को मोहाली के नया गांव निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन था।
कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित पदमश्री भाई निर्मल सिंह ने वीरवार सुबह साढ़े चार बजे उन्होंने गुरु नानक देव हस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अंतिम सांस ली। निर्मल सिंह खालसा की मौत के समाचार में पंथक हलका स्तब्ध है। उन्हें तीन दिन पहले खांसी-जुकाम व हलका बुखार होने पर गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इससे पहले खालसा कुछ दिन एसजीपीसी द्वारा संचालित श्री गुरु राम दास मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे। वहां के डॉक्टरों को ही इलाज के दौरान उनके कोरोना वायरस से पीड़ित होने का पता चला था। फिर उन्हें गुरु नानक देव हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया।
जहां तीन दिन पहले उनके सैंपल सरकारी मेडिकल कॉलेज में बनी लैब में भेजे गए। बुधवार को मिली रिपोर्ट में उनके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई और वीरवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं खालसा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके घर को क्वारंटीन कर दिया गया। आसपास का एरिया सील कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, निर्मल सिंह खालसा को श्री गुरु राम दास जी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाने वाले दो लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया गया है। इनमें से एक पंजाबी अखबार का पत्रकार बताया जा रहा है।
रागी निर्मल सिंह के संपर्क में आए नौ लोग 28 दिन के लिए क्वारंटीन
उन्होंने थाना नथाना के अधीन भुच्चो चौकी पुलिस को साथ लेकर गांव के लोगों से पूछताछ की। गांव के एक युवक की शादी कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में हुई थी, जहां रागी निर्मल सिंह ने कीर्तन किया था। जिस परिवार के लड़के की शादी थी, उस परिवार के नौ सदस्यों को पड़ोस के दो घरों में 28 दिन के क्वारंटीन किया गया। बाकी पांच लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। इन लोगों में सात महिलाएं शामिल हैं।
14 दिन के लिए क्वारंटीन किए गए वो लोग हैं जो 28 दिन के लिए क्वारंटीन किए गए 9 लोगों के संपर्क में आए थे। डॉ. ने बताया कि उक्त क्वारंटीन किए गए लोगों में से किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण न पाए जाने कारण उन्होंने सैंपल नहीं लिए। उनके पास सैंपल लेने के लिए विभाग के आदेश थे।
चार घंटे की मशक्कत के बाद गांव शुक्रचक्क में खालसा का अंतिम संस्कार
पद्मश्री भाई निर्मल सिंह खालसा का अंतिम संस्कार करने को दो गज जमीन ढूंढने के लिए जिला प्रशासन को चार घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने शाम साढ़े सात बजे के बाद वेरका से दो किलोमीटर की दूरी पर गांव फतेहगढ़ शुक्रचक्क के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया।
गांव के एक समाज सेवक ने जिला प्रशासन को भाई निर्मल सिंह खालसा का अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी जमीन देने की पेशकश की थी। इससे पहले कांग्रेसी पार्षद परमजीत कौर के पति हरपाल सिंह व उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन को वेरका के श्मशान घाट में खालसा का अंतिम संस्कार किए जाने का डट कर विरोध किया।
इसके बाद शहीदां साहिब श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने की योजना बनी लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध किया। एसडीएम विकास हीरा, एडीसीपी हरपाल सिंह रंधावा प्रशासनिक टीम के साथ वेरका स्थित श्मशान घाट पहुंचे लेकिन यहां भी लोगों ने विरोध दर्ज करवाया। इसके बाद एसडीएम टीम के साथ गांव फतेहगढ़ शुक्रचक्क पहुंचे। यहां लोगों ने हजूरी रागी के शव का संस्कार करने के लिए दस कनाल जमीन देने की पेशकश रखी। लोगों ने कहा कि इस स्थान पर हजूरी रागी के नाम की यादगार बनाई जाए। प्रशासन ने उनकी मांग को स्वीकार कर अंतिम संस्कार करवा दिया।
प्रसिद्ध तबलावादक जाकिर हुसैन के साथ हरमंदिर साहिब आए थे खालसा
बाद में श्री हरमंदिर साहिब के सूचना केंद्र कार्यालय में जाकिर हुसैन और अन्य मेहमानों को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया गया था। इस दौरान सूचना केंद्र अधिकारी जसविंदर सिंह जस्सी भी मौजूद थे। जस्सी ने बताया कि वैसे तो इस मुलाकात को एक महीने से अधिक का समय हो चुका है। उनमें बीमारी के कोई लक्षण तो नहीं दिखे, इसके बावजूद वह सेहत विभाग के संपर्क में हैं।
भाई निर्मल सिंह खालसा के घर में कुछ विदेशी मेहमान चार मार्च से ठहरे हुए हैं। जिला प्रशासन ने बुधवार देर रात को भाई खालसा की पत्नी व उनके विदेशी मेहमानों का क्वारंटीन किया। खालसा आठ महीने इंग्लैंड में रहने के बाद लौटे थे। इंग्लैंड से लौटने के बाद उन्होंने 19 मार्च को चंडीगढ़ सेक्टर 27 में एक गुरबाणी कीर्तन दरबार में गुरु शबद का गायन भी किया था। इस कीर्तन दरबार में सैकड़ों की संख्या में संगत मौजूद थी। जिला प्रशासन ने उन लोगों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है जो बीते कुछ महीनों से खालसा के संपर्क में आए हैं।
खालसा की गायन शैली से प्रभावित थे पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह
प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए डॉ. मनमोहन सिंह जितने बार भी सचखंड में नतमस्तक होने आए, एसजीपीसी की तरफ से रिटायर होने के बावजूद भाई निर्मल सिंह खालसा को ही कीर्तन के लिए आमंत्रित किया जाता था। डॉ. मनमोहन सिंह अपनी पत्नी के साथ अमृत वेला में सचखंड में गायन की जाने वाली आसा की वार का कीर्तन श्रवण करते। यह कीर्तन भाई खालसा किया करते थे। एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, डॉ. रूप सिंह सहित कई पंथक लीडरों ने उनके निधन पर दुख जताया है।
गुलाम अली के साथ गुरबाणी की कैसेट निकालना चाहते थे भाई खालसा
भाई निर्मल सिंह खालसा और पाकिस्तान के प्रसिद्ध गजल गायक गुलाम अली के बीच गहरी दोस्ती थी। गुलाम अली जब भी अटारी सड़क सीमा के रास्ते भारत पहुंचते, खालसा उनके स्वागत के लिए बॉर्डर पर होते। गुलाम अली ने भाई खालसा के साथ गुरुबाणी की एक रिकॉर्डिंग का भी फैसला भी किया था। इसकी रिहर्सल भाई खालसा के निवास स्थान पर होती रही, लेकिन भाई खालसा का गुलाम अली के साथ गुरुबाणी की रिकॉर्डिंग करने का सपना पूरा नहीं हो पाया। भाई खालसा के वडाली बंधुओं के साथ भी गहरे संबंध थे।
संत सीचेवाल भी मिले थे दिवंगत हजूरी रागी भाई निर्मल सिंह से
कोरोना की चपेट आकर इस दुनिया से कूच करने वाले श्री हरमिंदर साहिब अमृतसर के साबका हजूरी रागी व पदमश्री भाई निर्मल सिंह खालसा 13 मार्च को जाते जाते कुछ समय के लिए गिंदडपिडी में पदम श्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मिलने चले आए थे। इस दौरान उन्होंने संत सीचेवाल की तरफ से दरिया सतलुज को साफ करने एवं रेलवे पुल के नीचे से मिट्टी निकाल कर उस मिट्टी से दरिया के दोनों तरफ बनाए जा रहे बांध की कार सेवा की बड़े खुले दिल से प्रशंसा करते हुए इस कार्य को दुनिया के लिए एक नई मिसाल करार दिया था।
इस मुलाकात के चलते ही वीरवार दोपहर सेहत विभाग के एक विशेष दस्ते ने सिविल प्रशासन की मौजूदगी में निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में पहुंच कर संत सीचेवाल का बारीकी से चेकअप किया और कुछ सैंपल भी लिए। बाद में गांव सीचेवाल पहुंचने पर शाहकोट व नकोदर के डाक्टरों की टीम ने भी संत सीचेवाल का चेकअप किया गया और दोनों टीमों की तरफ से संत सीचवाल को पूरी तरह स्वास्थ्य करार दिया है। संत सीचेवाल व भाई निर्मल सिंह की मुलाकात दौरान मौजूद रहे दो तीन सेवादारों को उनके घरों में क्वारंटीन कर दिया गया है।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल का कहना है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी भाई निर्मल सिंह से मुलाकात को 20 दिन से ज्यादा समय हो गया है। कोई दिक्कत हो तो उसके लक्षण 14 दिनों में साफ हो जाते है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।