Haryana: लोकसभा चुनाव से पहले हाईकमान ने हुड्डा को दिया फ्री हैंड, इस सूची में दूसरे गुट को नहीं मिली जगह
कांग्रेस हरियाणा में लोकसभा चुनाव भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दम पर लड़ेगी। अगर वह इस अग्निपरीक्षा को पास करने में सफल होते हैं तो विधानसभा चुनाव में उनके गुट का ही दबदबा होगा। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हरियाणा की 10 की 10 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।
विस्तार
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फ्री हैंड कर दिया है। तीन दिन पहले लोकसभा क्षेत्रों के लिए लगाए गए कोऑर्डिनेटर की सूची इसकी तस्दीक करती है। हरियाणा में 10 लोकसभा सीटों के लिए जो कोऑर्डिनेटर लगाए गए हैं, वह हुड्डा के खास समर्थक हैं।
खास बात ये है कि 10 में एक भी लोकसभा क्षेत्र में विरोधी गुट के समर्थकों को स्थान नहीं दिया गया है। मौजूदा विधायकों से लेकर पूर्व विधायक भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नजदीकी हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा में कांग्रेस लोकसभा चुनाव हुड्डा के दम पर लड़ेगी।
कोऑर्डिनेटर लोकसभा के लिए प्रत्याशियों के पैनल तैयार करेंगे। जाहिर सी बात है कि टिकट भी हुड्डा के समर्थकों को ही मिलेगी। इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा चुनाव कांग्रेस और खासकर हुड्डा के लिए अग्निपरीक्षा होगी। नेता प्रतिपक्ष ने हाईकमान को आश्वस्त किया है कि लोकसभा चुनावों में हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। हालांकि, ये तो समय ही बताएगा कि कांग्रेस कितनी सीटें जीतती है और फिर विधानसभा चुनाव को लेकर क्या समीकरण रहते हैं।
पिछली बार एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाई थी कांग्रेस
गौरतलब है कि पिछली बार लोकसभा चुनाव में हरियाणा में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को सोनीपत से और दीपेंद्र हुड्डा को रोहतक से ही हार का सामना करना पड़ा था लेकिन कांग्रेस को उम्मीद है कि हरियाणा में नौ साल से सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का लाभ मिलेगा। इसलिए हुड्डा की अगुवाई में पूरे प्रदेश के हलकों में जनआक्रोश रैलियां की जा रही हैं।
कांग्रेस जनरल हाउस की बैठक आज, तय होगी आगामी रणनीति
बुधवार को हरियाणा कांग्रेस के जनरल हाउस की बैठक बुलाई गई है। हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष के साथ-साथ तमाम विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों समेत डेलिगेट्स को निमंत्रण दिया गया है। बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मंथन किया जाएगा। हालांकि, बैठक में कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी के हिस्सा लेने के आसार कम हैं, क्योंकि इससे पहले भी वह बैठकों से दूरी बनाते रहे हैं।