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कोरोनाः संक्रमण कैसे रुकेगा, पॉजिटिव मरीज एक साथ रखे जा रहे...चंडीगढ़ में घोर लापरवाही

Sat, 04 Apr 2020 01:05 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 04 Apr 2020 01:05 PM IST
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Coronavirus, Curfew, Lockdown, Carelessness Regarding Patients in GMCH 32 Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से कैसे रुकेगा, पॉजिटिव मरीजों को तो एक साथ रखा जा रहा है। चंडीगढ़ में यह लापरवाही बरती जा रही है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से जहां यूटी प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तक चिंतित हैं, वहीं सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में भर्ती पॉजिटिव मरीजों को एक साथ रखकर अस्पताल प्रबंधन घोर लापरवाही कर रहा है।
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अस्पताल के ए ब्लॉक में पांचवें तल पर कोरोना के 14 मरीजों को भर्ती किया गया है। गंभीर मसला यह है कि इनमें से कुछ एक ही परिवार के हैं और कुछ आपस में दोस्त हैं। इसलिए परिवार के सदस्यों को एक की कमरे में और दोस्तों को भी एक साथ रखा गया है। इससे संक्रमण फैलते रहने का खतरा बना हुआ है। कायदे से इन सभी मरीजों को अलग-अलग रखा जाना चाहिए, ताकि संक्रमण को दूर किया जा सके।
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एक रूम में रहने के कारण यह पॉजिटिव मरीज एक ही शौचालय का भी प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में अगर इनमें से किसी पर इलाज का असर हो रहा होगा तो पॉजिटिव के संपर्क में रहने के कारण रिपीट टेस्ट लगातार पॉजिटिव ही आ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ भी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
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संदिग्ध मरीजों को भी एक साथ रखा, डॉक्टर व स्टाफ हैरान

पॉजिटिव मरीजों के साथ ही संदिग्ध मरीजों को भी यहां एक साथ आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। हॉस्पिटल प्रशासन की इस हरकत से डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी हैरान हैं। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो संक्रमण कम होने की बजाय बढ़ेगा।

इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ भी संक्रमण की जद में आ जाएंगे। एक डॉक्टर ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि संदिग्ध मरीजों को एक साथ रखकर गलत किया जा रहा है, क्योंकि उन संदिग्धों में अगर एक भी पॉजिटिव मरीज होगा तो वो बाकियों को भी संक्रमित कर देगा।   

अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज गाइडलाइंस के मुताबिक ही किया जा रहा है। चूंकि कोरोना के केस का मामला मैं सीधे नहीं देख रहा, इसलिए इस बारे में ज्यादा जानकारी मैं नहीं दे सकता।
- रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंडेंटेंट

केस-1: जीएमसीएच के ए ब्लॉक के पांचवें तल पर स्थित चेंबर नंबर एक में कोरोना पॉजिटिव पति, पत्नी और उनकी 10 माह की बच्ची एक साथ भर्ती हैं। इन तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एक ही परिवार के होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने इन्हें एक ही कमरे में रखा है।  

केस-2: जीएमसीएच के ए ब्लॉक के पांचवें तल पर स्थित चेंबर नंबर 6 में कोरोना पॉजिटिव मां और उनका बेटा एक साथ भर्ती किए गए हैं। बेटे के संपर्क में आने से ही मां को संक्रमण हुआ था। अब दोनों का एक साथ एक ही कमरे में इलाज चल रहा है। ये साथ में खाते हैं और एक दूसरे से बात करते हैं। इन्हें अस्पताल में घर की कमी महसूस नहीं हो रही।

केस-3: जीएमसीएच के ए ब्लॉक के पांचवें तल पर स्थित चेंबर नंबर 5 और 7 में दो-दो दोस्त एक साथ एक ही रूम में भर्ती हैं। कोरोना जैसी बीमारी की चपेट में आने के बाद भी इनकी दोस्ती का जज्बा कम नहीं हुआ है। ये साथ-साथ रहते हैं, खाते हैं और एक दूसरे से मिलते हैं।
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