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Chandigarh News: पीजीआई में आज अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल
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चंडीगढ़। पीजीआई में मंगलवार को अनुबंध कर्मचारियों की 24 घंटे की हड़ताल शुरू होगी। यह हड़ताल सुबह छह बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक चलेगी। हड़ताल के चलते 4 हजार से अधिक अनुबंध कर्मचारी काम पर नहीं रहेंगे, जबकि अस्पताल की व्यवस्था 1200 नियमित कर्मचारियों के भरोसे चलेगी।
पीजीआई प्रशासन ने मरीज सेवाओं को बचाने के लिए पूरे संस्थान को हार्ड कंटिंजेंसी रूटीन पर चलाने का फैसला किया है। पिछले 46 दिनों से जारी आंदोलन का कोई समाधान न निकलने पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने धरना-बंद का एलान किया है। इसका सीधा असर रोजाना 10 से 15 हजार मरीजों की ओपीडी और इनडोर सेवाओं पर पड़ने की आशंका है।
पीजीआई मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की ओर से जारी आदेश के अनुसार हड़ताल के दौरान इमरजेंसी और एडवांस ट्रॉमा सेंटर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नियमित हॉस्पिटल अटेंडेंट, नर्सिंग और सहायक स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। सभी विभागाध्यक्षों को मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
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ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक को सीमित संसाधनों के साथ चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों से स्टाफ को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा। सैनिटेशन, फार्मेसी, लॉन्ड्री, ट्रांसपोर्ट और इंजीनियरिंग सेवाओं को भी हार्ड रूटीन में चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमित सुरक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई है और पुलिस से समन्वय रखा जाएगा। हालात पर नजर रखने के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। सवाल यह है कि क्या 1200 नियमित कर्मचारियों के सहारे इतने बड़े संस्थान की सेवाएं सुचारु रह पाएंगी या फिर हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा।
पीजीआई में नियमित बनाम कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ
नियमित स्टाफ
हॉस्पिटल अटेंडेंट 180
सुरक्षा गार्ड 100
पूर्व सैनिक 180
कुल सुरक्षा कर्मी 280
सैनिटरी अटेंडेंट 350
किचन स्टाफ 100
कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ
हॉस्पिटल अटेंडेंट 2500
सैनिटरी अटेंडेंट 1400
सुरक्षा गार्ड 600
किचन स्टाफ 200
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पीजीआई प्रशासन ने मरीज सेवाओं को बचाने के लिए पूरे संस्थान को हार्ड कंटिंजेंसी रूटीन पर चलाने का फैसला किया है। पिछले 46 दिनों से जारी आंदोलन का कोई समाधान न निकलने पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने धरना-बंद का एलान किया है। इसका सीधा असर रोजाना 10 से 15 हजार मरीजों की ओपीडी और इनडोर सेवाओं पर पड़ने की आशंका है।
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पीजीआई मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की ओर से जारी आदेश के अनुसार हड़ताल के दौरान इमरजेंसी और एडवांस ट्रॉमा सेंटर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नियमित हॉस्पिटल अटेंडेंट, नर्सिंग और सहायक स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। सभी विभागाध्यक्षों को मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
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ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, रेडियोलॉजी, लैब और ब्लड बैंक को सीमित संसाधनों के साथ चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों से स्टाफ को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा। सैनिटेशन, फार्मेसी, लॉन्ड्री, ट्रांसपोर्ट और इंजीनियरिंग सेवाओं को भी हार्ड रूटीन में चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमित सुरक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई है और पुलिस से समन्वय रखा जाएगा। हालात पर नजर रखने के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। सवाल यह है कि क्या 1200 नियमित कर्मचारियों के सहारे इतने बड़े संस्थान की सेवाएं सुचारु रह पाएंगी या फिर हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा।
पीजीआई में नियमित बनाम कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ
नियमित स्टाफ
हॉस्पिटल अटेंडेंट 180
सुरक्षा गार्ड 100
पूर्व सैनिक 180
कुल सुरक्षा कर्मी 280
सैनिटरी अटेंडेंट 350
किचन स्टाफ 100
कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ
हॉस्पिटल अटेंडेंट 2500
सैनिटरी अटेंडेंट 1400
सुरक्षा गार्ड 600
किचन स्टाफ 200