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पीजीआई के पूर्व विशेषज्ञ बोले- लोग सावधानी बरतें तो देरी से चरम पर पहुंचेगा कोरोना, कमजोर भी पड़ेगा

Sun, 14 Jun 2020 04:42 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 14 Jun 2020 04:42 PM IST
सार

  • पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ और पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष का दावा
  • देश के तमाम विशेषज्ञों का दावा- जून के आखिरी व जुलाई के मध्य में कोरोना चरम पर पहुंच सकता है

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Corona virus will late reach its peak if people be careful
प्रो. राजेश कुमार

विस्तार

भारत में कोरोना के केसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। देश के कई विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस का चरम (पीक) आना अभी बाकी है। किसी ने जून के आखिरी में संभावना जताई तो किसी ने जुलाई के मध्य में। हालांकि, पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि इस बारे में स्पष्ट अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

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यह सब लोगों पर निर्भर करता है कि कोविड-19 से बचने के लिए वे कितने सावधान हैं? बीमारी से बचाव के लिए मास्क पहनते हैं या नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग व बार-बार हाथ धोने की प्रक्रिया अपनाते हैं या नहीं। यदि नियमों का अधिक लोग पालन करेंगे तो चरम (पीक) देरी से आएगा और इसकी ऊंचाई भी ज्यादा नहीं होगी। ऊंचाई का मतलब यहां कोरोना के केसों से है। चरम पर यदि एक लाख लोगों को बीमार पड़ना था तो सिर्फ 50 हजार लोग पीड़ित होंगे। देरी होने से एक फायदा यह होगा कि तब तक संभव है कि दवाई या वैक्सीन आ जाए, इसलिए सब कुछ लोगों पर निर्भर करता है।
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देश में सामुदायिक प्रसार नहीं, कुछ हिस्सों में हो सकता है
प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि भारत के हर राज्य में प्रकोप की स्थिति अलग-अलग है। पंजाब में स्थिति सामान्य है तो दिल्ली में ज्यादा केस हैं। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि भारत में कोरोना का सामुदायिक प्रसार हो गया है। कुछ इलाकों में हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सामुदायिक प्रसार के संबंध में परिभाषा स्पष्ट है। सामुदायिक प्रसार उस स्थिति को कहते हैं, जब 70 फीसदी बीमारी का सोर्स पता न हो।

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ऐसे रोकें वायरस का ट्रांसमिशन

प्रो. राजेश ने बताया कि अब लोगों को नौकरी-व्यापार के साथ कोरोना से भी बचना है। ऐसे में लोगों के नजदीक जाने से बचना होगा। जब एक साथ कई लोग बात कर रहे हों तो मास्क जरूर पहनकर रखें। ज्यादा बातचीत करने से भी कोरोना के फैलने का खतरा है। बंद जगह पर वायरस ज्यादा फैलता है, जबकि खुली जगहों पर वायरस बाहर निकल जाता है। ऐसी स्थिति में घर, ऑफिस व फैक्ट्री की खिड़कियां व दरवाजे खुले रखें। एक अहम बात यह भी कि लोग इस समय शरीर में दर्द, सिरदर्द, खराश की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना है। जब भी ऐसे लक्षण हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। वायरस का जल्दी पता चलेगा तो रिकवरी जल्दी होगी।

पंजाब, चंडीगढ़ अभी सेफ है
दिल्ली में जो हालात हैं, उससे चंडीगढ़ के लोगों में भी दहशत होने लगी है। हालांकि प्रो. राजेश कहते हैं कि पंजाब व चंडीगढ़ के लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है। यहां स्थिति कंट्रोल में हैं। लोग सतर्क रहेंगे तो चंडीगढ़ में दिल्ली-मुंबई जैसे हालात यहां नहीं होंगे। हालांकि कुछ लापरवाही भारी पड़ सकती हैं। जैसे कि लोग पुलिस को देखकर मास्क लगा लेते हैं लेकिन जब किसी के घर या दोस्तों के के साथ बातचीत करेंगे तो मास्क नाक से नीचे उतार देते हैं। दूसरा, जो लोग बाहर से आ रहे हैं वे खुद से स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें और चेकअप कराएं।

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