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इस तरह नहीं फैलता कोरोना : अखबार है सुरक्षित, इससे नहीं फैलता संक्रमण
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चंडीगढ़। दुनियाभर में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें अखबार पढ़ने से किसी को कोरोना हुआ हो। हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द लांसेट ने बताया है कि वायरस हवा के माध्यम से फैलता है न कि किसी सतह को छूने से। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी अपने दिशा-निर्देश में इसकी पुष्टि की है कि अखबार को छूना पूरी तरह से सुरक्षित है। देश के जाने-माने विशेषज्ञ भी यही मानते हैं कि अखबार से कोरोना नहीं फैलता है, बल्कि अखबार पढ़ने से प्रमाणित व सटीक सूचनाएं मिलती हैं, जो व्यक्ति को जागरूक बनाती हैं। कोरोना काल में कई अफवाह फैलती हैं, जो लोगों को मानसिक तनाव में डालती हैं। इन सूचनाओं की प्रमाणिकता सिर्फ अखबारों से ही साबित हो सकती है। ऐसे में लोगों को बिना किसी डर के अखबार पढ़ते रहना चाहिए।
अखबार छूना पूरी तरह से सुरक्षित
कई सारे अध्ययनों से साफ हो चुका है कि कोरोना वायरस का फैलाव हवा के माध्यम से ज्यादा है। सतह से वायरस के ट्रांसमिशन होने के बहुत कम अवसर हैं। यही बात अखबार पर लागू होती है, जो कोरोना वायरस से पूरी तरह से सुरक्षित है। कोरोना की पहली लहर में इस तरह के भ्रम जरूर थे कि अखबार या किसी सामान के छूने से कोरोना फैलता है। यदि किसी को फिर भी तसल्ली करनी है तो अखबार पढ़ने के बाद हाथ को धो या सैनिटाइज कर सकता है। कोरोना से बचने के लिए लोगों को चाहिए कि वे घर के बाहर किसी से बात करते वक्त कम से कम छह फुट की दूरी बनाएं। समय-समय पर हाथ धोते रहें और टाइट मास्क लगाएं। -वाईके चावला, पूर्व निदेशक पीजीआई चंडीगढ़
अखबार से नहीं फैलता कोरोना
इस बात के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि अखबार के छूने से कोरोना फैलता है। अखबार बनाने और उसे बांटने में कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जाता है। विश्व के सबसे प्रतिष्ठित जर्नल लांसेट ने भी माना है कि कोरोना का फैलाव हवा के माध्यम से होता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे बंद व भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। अखबार पढ़ने से हमें आसपास होने वाली घटनाओं के बारे में पता चलता है। इस समय अफवाहें भी बहुत फैलती हैं। खासकर कोरोना काल में सच जानने के लिए अखबार पढ़ना बहुत जरूरी है।
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-रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई
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अखबार छूना पूरी तरह से सुरक्षित
कई सारे अध्ययनों से साफ हो चुका है कि कोरोना वायरस का फैलाव हवा के माध्यम से ज्यादा है। सतह से वायरस के ट्रांसमिशन होने के बहुत कम अवसर हैं। यही बात अखबार पर लागू होती है, जो कोरोना वायरस से पूरी तरह से सुरक्षित है। कोरोना की पहली लहर में इस तरह के भ्रम जरूर थे कि अखबार या किसी सामान के छूने से कोरोना फैलता है। यदि किसी को फिर भी तसल्ली करनी है तो अखबार पढ़ने के बाद हाथ को धो या सैनिटाइज कर सकता है। कोरोना से बचने के लिए लोगों को चाहिए कि वे घर के बाहर किसी से बात करते वक्त कम से कम छह फुट की दूरी बनाएं। समय-समय पर हाथ धोते रहें और टाइट मास्क लगाएं। -वाईके चावला, पूर्व निदेशक पीजीआई चंडीगढ़
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अखबार से नहीं फैलता कोरोना
इस बात के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि अखबार के छूने से कोरोना फैलता है। अखबार बनाने और उसे बांटने में कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जाता है। विश्व के सबसे प्रतिष्ठित जर्नल लांसेट ने भी माना है कि कोरोना का फैलाव हवा के माध्यम से होता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे बंद व भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। अखबार पढ़ने से हमें आसपास होने वाली घटनाओं के बारे में पता चलता है। इस समय अफवाहें भी बहुत फैलती हैं। खासकर कोरोना काल में सच जानने के लिए अखबार पढ़ना बहुत जरूरी है।
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-रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई