कोरोना वायरसः वाघा बार्डर पर फंसी पाकिस्तानी महिला, विदेश से आए लोगों के हाथों पर लगाई मोहर
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अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा के गेट बंद होने के कारण मुंबई से अपने भाई को मिल कर लौटी पाकिस्तानी निवासी खदीजा अटारी सड़क सीमा पर फंस गई है। चार दिन बाद वीजा अवधि खत्म होने के कारण वह न तो मुंबई जा सकती है और न ही उसे पाकिस्तान जाने की आज्ञा है।
अटारी सड़क सीमा के मुख्य गेट से एक किलोमीटर की दूरी पर बैठी खदीजा बार-बार बीएसएफ जवानों को पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाती हुई देखी गई लेकिन उसे पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी गई। खदीजा ने बताया कि वह 28 फरवरी को पाकिस्तान से आई थी। अमृतसर से मुंबई ट्रेन में गई। सोमवार सुबह ट्रेन से ही अमृतसर पहुंची जहां से वह अटारी बॉर्डर आई लेकिन उसे बताया गया कि बॉर्डर के गेट बंद कर दिए गए हैं।
श्री हरमंदिर साहिब आ रहे युवक में कोरोना के लक्षण
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के लिए दुबई से आए एक नौजवान में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद उसे श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवा दिया गया। यह युवक कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा था। सोमवार सुबह वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने गया तो घंटा घर चौक के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर तैनात मेडिकल टीमों ने उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की। खांसी व जुकाम के साथ उसे हल्का बुखार भी थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेज दिया। जहां से उसके सैंपल जांच के लिए में भेज दिए गए हैं।
इसी बीच एसजीपीसी परिसर स्थित श्री गुरु अर्जन देव निवास सराय में कुछ दिन ठहरने के लिए कमरा मांग रहे चीन से आए एक व्यक्ति को सराय के पूछताछ केंद्र में रोक दिया गया। वहां तैनात श्री गुरु राम दास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने इस व्यक्ति को सराय से बाहर भेज कर उसकी जांच की। बाद में उसे श्री गुरु राम दास अस्पताल में स्थापित क्वारंटीन केंद्र में भेज दिया। यह चीनी नागरिक कब से अमृतसर में रह रहा था और कहां से अमृतसर पहुंचा। मेडिकल टीमें इसकी जांच कर रही हैं।
फिरोजपुर: विदेश से आने वाले लोग कंट्रोल रूम में करें सूचित
कोरोना वायरस को लेकर उत्पन्न हुई स्थिति पर निगाह रखने और लोगों की सहायता के लिए जिलास्तरीय कंट्रोल रूम जिला प्रशासकीय काम्पलेक्स के कमरा नंबर-19 में स्थापित किया गया है। डिप्टी कमिश्नर कुलवंत सिंह ने बताया कि यह प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम से अटैच है।
कंट्रोल रूम में टेलीफोन नंबर 01632-244024 है और कंट्रोल रूम दिन रात काम कर रहा है। यहां पर उपयुक्त स्टाफ की तैनाती भी की गई है। कंट्रोल रूमें में स्टाफ विभिन्न शिफ्टों में काम करेगा और स्टाफ को उनकी ड्यूटी के बारे में सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह काफी महत्वपूर्ण कार्य है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अगर लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने फिरोजपुर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने आसपास विदेश से आने वाले लोगों की सूचना इस कंट्रोल रूम पर दें ताकि समय रहते उन तक पहुंच करके उनकी जांच की जा सके। डीसी ने कहा कि विदेश से फिरोजपुर में 702 लोग पहुंचे हैं, 511 की पहचान हो चुकी है, जिन्हें सेहत विभाग देख रहा है, जबकि 191 लोगों की तलाश जारी है।
तरनतारन: विदेशियों की हुई पहचान, हाथ पर मोहर लगाई
सेहत विभाग के लिए कई दिन से सिरदर्द बने उन नागरिकों की पहचान कर ली, जो विदेश से लौटे थे। विभिन्न देशों से 1052 लोग 20 दिन के दौरान लौटे थे। इनमें से 12 लोगों तक पहुंच नहीं पहुंच सकी थी। इससे सेहत विभाग के होश उड़े थे। डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने इनकी खोज के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई।
एसपी (आई) जगजीत सिंह वालिया, डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल, राजबीर सिंह, हरीश बहल, प्रवेश चोपड़ा की टीम ने इन नागरिकों का पता लगाया। इसके बाद सेहत विभाग की टीमों ने उनके घरों में दस्तक देते कोरोना वायरस से देशभर में नुकसान से अवगत करवाया। इसके साथ ही उनके हाथ पर मोहरें लगाई।