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वोट बांटने के लिए भाजपा ने निर्दलीय व क्षेत्रीय दलों को पैसे बांटे : कांग्रेस
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फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में हारे 39 उम्मीदवारों ने रखी अपनी राय
कहा- प्रलोभन के लिए पुलिस के सहयोग से शराब भी बंटवाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को तलाशने के लिए कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक कमेटी के चेयरमैन करण दलाल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व सह प्रभारी जितेंद्र बघेल समेत तमाम कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में चुनाव हारने वाले 39 प्रत्याशी मौजूद रहे। इनमें से अधिकतर कांग्रेसियों ने बताया कि भाजपा ने कांग्रेस का वोट बांटने के लिए क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को जमकर पैसे बांटे। ईवीएम में कई जगह धांधली की गई। अधिकारी सरकार की कठपुतली बने रहे। पुलिस की मदद से शराब तक बंटवाई गई। वहीं, बैठक में सांसद कुमारी सैलजा के समर्थक रामनिवास राड़ा और शमशेर सिंह गोगी नहीं पहुंचे।
कमेटी के चेयरमैन करण दलाल ने बताया कि हरियाणा का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में था। हर जगह माहौल बना हुआ था। मगर रातों रात चुनाव बदल गया। कोई भी भाजपा की जीत के बारे में नहीं बोल रहा था। कांग्रेस का वोट बांटने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों को पैसा दिया गया। ईवीएम की 99 फीसदी बैटरी से धांधली की बात स्पष्ट हो जाती है। दलाल ने कहा कि एक-एक कर सभी नेताओं से पूछा गया कि हार के क्या कारण रहे? कहां चुनाव आयोग की तरफ से चूक रही, कहां अधिकारियों ने दुरुपयोग किया, कहां सरकारी तंत्र फेल रहा? मौजूदा सांसदों से भी राय मांगी गई। सभी हमारे संपर्क में है। अब रिपोर्ट हाईकमान को दी जाएगी। इसके बाद कोर्ट जाएंगे। बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक और आफताब अहमद भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने कुछ बिंदुओं पर हारे उम्मीदवारों से रिपोर्ट मांगी थी। इनमें चुनाव में पुलिस प्रशासन की भूमिका क्या रही। क्या भाजपा ने जाति के नाम पर वोट मांगे। ईवीएम में कहां-कहां धांधली हुई। वहीं, सहप्रभारी जितेंद्र बघेल ने कहा कि सभी उम्मीदवारों ने धांधली के सबूत दिए हैं। जो लोग बैठक में नहीं पहुंच पाए थे, उनसे भी राय ली जाएगी।
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कहा- प्रलोभन के लिए पुलिस के सहयोग से शराब भी बंटवाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को तलाशने के लिए कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक कमेटी के चेयरमैन करण दलाल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व सह प्रभारी जितेंद्र बघेल समेत तमाम कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में चुनाव हारने वाले 39 प्रत्याशी मौजूद रहे। इनमें से अधिकतर कांग्रेसियों ने बताया कि भाजपा ने कांग्रेस का वोट बांटने के लिए क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को जमकर पैसे बांटे। ईवीएम में कई जगह धांधली की गई। अधिकारी सरकार की कठपुतली बने रहे। पुलिस की मदद से शराब तक बंटवाई गई। वहीं, बैठक में सांसद कुमारी सैलजा के समर्थक रामनिवास राड़ा और शमशेर सिंह गोगी नहीं पहुंचे।
कमेटी के चेयरमैन करण दलाल ने बताया कि हरियाणा का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में था। हर जगह माहौल बना हुआ था। मगर रातों रात चुनाव बदल गया। कोई भी भाजपा की जीत के बारे में नहीं बोल रहा था। कांग्रेस का वोट बांटने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों को पैसा दिया गया। ईवीएम की 99 फीसदी बैटरी से धांधली की बात स्पष्ट हो जाती है। दलाल ने कहा कि एक-एक कर सभी नेताओं से पूछा गया कि हार के क्या कारण रहे? कहां चुनाव आयोग की तरफ से चूक रही, कहां अधिकारियों ने दुरुपयोग किया, कहां सरकारी तंत्र फेल रहा? मौजूदा सांसदों से भी राय मांगी गई। सभी हमारे संपर्क में है। अब रिपोर्ट हाईकमान को दी जाएगी। इसके बाद कोर्ट जाएंगे। बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक और आफताब अहमद भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने कुछ बिंदुओं पर हारे उम्मीदवारों से रिपोर्ट मांगी थी। इनमें चुनाव में पुलिस प्रशासन की भूमिका क्या रही। क्या भाजपा ने जाति के नाम पर वोट मांगे। ईवीएम में कहां-कहां धांधली हुई। वहीं, सहप्रभारी जितेंद्र बघेल ने कहा कि सभी उम्मीदवारों ने धांधली के सबूत दिए हैं। जो लोग बैठक में नहीं पहुंच पाए थे, उनसे भी राय ली जाएगी।
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