मजदूरों को डीसी मुहैया कराएंगे भोजन-दवाइयां, दुष्यंत बोले- श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजें
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हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उद्योग संघ प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे कोरोना के चलते राष्ट्रीय स्तर पर किए गए लॉकडाउन के दौरान अपने-अपने संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजे। राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार की ओर से हर जिले के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
किसी भी प्रकार की समस्या उद्योग जगत उनके समक्ष रख सकता है जिसे केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। हाल ही में, निर्यातकों के लिए भी केंद्रीय जहाज रानी मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री आज उद्योग, श्रम एवं रोजगार विभाग तथा उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ यहां हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ की चौथी मंजिल स्थित कमेटी कक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक भी उपस्थित थे। बैठक में दुष्यंत चौटाला ने उद्यमियों विशेषकर, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों से श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजने का आह्वान किया। क्योंकि एक बड़ी संख्या में देश के उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान व उत्तर-पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व हरियाणा के उद्योगों में कार्यरत हैं।
दुष्यंत ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की है कि वे लॉकडाउन के दौरान कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने और लोगों को सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखने को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक गांव स्तर पर 14 अप्रैल, 2020 तक एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करें। जिसमें भूतपूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों व बड़े पैमाने पर सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले गांव के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल करें।
मजदूरों को डीसी मुहैया कराएंगे भोजन और दवाइयां
हरियाणा सरकार उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा के मजदूरों को घर नहीं लौटने देगी। सरकार ने इनकी सूची तैयार कर संबंधित उपायुक्तों को सौंप दी है। संबंधित उपायुक्त जिलों में स्थापित राहत शिविरों में ऐसे सभी मजदूरों से संपर्क साधकर उन्हें भोजन और दवाओं सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाएंगे। लॉकडाउन के दौरान कोई भी बाहरी मजदूर राहत शिविरों से बाहर न जाए ये भी उपयुक्त सुनिश्चित करेंगे।
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मजदूरों के पलायन की जांच उन्हें आश्रय व भोजन की सुविधा प्रदान करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों को सुनिश्चित करने के लिए सभी अंतर-जिला और अंतरराज्य सीमाओं को पुलिस ने सील कर दिया है।
उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि अन्य राज्यों से वापस लौट रहे हरियाणा के लोगों व मजदूरों को 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाए। उपायुक्त सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वयंसेवकों सहित गांवों के सरपंच, नंबरदार और चौकीदार की भी मदद लें।
लॉकडाउन के मद्देनजर ईंट के भट्टों को भी बंद कर दिया गया है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ईंट भट्टों पर काम करने वालों को आश्रय प्रदान किया जाए। उन्हें पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विदेश से लौटकर लापता हुए लोगों का पता लगाने का काम तेज करें।
स्वास्थ्य विभाग की सहायता से ऐसे लोगों का पता लगाने का काम पुलिस भी कर रही है। मास्क और पीपीई किट की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए और अधिक अधिकार दिए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि पंचकूला, पानीपत और जींद में पोल्ट्री फार्मों के लिए पर्याप्त मात्रा में बाजरा आहार उपलब्ध कराया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो उन्हें बाजरा आहार का अतिरिक्त स्टॉक भी उपलब्ध कराया जा सकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि रबी फसल की खरीद के लिए जल्द ही उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।