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पीजीआई रोहतक में 35 वॉलंटियर्स को दी गई कोरोना वैक्सीन की डोज, वॉलंटियर बनने को संपर्क करें
Tue, 28 Jul 2020 03:32 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, रोहतक
अमर उजाला, रोहतक
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 28 Jul 2020 03:32 PM IST
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कोरोना का मानव परीक्षण
रोहतक पीजीआईएमएस ने 15 और वॉलंटियर को कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन की ट्रायल डोज दी है। सभी का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है, किसी को कोई रिएक्शन नहीं हुआ है। इससे पहले भी संस्थान 20 वॉलंटियर को डोज दी जा चुकी है। यह जानकारी रिसर्च की प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा ने दी। डॉ. वर्मा संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग में बतौर प्रोफेसर तैनात हैं।
डॉ. वर्मा ने बताया कि शुरुआत में देश भर के 12 रिसर्च सेंटरों को 50 वॉलंटियर को कोवैक्सीन की ट्रायल डोज देनी थी। इसमें जब कोई रिएक्शन देखने को नहीं मिला तो अब देश भर में 325 वॉलंटियरको ट्रायल डोज दी जानी है। पहले फेज में 375 वॉलंटियर को यह डोज देनी है, इसमें से 50 पूरे हो चुके हैं। इस 50 में 20 अकेले हमारे पीजीआईएमएस रोहतक से वॉलंटियर हैं।
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अब जो डोज वॉलंटियर को दी जा रही है वह मिक्स है। इसमें लो व हाई डोज दोनों शामिल हैं। इसमें देखा जाएगा कि कोरोना से बचाने के लिए हमें हाई डोज की जरूरत है या लो डोज से काम चल जाएगा। यदि लो डोज वाले वॉलंटियर के शरीर में अधिक एंटी बाडी बनती हैँ तो हाई डोज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डॉ. वर्मा ने बताया कि शुरुआत में देश भर के 12 रिसर्च सेंटरों को 50 वॉलंटियर को कोवैक्सीन की ट्रायल डोज देनी थी। इसमें जब कोई रिएक्शन देखने को नहीं मिला तो अब देश भर में 325 वॉलंटियरको ट्रायल डोज दी जानी है। पहले फेज में 375 वॉलंटियर को यह डोज देनी है, इसमें से 50 पूरे हो चुके हैं। इस 50 में 20 अकेले हमारे पीजीआईएमएस रोहतक से वॉलंटियर हैं।
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अब जो डोज वॉलंटियर को दी जा रही है वह मिक्स है। इसमें लो व हाई डोज दोनों शामिल हैं। इसमें देखा जाएगा कि कोरोना से बचाने के लिए हमें हाई डोज की जरूरत है या लो डोज से काम चल जाएगा। यदि लो डोज वाले वॉलंटियर के शरीर में अधिक एंटी बाडी बनती हैँ तो हाई डोज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
375 के बाद शुरू होगा दूसरा फेज
डॉ. वर्मा ने बताया कि पहला फेज 375 का है। यह लक्ष्य पूरा होने के बाद दूसरे फेज में 750 वॉलंटियर को रिसर्च में शामिल किया जाएगा। यह संख्या पूरे देश के सभी 12 रिसर्च सेंटरों के लिए है। जिसके पास जितने वॉलंटियर आएंगे वह उन्हें रिसर्च में शामिल करेगा।
9416447071 पर वॉलंटियर बनने के लिए करें संपर्क
डॉ. सविता ने बताया कि रिसर्च में वॉलंटियर बनने के इच्छुक व्यक्ति पीजीआईएमएस की कोविड हैल्पलाइन 9416447071 पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं। इस ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए व्यक्ति को अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसमें कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हिस्सा ले सकता है।
9416447071 पर वॉलंटियर बनने के लिए करें संपर्क
डॉ. सविता ने बताया कि रिसर्च में वॉलंटियर बनने के इच्छुक व्यक्ति पीजीआईएमएस की कोविड हैल्पलाइन 9416447071 पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं। इस ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए व्यक्ति को अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसमें कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हिस्सा ले सकता है।